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Sirsa News: 50 बच्चे सीखेंगे रचनात्मक लेखन की बारीकियां
Wed, 21 Oct 2026 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 21 Oct 2026 10:51 PM IST
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सिरसा। माता महादेवी कौशिक बाल साहित्य संस्थान ने श्री युवक साहित्य सदन के सहयोग से बुधवार को बरनाला रोड स्थित दी सिरसा स्कूल में पांच दिवसीय बाल साहित्य लेखन कार्यशाला का शुभारंभ किया। इसमें सरकारी और निजी स्कूलों के 50 बच्चे भाग ले रहे हैं।
मुख्य अतिथि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार रहे। अध्यक्षता स्कूल की निदेशिका एवं प्रिंसिपल मनीषा गोदारा ने की। विशिष्ट अतिथि संस्कार भारती के जिला अध्यक्ष जयंत कुमार शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार एवं संस्था संरक्षक प्रो. रूप देवगुण, युवक साहित्य सदन के प्रधान प्रवीण बागला और मुख्य प्रशिक्षक उदय किरौला रहे।
प्रो. सुनील कुमार ने कहानी के माध्यम से गुरु के महत्व को समझाया। संस्थान की अध्यक्ष डॉ. शील कौशिक ने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच बच्चों को अभिव्यक्ति के अवसर देना जरूरी है। कार्यशाला का उद्देश्य लेखन क्षमता विकसित करने के साथ वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है।
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उदय किरौला ने बताया कि बाल प्रहरी पत्रिका और बाल साहित्य संस्थान, अल्मोड़ा की ओर से देश के 16 राज्यों में लगभग 350 ऑफलाइन कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। संस्थान के सचिव हरीश सेठी झिलमिल ने कविता लेखन की बारीकियां समझाईं और बच्चों से दिए गए विषयों पर कविता लिखवाई।
कार्यशाला में स्कॉलर हैवन स्कूल के विद्यार्थियों ने महिला सशक्तीकरण पर नाटक प्रस्तुत किया। हिंदी और अंग्रेजी शब्द लेखन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। बच्चों ने ‘मेरा परिचय’ और ‘मेरा स्कूल’ विषयों पर लेखन तथा पेंटिंग के माध्यम से हस्तलिखित पुस्तक तैयार करने का अभ्यास भी किया। मंच संचालन नेहा शर्मा ने किया और डॉ. मेजर शक्तिराज कौशिक ने आभार जताया।
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मुख्य अतिथि चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार रहे। अध्यक्षता स्कूल की निदेशिका एवं प्रिंसिपल मनीषा गोदारा ने की। विशिष्ट अतिथि संस्कार भारती के जिला अध्यक्ष जयंत कुमार शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार एवं संस्था संरक्षक प्रो. रूप देवगुण, युवक साहित्य सदन के प्रधान प्रवीण बागला और मुख्य प्रशिक्षक उदय किरौला रहे।
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प्रो. सुनील कुमार ने कहानी के माध्यम से गुरु के महत्व को समझाया। संस्थान की अध्यक्ष डॉ. शील कौशिक ने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच बच्चों को अभिव्यक्ति के अवसर देना जरूरी है। कार्यशाला का उद्देश्य लेखन क्षमता विकसित करने के साथ वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है।
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उदय किरौला ने बताया कि बाल प्रहरी पत्रिका और बाल साहित्य संस्थान, अल्मोड़ा की ओर से देश के 16 राज्यों में लगभग 350 ऑफलाइन कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। संस्थान के सचिव हरीश सेठी झिलमिल ने कविता लेखन की बारीकियां समझाईं और बच्चों से दिए गए विषयों पर कविता लिखवाई।
कार्यशाला में स्कॉलर हैवन स्कूल के विद्यार्थियों ने महिला सशक्तीकरण पर नाटक प्रस्तुत किया। हिंदी और अंग्रेजी शब्द लेखन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। बच्चों ने ‘मेरा परिचय’ और ‘मेरा स्कूल’ विषयों पर लेखन तथा पेंटिंग के माध्यम से हस्तलिखित पुस्तक तैयार करने का अभ्यास भी किया। मंच संचालन नेहा शर्मा ने किया और डॉ. मेजर शक्तिराज कौशिक ने आभार जताया।