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गांव शेरगढ़ में किसानों ने फूंका प्रधानमंत्री का पुतला
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:56 AM IST
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गांव शेरगढ़ में किसानों ने फूंका प्रधानमंत्री का पुतला
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। जिले के गांव शेरगढ़ में किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने को गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ. केवी सिंह अपने कार्यकर्ताओं सहित धरनास्थल पर जाकर समर्थन दिया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर डॉ. केवी सिंह ने किसानों से कहा कि मोदी सरकार ने चुनावों के समय अपने घोषणापत्र में देश की जनता से जो वायदे किए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं किया। वायदों में मुख्य रूप से किसानों को फसलों के दाम, बेरोजगार युवाओं को काम और सैनिकों को सम्मान देना मुख्य रूप से शामिल था। लेकिन सरकार बनने के चार साल बाद भी आज न तो किसानों को फसलों के सही दाम मिल रहे हैं, न ही किसानों की आय दोगुनी की है। न ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की है। न ही देश के युवाओं को प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार दिया गया है। न ही सैनिकों को सम्मान देने की बात पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अब सैनिकों के लिए जूते और वर्दी खुद खरीदने की बात कहकर जवानों से सरासर धोखा कर रही है। सरकार ने गन्ना किसानों को भी सात हजार करोड़ रुपये की राहत देने की बात कहकर उन्हें ऊंट के मुंह में जीरे के समान राहत दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गन्ना किसानों को बकाया 22 हजार करोड़ रुपयों की राहत देनी थी। मगर सरकार इस दिशा में उदासीन है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। जिले के गांव शेरगढ़ में किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने को गुरुवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ. केवी सिंह अपने कार्यकर्ताओं सहित धरनास्थल पर जाकर समर्थन दिया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर डॉ. केवी सिंह ने किसानों से कहा कि मोदी सरकार ने चुनावों के समय अपने घोषणापत्र में देश की जनता से जो वायदे किए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं किया। वायदों में मुख्य रूप से किसानों को फसलों के दाम, बेरोजगार युवाओं को काम और सैनिकों को सम्मान देना मुख्य रूप से शामिल था। लेकिन सरकार बनने के चार साल बाद भी आज न तो किसानों को फसलों के सही दाम मिल रहे हैं, न ही किसानों की आय दोगुनी की है। न ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की है। न ही देश के युवाओं को प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार दिया गया है। न ही सैनिकों को सम्मान देने की बात पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अब सैनिकों के लिए जूते और वर्दी खुद खरीदने की बात कहकर जवानों से सरासर धोखा कर रही है। सरकार ने गन्ना किसानों को भी सात हजार करोड़ रुपये की राहत देने की बात कहकर उन्हें ऊंट के मुंह में जीरे के समान राहत दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गन्ना किसानों को बकाया 22 हजार करोड़ रुपयों की राहत देनी थी। मगर सरकार इस दिशा में उदासीन है।