फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   इंतजार की घड़ियां हुई समाप्त

इंतजार की घड़ियां हुई समाप्त

Tue, 05 Sep 2017 10:40 PM IST
Updated Tue, 05 Sep 2017 10:40 PM IST
विज्ञापन
इंतजार की घड़ियां हुई समाप्त
इंतजार की घड़ियां हुई समाप्त
विज्ञापन

डेरा सच्चा सौदा में सर्च ऑपरेशन चलाने की मिली हरी झंडी, सेवानिवृत जज केएस पंवार की निगरानी में चलेगा सर्च ऑपरेशन
प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी, 30 अर्द्धसैनिक बलों की कंपनी, दो कंपनी आर्मी और हरियाणा पुलिस के चार हजार जवान होंगे ऑपरेशन में शामिल
700 एकड़ में फैले डेरा मुख्यालय का चप्पा-चप्पा खंगालने की तैयारी, जिस ताले की चाभी नहीं मिली उसे तोड़ देंगे लुहार
आज शुरू हो सकता है ऑपरेशन, कोना-कोना खंगालने में लग सकते हैं कई दिन
हितेश चतुर्वेदी
सिरसा।
आखिकार हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाने की हरी झंडी सरकार को दे दी। हाईकोर्ट ने इसके लिए सेवानिवृत न्यायाधीश केएस पंवार को कमिश्नर नियुक्त किया है। डेरा मुख्यालय में सेवानिवृत न्यायाधीश केएस पंवार की देखरेख में सर्च ऑपरेशन चलेगा। सिरसा प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन की तमाम तैयारियां पहले से ही पूरी कर रखी हैं। डेरा सच्चा सौदा को चारों तरफ सुरक्षा बलों ने घेर रखा है। सेना की दो और अर्द्ध सैनिक बलों की 30 कंपनियां इस इलाके में मौजूद हैं।
हरियाणा पुलिस के करीब तीन हजार जवान भी डेरा सच्चा सौदा के आसपास लगाए गए नाकों पर तैनात हैं। प्रशासनिक सूत्रोें के अनुसार बुधवार को डेरा सच्चा सौदा में सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। करीब एक हजार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा बलों के साथ सर्च ऑपरेशन में शामिल होेंगे। फतेहाबाद, जींद, हिसार व भिवानी से सैकड़ों अधिकारी सिरसा बुलाए गए हैं। सेवानिवृत न्यायाधीश केएस पंवार के नेतृत्व में डेरा सच्चा सौदा का चप्पा-चप्पा खंगाला जाएगा। डेरा के अंदर सैकड़ों हॉल और कमरे हैं। डेरा प्रबंधन इनके ताले खोल दे तो ठीक नहीं तो ये काम लुहारों से करवाया जाएगा। इसके लिए करीब 15 लुहारों से प्रशासन ने संपर्क कर रखा है। सर्च ऑपरेशन में डेरा में मौजूद हर एक भवन और सामान की सूची तैयार की जाएगी। डेरा में चलने वाली हर गतिविधि की रिपोर्ट बनाकर हाईकोर्ट को सौंपा जाएगा। सिरसा में सच्चा सौदा के दो डेेरे हैं। छोटा डेरा शहर के बेगू रोड पर स्थित है। यह डेरा मस्ताना जी के जमाने का है और करीब सौ एकड़ में फैला है। मेन डेरा गांव बेगू से तीन किलो मीटर दूर सदर थाना क्षेत्र में हैं। यह 700 एकड़ में फैला है। इसलिए दोनों डेरे का चप्पा-चप्पा खंगालने में अधिकारियाें और सुरक्षा बलों को कई दिन लगेंगे।
विज्ञापन


बुलेटप्रूफ वाहनों में पहले घुसेंगे सुरक्षा बल
सर्च ऑपरेशन की शुरूआत में सबसे पहले अर्द्ध सैनिक बल और सेना के जवानों को बुलेटप्रूफ वाहनाें में डेरा के अंदर दाखिल किया जाएगा। बम निरोधक दस्ता भी सुरक्षा बलों के साथ रहेगा। आसमान से निगरानी की तैयारी भी पूरी हो चुकी है। ऑपरेशन के दौरान एक हैलीकॉप्टर डेरा सच्चा सौदा के ऊपर मंडराता रहेगा। मंगलवार को सुरक्षा बलों के जवान डेरा सच्चा सौदा के काफी पास आकर डटे हुए हैं। ऑपरेशन के लेकर प्रशासन तनिक भी लापरवाही नहीं बरतना चाहता। सर्च ऑपरेशन को लेकर पूरा प्लान तैयार किया गया है। ऑपरेशन के दौरान सेवानिवृत जज केएस पंवार ,एडीजीपी कानून व्यवस्था, आईजी हिसार अमिताभ ढिल्लो, सिरसा पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी और उपायुक्त प्रभजोत सिंह मौके पर मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


खुल सकते हैं कई राज
डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय का क्षेत्रफल इतना बड़ा है कि शायद ही कोई ऐसा बाहरी शख्स हो जो डेरा के चप्पे-चप्पे से वाकिफ हो। डेरा मुख्यालय करीब 700 एकड़ में फैला हुआ है। बताया जाता है कि डेरा जितना बड़ा बाहर से नजर आता है उतना ही अंडर ग्राउंड है। डेरा के वफादार पुराने सेवादारों के अलावा कोई भी शख्स अंडर ग्राउंड एरिए में नहीं जाता था। जितने भी डेरा अनुयायी डेरा में आते थे वो केवल सत्संग हॉल, मार्केट, स्टेडियम, लंगर हॉल, नामदान हॉल, होटल, खेत खलियान, बाग और कारखानों तक ही जा पाया करते थे। डेरा का काफी बड़ा इलाका ऐसा है जहां सामान्य डेरा प्रेमियों को जाने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में सर्च ऑपरेशन के दौरान डेरा के कई राज खुलकर बाहर आ सकते हैं।

डेरा मुखी की गुफा को लेकर उत्सुकता
आम जनता से लेकर सुरक्षा बलों तक सभी ये जानने की उत्सुकता सबसे ज्यादा है कि डेरा सच्चा प्रमुख की गुफा अंदर से कैसी है। अभी तक इस गुफा के बारे में काल्पनिक बातें ही हो रही हैं। इसका मेन कारण यह है कि डेरा प्रमुख की चार एकड़ में फैली गुफा में किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी। डेरा प्रमुख के बेहद करीबी साधु और साध्वियों के अलावा कोई ऐसा नहीं जो गुफा में जा सकता हो। बताया जाता है कि गुफा दो भाग हैं। पहला भाग ऐसा है जहां डेरा प्रमुख मंत्रियों से मिला करते थे। डेरा प्रबंधन की डेरा प्रमुख के साथ बैठकें इस भाग में होती थी। गुफा का दूसरा भाग बेहद गोपनीय और आलीशान है, यहां डेरा प्रमुख की अनुमति के बिना परिंदा तक भी नहीं फटक सकता। इसलिए लोगों में गुफा के राज को जानने की उत्सुकता बनी हुई है।


साध्वियों के आश्रम का एक दरवाजा खुलता था गुफा की तरफ
डेरा के पूर्व साधुओं की मानें तो डेरा प्रमुख की गुफा का एक रास्ता सीधा साध्वियों के आश्रम की ओर जाता है। आश्रम का एक दरवाजा इस रास्ते की ओर खुलता है। पूर्व साधु दावा करते आ रहे हैं कि साध्वियों को इस रास्ते डेरा प्रमुख की गुफा में ले जाया जाता था। डेरा प्रमुख की सेवा में हर समय सौ से ज्यादा साध्वियां जुटी रहती थी। गुफा के अंदर पुरुष साधुओं को आने की अनुमति नहीं थी। गुफा की देखरेख साध्वियां ही करती हैं। इस गुफा में डेरा प्रमुख महाराजाओं की भांति जीवन जीता था। जो काम राजा अपनी दासियों से लेते थे वहीं काम साध्वियां करती थीं। यौन शोषण की शिकार हुई पूर्व साध्वियां अपने बयान में ये बात कह चुकी है कि जिस जो डेरा प्रमुख को जो साध्वी पसंद आती थी, उसे वो अपने बैड रूम में बुला लिया करता। अधिकांश साध्वियां डेरा प्रमुख को अपना तन मन समर्पित कर देती थी। जो साध्वियां आनकानी करती उन्हें इसकी सजा दी जाती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed