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.किसी मिनी कंट्री से कम नहीं है डेरा सच्चा सौदा,

Sun, 03 Sep 2017 11:49 PM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 11:49 PM IST
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.किसी मिनी कंट्री से कम नहीं है डेरा सच्चा सौदा,
किसी मिनी कंट्री से कम नहीं है डेरा सच्चा सौदा
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पदाधिकारियाें को मंत्रालय की तरह बांटे हुए हैे विभाग
सूई से लेकर हवाई जहाज बनाने की तैयारी में था डेरा
अपनी फोर्स अपनी करेंसी, अपनी बिजली, अपना अनाज, अपना फिल्म स्टूडियो
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
कहने को तो डेरा सच्चा सौदा सिरसा जिले में है पर उसकी अपनी ही अलग सल्तनत थी। आधुनिकता की पटरी पर डेरा तेजी से आगे बढ़ रहा था। वहां पर सब कुछ था। सुई से लेकर हवाई जहाज तक बनाने की तैयारी थी। उत्तर भारत का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियों स्थापित किया जा चुका था। जहां 15 दिन में फिल्म तैयार कर एक रिकार्ड कायम किया गया। ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कमेटियां समन्वय स्थापित करने का कार्य करती थीं। डेरा के अंदर मंत्रालय की भांति विभाग स्थापित किए गए थे। हर विभाग एक एक पाई का हिसाब रखता था।

सिरसा में स्थापित किया सच्चा सौदा
गांव कोटड़ा तहसील गंधे, जिला कोलायत (बिलोचिस्तान) में बेपरवाह शाह मस्ताना महाराज का जन्म हुआ। इनके पिता पिल्लामल गांव में हलवाई की दुकान किया करते थे। माता तुलसां बाई आध्यात्मिक प्रवृत्ति वाली महिला थीं। सावन शाह साईं महाराज ने एक दिन शाह मस्ताना बिलोचिस्तानी को बुलाया और कहा कहा जाओ और हरियाणा इलाके में मालिक के नाम का डंका बजाओ। इस पर मस्ताना महाराज कहने लगे, यह अनपढ़ बाड़ी है। वे सिंधी भाषा बोलते हैं। वहां बागड़ी, हिंदी, पंजाबी लोगों को तो उनकी समझ ही नहीं आएगी। सावण शाह महाराज ने कहा कि मस्ताना शाह तेरी आवाज ही खुदा की आवाज होगी। ऐसे में रूहानियत की बेशुमार बख्शीशें लेकर शाह मस्ताना महाराज सिरसा आए और 29 अप्रैल सन् 1948 को बेगू रोड के एक निर्जन इलाके में एक कुटिया के रूप में डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की। सन् 1948 से 1960 तक खूब सत्संग लगाकर जीवों को राम नाम से जोड़ा। उनके आदेश के अनुसार 28 फरवरी 1960 से लेकर इस वृक्ष को शाह सतनाम सिंह महाराज ने सींचकर बड़ा किया और 1990 के बाद से गुरमीत राम रहीम सिंह डेरा के प्रमुख बने।
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डेरे ने तरक्की वह गुरमीत राम रहीम सिंह के कार्यकाल में की। डेरा का विस्तार गांव नेजिया तक हुआ। आज डेरा किसी मिनी कंट्री से कम नहीं है। डेरा सच्चा सौदा ट्रस्ट ही डेरा का संचालन करता है। इसके आधीन डेरा प्रबंध कमेटी कार्य करती है। डेरा कमेटी में ग्राम पंचायत स्तर पर भंगीदास देखभाल करता है वहां डेरा से मिले दिशा निर्देश को नामचर्चा के दौरान श्रद्धालुओं तक पहुंचाता है। उसके ऊपर सात मेंबर कमेटी, उसके बाद 15, इसके बाद 25 और प्रदेश स्तर पर 45 मेंबर कमेटी होती हैं। ये सभी कमेटियां आपस में तालमेल रखते हुए कार्य करती हैं। हर कमेटी के कार्य की रिपोर्ट डेरा प्रमुख तक पहुुंचाई जाती थीं, अच्छा कार्य करने वालों को सत्संग में ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाता था। महिलाओं के लिए गठित कमेटी में शामिल महिलाओं को सुजान बहने कहा जाता था। इसके साथ ही यूथ वीरांगना संगठन था, जिसमें शामिल महिलाएं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया करती थीं।
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डेरा सच्चा सौदा में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफे यर फोर्स का गठन किया गया, जिसमें करीब 40 हजार श्रद्धालु शामिल थे। जिनकी अपनी वेशूभषा होती है। इसके आधार पर इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है। हर प्रकार की आपदा में यही फोर्स कार्य करती थी। डेरा की अपनी सुरक्षा सिस्टम था सुरक्षागार्ड स्वयं ही तैयार किए जाते थे, जिन्हें कमांडों की भांति प्रशिक्षण दिया जाता था। बाहरी फोर्स पर डेरा कम ही भरोसा करता था। महिला और पुरुषों के अलग-अलग सुरक्षा दस्ते होते थे। डेरा की हर गतिविधि का संचालन एडमिन ब्लॉक से होता था। जिसे आम भाषा में डेरा का पीएमओ कहा जा सकता है। विपाशना चेयरपर्सन की कमान संभाले हुए है। उपाध्यक्ष के रूप में उनके कई सहायक हैं। इसके बाद में हर विभाग का कार्य अलग पदाधिकारी को सौंपा गया है। मंत्रालय की भांति हर पदाधिकारी अपने अपने विभाग की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। जैसे परिवहन विभाग, खेती विभाग, लंगर समिति, मेडिकल विभाग, खेल विभाग, डेयर एवं पशुपालन, समाज एवं कल्याण विभाग, निर्माण विभाग, आईटी विभाग, पंडाल विभाग, बिजली विभाग, साउंड एंड सिस्टम आदि। हर विभाग का अपना-अपना अलग कार्यालय हैै।
राजनीति विंग डेरा का सबसे मजबूत विभाग रहा है। हर प्रदेश का अपना राजनीतिक विंग है। किस पार्टी या किस नेता को समर्थन देना है यही विंग श्रद्धालुओं से फीडबैक लेकर राष्ट्र स्तरीय राजनीतिक विंग को पहुंचाती थी उसके बाद उच्चाधिकारियों से सलाह करते श्रद्धालुओं तक संदेश पहुंचा दिया जाता था कि किस विधानसभा क्षेत्र में किसका समर्थन करना है। इस बार ऐसा पहली बार हुआ जब डेरा ने खुलकर भाजपा का समर्थन किया। डेरा प्रमुख ने पहली बार परिवार के साथ गांव शाहपुर बेगू स्थित मतदान केेंद्र पर मतदान किया था। नतीजा यह रहा कि भाजपा बहुमत के साथ सत्ता में आई। डेरा अपना सब कुछ अपने यहां पर बनाना चाहता था और जरूरत के अधिकतर प्रोडक्ट का निर्माण सिरसा में शुरू किया। एमएसजी कंपनी के उद्घाटन अवसर पर डेरा प्रमुख ने कहा था कि वे सुई से लेकर हवाई जहाज तक यहीं पे बनाएंगे और इसी कथन पर कंपनी कार्य कर रही थी। कंपनियों में कार्य फिलहाल स्थगित है।

डेरा का अपना समाचार पत्र है, जिसका कई राज्यों में प्रकाशन तो कई राज्यों में वितरण होता हैै। डेरा अपनी बात इसी के माध्यम से श्रद्धालुओं तक पहुंचाता रहा है। डेरा ने अपना सौर ऊर्जा पैनल लगाया हुआ है जहां पर अपनी खपत की आधे से ज्यादा बिजली पैदा करने की तैयारी थी। डेरा में उसका अपना सिक्का चलता था। प्लास्टिक के टोकन दिए जाते थे रंग के अनुसार उनकी वैल्यू तय की गई थी कोई डेरा का दुकानदार लेने से इंकार नहीं कर सकता था। डेरा ने अपना फिल्म स्ट्रूिडयो स्थापित किया था। अली मोहम्मद के पास 35 एकड़ में फिल्म शूटिंग रेंज स्थापित की गई। डेरा में माही सिनेमा के नीचे स्टूडियो स्थापित किया गया। जहां पर उत्तर भारत का सबसे बड़ा वीएफएक्स स्टूडियो है। डेरा ने 15 दिन में फिल्म जट्टू इंजीनियर बनाकर रिलीज कर दी थी।
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