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अखबारों में बधाई संदेश देने वाले सरपंचों को पंचायती राज एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिला उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने उन सरपंचों को पंचायती राज एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने उनके स्पष्ट आदेशों के बावजूद समाचार पत्रों में बधाई संदेश प्रकाशित करवाए थे। उपायुक्त की ओर से बधाई संदेशों को पंचायती फंड का दुरुपयोग मानते हुए जवाब तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि जिला उपायुक्त ने 28 फरवरी को इस आशय के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि कोई भी सरपंच अथवा पंच समाचार पत्रों में होली, दीवाली, लोहड़ी, दशहरा, नववर्ष इत्यादि के मौके पर बधाई संदेश न दें। ऐसा करना पंचायती फंड का दुरुपयोग माना जाएगा। उपायुक्त के आदेश के बाद भी जिला के अनेक सरपंचों की ओर से समाचार पत्रों में होली के उपलक्ष्य में बधाई संदेश जारी किए थे। उपायुक्त ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। बधाई संदेश देने वाले सरपंचों को पंचायती राज एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में ताकीद किया गया है कि वे इस संबंध में 10 दिन के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करें अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मची हुई थी बंदरबांट
दरअसल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालयों और ग्राम सचिवों की मिलीभगत से पंचायती फंड के बंदरबांट का खेल खेला जा रहा था। अधिकारियों द्वारा अपनी जेब भरने के लिए बधाई संदेश दिए जाते थे। इन बधाई संदेशों से ग्राम विकास अथवा ग्राम पंचायत का दूर-दूर तक का कोई वास्ता नहीं था। ऐसे बधाई संदेशों पर सरपंच के साथ-साथ ग्राम सचिव का नाम और फोटो भी प्रकाशित होता था और विज्ञापन का खर्च पंचायती फंड से जारी किया जाता था। विज्ञापन देने के मामले में भी कोई मापदंड नहीं अपनाए जाते थे। अधिकारियों द्वारा चहेतों को ही विज्ञापन दिए जाते थे।
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आरटीआई में मांगा गया है जवाब
ग्राम पंचायतों द्वारा दिए जाने वाले विज्ञापन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में तय होते थे। अधिकारियों के निर्देश पर ग्राम सचिव द्वारा एक बारगी में ही अपने अधीन पंचायतों के विज्ञापन दिए जाते थे। विज्ञापनों की बंदरबांट के मामले में एक जागरूक नागरिक द्वारा बीडीपीओ सिरसा कार्यालय से बकायदा आरटीआई मांगी गई है, जिसमें इसका विवरण मांगा गया है। लेकिन विभाग द्वारा नियत समयावधि में इसकी जानकारी भी नहीं दी गई है।
इन्हें जारी किया गया नोटिस
उपायुक्त कार्यालय की ओर से गांव पन्नीवालामोटा के सरपंच सतबीर, गांव जलालआना की सरपंच रणबीर कौर, नुहियांवाली के सरपंच बाबूराम गेदर, गांव रोहिड़ावाली के सरपंच महेंद्र कालड़ा सहित अन्य को नोटिस जारी किया गया है। उपायुक्त की ओर से खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ओढ़ा को विशेष वाहक के माध्यम से नोटिस भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सिरसा।
जिला उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने उन सरपंचों को पंचायती राज एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने उनके स्पष्ट आदेशों के बावजूद समाचार पत्रों में बधाई संदेश प्रकाशित करवाए थे। उपायुक्त की ओर से बधाई संदेशों को पंचायती फंड का दुरुपयोग मानते हुए जवाब तलब किया है।
उल्लेखनीय है कि जिला उपायुक्त ने 28 फरवरी को इस आशय के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि कोई भी सरपंच अथवा पंच समाचार पत्रों में होली, दीवाली, लोहड़ी, दशहरा, नववर्ष इत्यादि के मौके पर बधाई संदेश न दें। ऐसा करना पंचायती फंड का दुरुपयोग माना जाएगा। उपायुक्त के आदेश के बाद भी जिला के अनेक सरपंचों की ओर से समाचार पत्रों में होली के उपलक्ष्य में बधाई संदेश जारी किए थे। उपायुक्त ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। बधाई संदेश देने वाले सरपंचों को पंचायती राज एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में ताकीद किया गया है कि वे इस संबंध में 10 दिन के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करें अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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मची हुई थी बंदरबांट
दरअसल, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालयों और ग्राम सचिवों की मिलीभगत से पंचायती फंड के बंदरबांट का खेल खेला जा रहा था। अधिकारियों द्वारा अपनी जेब भरने के लिए बधाई संदेश दिए जाते थे। इन बधाई संदेशों से ग्राम विकास अथवा ग्राम पंचायत का दूर-दूर तक का कोई वास्ता नहीं था। ऐसे बधाई संदेशों पर सरपंच के साथ-साथ ग्राम सचिव का नाम और फोटो भी प्रकाशित होता था और विज्ञापन का खर्च पंचायती फंड से जारी किया जाता था। विज्ञापन देने के मामले में भी कोई मापदंड नहीं अपनाए जाते थे। अधिकारियों द्वारा चहेतों को ही विज्ञापन दिए जाते थे।
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आरटीआई में मांगा गया है जवाब
ग्राम पंचायतों द्वारा दिए जाने वाले विज्ञापन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में तय होते थे। अधिकारियों के निर्देश पर ग्राम सचिव द्वारा एक बारगी में ही अपने अधीन पंचायतों के विज्ञापन दिए जाते थे। विज्ञापनों की बंदरबांट के मामले में एक जागरूक नागरिक द्वारा बीडीपीओ सिरसा कार्यालय से बकायदा आरटीआई मांगी गई है, जिसमें इसका विवरण मांगा गया है। लेकिन विभाग द्वारा नियत समयावधि में इसकी जानकारी भी नहीं दी गई है।
इन्हें जारी किया गया नोटिस
उपायुक्त कार्यालय की ओर से गांव पन्नीवालामोटा के सरपंच सतबीर, गांव जलालआना की सरपंच रणबीर कौर, नुहियांवाली के सरपंच बाबूराम गेदर, गांव रोहिड़ावाली के सरपंच महेंद्र कालड़ा सहित अन्य को नोटिस जारी किया गया है। उपायुक्त की ओर से खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ओढ़ा को विशेष वाहक के माध्यम से नोटिस भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।