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विश्व नामधारी समुदाय के मुखिया सतगुरु उदय सिंह की माता का जीवननगर में निधन
Updated Thu, 25 Jan 2018 01:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रानियां (सिरसा)।
विश्व नामधारी समुदाय के मुखिया सतगुरु उदय सिंह महाराज की माता दलीप कौर का बुधवार सुबह 1:40 पर निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार वीरवार दोपहर को किया जाएगा। उनके निधन की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं जीवननगर पहुंचने लगे हैं।
बेबेजी के नाम से मशहूर 83 वर्षीय माता दलीप कौर अपने बड़े पुत्र दलीप सिंह के साथ जीवननगर नामधारी गुरुद्वारा में रहती थीं और काफी समय से बीमार थीं और शुगर व रक्तचाप से पीड़ित थीं उन्हें पैरालिसस होने पर वे पिछले एक सप्ताह से अस्वस्थ थीं। उनके निधन का समाचार सुनकर रानियां सहित पूरे नामधारी क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। उनके श्रद्धालुओं ने अपने प्रतिष्ठान को बंद कर उनके अंतिम दर्शनों के लिए जीवननगर गुरुद्वारा साहिब में पहुंचना शुरू हो गए हैं। इसके अलावा उनके अंतिम दर्शनों की लिए देश विदेश से नामधारी संगत जीवननगर नामधारी गुरुद्वारे में पहुंचना शुरू हो गई हैं। उनकी पार्थिव देह को बुधवार को अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा और वीरवार दोपहर को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। दीन दुखियों की सेवा में सदैव अग्रणी रहने वाली बेबे दलीप कौर दयालू व पूरी तरह से धार्मिक प्रवृत्ति की थी। उनकी कोख से सतगुरु दलीप सिंह व सतगुरु उदय सिंह का जन्म होने के कारण हर कोई उनका आदर करता था। वे नामधारी समुदाय को एकता को बरकरार रखने व लोगों की नामधारी शिक्षाओं पर चलने की प्रेरणा देती रहती थी।
जीवन परिचय:
गऊ गरीब व नामधारी समुदाय के नियमों पर चलने वाला माता दलीप कौर मूल रूप से मानसा के समीप गांव बब्बीआणा के रहने वाले थे, उनका विवाह नामधारी समुदाय के दिवंगत गुरु सतगुरु जगजीत सिंह के छोटे भाई महाराज बीर सिंह के साथ हुआ था। वर्ष 2008 में उनके पति महाराज बीर सिंह का देहांत हो गया हैं और उनके दो पुत्र हैं ठाकुर दलीप सिंह व सतगुुरु उदय सिंह। विश्व नामधारी समुदाय के मुखिया सतगुरु उदय सिंह माता दलीप कौर के छोटे पुत्र हैं और ठाकुर दलीप सिंह उनके बड़े पुत्र हैं। बेबे दलीप कौर अपने बड़े पुत्र ठाकुर दलीप सिंह के साथ जीवननगर में नामधारी गुरुद्वारा में रहती थी।
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रानियां (सिरसा)।
विश्व नामधारी समुदाय के मुखिया सतगुरु उदय सिंह महाराज की माता दलीप कौर का बुधवार सुबह 1:40 पर निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार वीरवार दोपहर को किया जाएगा। उनके निधन की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं जीवननगर पहुंचने लगे हैं।
बेबेजी के नाम से मशहूर 83 वर्षीय माता दलीप कौर अपने बड़े पुत्र दलीप सिंह के साथ जीवननगर नामधारी गुरुद्वारा में रहती थीं और काफी समय से बीमार थीं और शुगर व रक्तचाप से पीड़ित थीं उन्हें पैरालिसस होने पर वे पिछले एक सप्ताह से अस्वस्थ थीं। उनके निधन का समाचार सुनकर रानियां सहित पूरे नामधारी क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। उनके श्रद्धालुओं ने अपने प्रतिष्ठान को बंद कर उनके अंतिम दर्शनों के लिए जीवननगर गुरुद्वारा साहिब में पहुंचना शुरू हो गए हैं। इसके अलावा उनके अंतिम दर्शनों की लिए देश विदेश से नामधारी संगत जीवननगर नामधारी गुरुद्वारे में पहुंचना शुरू हो गई हैं। उनकी पार्थिव देह को बुधवार को अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा और वीरवार दोपहर को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। दीन दुखियों की सेवा में सदैव अग्रणी रहने वाली बेबे दलीप कौर दयालू व पूरी तरह से धार्मिक प्रवृत्ति की थी। उनकी कोख से सतगुरु दलीप सिंह व सतगुरु उदय सिंह का जन्म होने के कारण हर कोई उनका आदर करता था। वे नामधारी समुदाय को एकता को बरकरार रखने व लोगों की नामधारी शिक्षाओं पर चलने की प्रेरणा देती रहती थी।
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जीवन परिचय:
गऊ गरीब व नामधारी समुदाय के नियमों पर चलने वाला माता दलीप कौर मूल रूप से मानसा के समीप गांव बब्बीआणा के रहने वाले थे, उनका विवाह नामधारी समुदाय के दिवंगत गुरु सतगुरु जगजीत सिंह के छोटे भाई महाराज बीर सिंह के साथ हुआ था। वर्ष 2008 में उनके पति महाराज बीर सिंह का देहांत हो गया हैं और उनके दो पुत्र हैं ठाकुर दलीप सिंह व सतगुुरु उदय सिंह। विश्व नामधारी समुदाय के मुखिया सतगुरु उदय सिंह माता दलीप कौर के छोटे पुत्र हैं और ठाकुर दलीप सिंह उनके बड़े पुत्र हैं। बेबे दलीप कौर अपने बड़े पुत्र ठाकुर दलीप सिंह के साथ जीवननगर में नामधारी गुरुद्वारा में रहती थी।
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