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सिरसा: सीएम फ्लाइंग के छापे के विरोध में हड़ताल पर रहे 500 लैब संचालक
Sun, 12 Feb 2023 04:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 12 Feb 2023 04:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। लेबोरेट्री पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के छापों व क्लीनिक एस्टेब्लिशमेंट बिल के विरोध में जिले के 500 लैब संचालक आक्रोश में हैं। लैब संचालकों ने शनिवार को अपनी लेबोरेट्री को ताला लगाकर हड़ताल कर दी और धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के चलते रक्त, यूरिन सहित 80 प्रकार के सामान्य जांच की प्रक्रिया दिनभर बंद रही। इसके कारण लोगों को बिना जांच करवाए ही लौटना।
शनिवार को सुबह 10 बजे जिला लेबोरेट्री एसोसिएशन के सदस्य शहर के टाउन पार्क में एकत्र हुए। लैब संचालकों ने सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। धरने की अध्यक्षता लैब संचालक राजेश गोदारा ने करते हुए कहा कि बीते दिनों सीएम फ्लाइंग की ओर से कई स्थानों पर लैब में छापा कार्रवाई की गई है। इस दौरान टीम लैब संचालक को उठाकर ले गई और उसकी लैब का सामान भी तोड़ दिया गया। इसके विरोध में फतेहाबाद में बीते कई दिनों से लैब संचालक धरना देकर बैठे हैं। इनके समर्थन में शनिवार में प्रदेशभर में लैब संचालक हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से वर्ष 2018-19 में क्लीनिक एस्टेब्लिशमेंट बिल पास किया गया था। इसमें लैब संचालकों को स्थायी रूप से एमबीबीएस व एमडी की नियुक्ति आवश्यक की गई है। इसके बिना वह लैब का संचालन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि सरकार की शह पर अधिकारी जान बूझकर लैब संचालकों को परेशान कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल हो या निजी अस्पताल लैब सिर्फ तकनीशियन ही संभालते हैं। लैब संचालक अगर एमबीबीएस डॉक्टर रखेंगे, तो सारे टेस्ट जनता के लिए महंगे हो जाएंगे। इसका बोझ जनता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लैब संचालकों ने सरकार से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा और डिग्री कर रखी है। लंबे समय से इस काम लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर लैब तकनीशियन के पास कोई डिग्री न हो, तो बेशक अधिकारी कार्रवाई करें। इस मौके पर नवीन जिंदल, दारा सिंह, सुखमंदर सिंह, संदीप सिंह, इकबाल सिंह, राजेश कुमार, संदीप कुमार उपस्थित रहे।
नागरिक अस्पताल की लैब में भी दिखा हड़ताल का प्रभाव
मरीजों रक्त और यूरिन संबंधित होने वाले सभी प्रकार के टेस्ट इन निजी लैब में किए जाते हैं। हड़ताल के चलते जिले की 500 लैब दिनभर बंद रही। शहर में भी 150 लैब बंद होने के कारण लोग परेशान रहे। हालांकि नागरिक अस्पताल की लैब में हड़ताल का प्रभाव देखने को मिला। कई लोग यहां पर जांच करवाने के लिए पहुंचे, लेकिन समय के कारण उन लोगों के सैंपल की जांच नहीं हो पाई।
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मुख्यमंत्री से बातचीत करने के लिए भिवानी में पहुंचे लैब संचालक
जिले के लैब एसोसिएशन के कई सदस्य बातचीत के लिए भिवानी में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री ने लैब संचालकों को समय दिया था। ऐसे में अगर उनकी मांग पर किसी तरह की सुनवाई नहीं हुई तो लैब संचालकों ने अनिश्चितकालीन तौर पर लैब बंद रखने की चेतावनी दे रखी है।
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सिरसा। लेबोरेट्री पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के छापों व क्लीनिक एस्टेब्लिशमेंट बिल के विरोध में जिले के 500 लैब संचालक आक्रोश में हैं। लैब संचालकों ने शनिवार को अपनी लेबोरेट्री को ताला लगाकर हड़ताल कर दी और धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के चलते रक्त, यूरिन सहित 80 प्रकार के सामान्य जांच की प्रक्रिया दिनभर बंद रही। इसके कारण लोगों को बिना जांच करवाए ही लौटना।
शनिवार को सुबह 10 बजे जिला लेबोरेट्री एसोसिएशन के सदस्य शहर के टाउन पार्क में एकत्र हुए। लैब संचालकों ने सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। धरने की अध्यक्षता लैब संचालक राजेश गोदारा ने करते हुए कहा कि बीते दिनों सीएम फ्लाइंग की ओर से कई स्थानों पर लैब में छापा कार्रवाई की गई है। इस दौरान टीम लैब संचालक को उठाकर ले गई और उसकी लैब का सामान भी तोड़ दिया गया। इसके विरोध में फतेहाबाद में बीते कई दिनों से लैब संचालक धरना देकर बैठे हैं। इनके समर्थन में शनिवार में प्रदेशभर में लैब संचालक हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से वर्ष 2018-19 में क्लीनिक एस्टेब्लिशमेंट बिल पास किया गया था। इसमें लैब संचालकों को स्थायी रूप से एमबीबीएस व एमडी की नियुक्ति आवश्यक की गई है। इसके बिना वह लैब का संचालन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि सरकार की शह पर अधिकारी जान बूझकर लैब संचालकों को परेशान कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल हो या निजी अस्पताल लैब सिर्फ तकनीशियन ही संभालते हैं। लैब संचालक अगर एमबीबीएस डॉक्टर रखेंगे, तो सारे टेस्ट जनता के लिए महंगे हो जाएंगे। इसका बोझ जनता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लैब संचालकों ने सरकार से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा और डिग्री कर रखी है। लंबे समय से इस काम लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर लैब तकनीशियन के पास कोई डिग्री न हो, तो बेशक अधिकारी कार्रवाई करें। इस मौके पर नवीन जिंदल, दारा सिंह, सुखमंदर सिंह, संदीप सिंह, इकबाल सिंह, राजेश कुमार, संदीप कुमार उपस्थित रहे।
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नागरिक अस्पताल की लैब में भी दिखा हड़ताल का प्रभाव
मरीजों रक्त और यूरिन संबंधित होने वाले सभी प्रकार के टेस्ट इन निजी लैब में किए जाते हैं। हड़ताल के चलते जिले की 500 लैब दिनभर बंद रही। शहर में भी 150 लैब बंद होने के कारण लोग परेशान रहे। हालांकि नागरिक अस्पताल की लैब में हड़ताल का प्रभाव देखने को मिला। कई लोग यहां पर जांच करवाने के लिए पहुंचे, लेकिन समय के कारण उन लोगों के सैंपल की जांच नहीं हो पाई।
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मुख्यमंत्री से बातचीत करने के लिए भिवानी में पहुंचे लैब संचालक
जिले के लैब एसोसिएशन के कई सदस्य बातचीत के लिए भिवानी में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री ने लैब संचालकों को समय दिया था। ऐसे में अगर उनकी मांग पर किसी तरह की सुनवाई नहीं हुई तो लैब संचालकों ने अनिश्चितकालीन तौर पर लैब बंद रखने की चेतावनी दे रखी है।