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कोरोना संक्रमित मृतक के दाह संस्कार के लिए प्रशासन ने मंगवाई 100 पीपीई किट, सिरसा नगर परिषद को मिली 40
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नप में आई पीपीई किट।
- फोटो : Sirsa
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कोरोना संक्रमित मरीजों के दाह संस्कार की जिम्मेदारी नगर परिषद के कर्मचारियों को सौंपी गई है। बाकायदा इसके लिए इन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। लेकिन अब सिरसा नगर परिषद के कर्मचारियों के लिए पीपीई किट आ गई है। बीते शुक्रवार को यह पीपीई किट सिरसा पहुंची। प्रशासन ने कुल 100 पीपीई किट मंगवाई है। जिसमें से सिरसा नगर परिषद को 40, डबवाली को 15, कालांवाली को 15, रानियां को 15 और ऐलनाबाद नगर पालिका को भी 15 किट भेजी जाएगी। इन जगहों पर भी स्थानीय कर्मचारी ही कोरोना संक्रमित मरीजों को दाह संस्कार करेंगे। सिरसा नगर परिषद में पांच सफाई कर्मचारी जसंवत, मिठठू, मांगे, संजय, विनोद को प्रशिक्षण दिया गया है। जो कर्मचारी कोरोना संक्रमित मृतक का दाह संस्कार करेंगे, उन कर्मचारियों को प्रति दाह संस्कार के दो हजार रुपये भी दिए जाएंगे। साथ ही कर्मचारियों को पहनी हुई पीपीई किट तुरंत ही नष्ट करनी होगी। इसलिए प्रशासन ने जिले के लिए करीब 100 पीपीई किट मंगवाई है।
ये हैं निर्देश
कोरोना वायरस से अगर किसी शख्स की मौत हो जाती है तो उसका शव परिजनों को सौंपने की बजाए प्रशासन शव का संस्कार करेगा। परिवार वाले दूर से ही मृतक के अंतिम दर्शन कर सकेंगे। इस संबंध में कोविड-19 प्रभावित शवों का निपटान कर रहे लोगों के संक्रमित होने के भय और संभावना को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश सरकार ने गाइडलाइंस जारी की है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस में बताया गया है कि नगर निगमों के सभी आयुक्तों, नगर परिषदों के कार्यकारी अधिकारियों और नगर समितियों के सचिवों को स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशालय ईएमआर डिवीजन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का कड़ा पालन करते हुए शवों का निपटान करने के लिए प्राधिकृत किया है। नगर परिषद सिरसा ने दाह संस्कार के लिए पांच कर्मचारियों को बाकायदा प्रशिक्षण भी दिलवाया है।
आदेशों का उल्लंघन अपराध माना जाएगा
इस संदर्भ में किसी व्यक्ति, संस्था और संगठन द्वारा किसी भी संबंधित आदेश के उल्लंघन को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। नगर निगम आयुक्त इस कार्य के लिए संयुक्त आयुक्त या अधीक्षक अभियंता या कार्यकारी अभियंता के स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी पदनामित करेगा।
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पांच कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी गई है। पीपीई किट मिल चुकी है।
-गुरशरण सिंह, सचिव नगर परिषद सिरसा।
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ये हैं निर्देश
कोरोना वायरस से अगर किसी शख्स की मौत हो जाती है तो उसका शव परिजनों को सौंपने की बजाए प्रशासन शव का संस्कार करेगा। परिवार वाले दूर से ही मृतक के अंतिम दर्शन कर सकेंगे। इस संबंध में कोविड-19 प्रभावित शवों का निपटान कर रहे लोगों के संक्रमित होने के भय और संभावना को मद्देनजर रखते हुए प्रदेश सरकार ने गाइडलाइंस जारी की है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस में बताया गया है कि नगर निगमों के सभी आयुक्तों, नगर परिषदों के कार्यकारी अधिकारियों और नगर समितियों के सचिवों को स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशालय ईएमआर डिवीजन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का कड़ा पालन करते हुए शवों का निपटान करने के लिए प्राधिकृत किया है। नगर परिषद सिरसा ने दाह संस्कार के लिए पांच कर्मचारियों को बाकायदा प्रशिक्षण भी दिलवाया है।
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आदेशों का उल्लंघन अपराध माना जाएगा
इस संदर्भ में किसी व्यक्ति, संस्था और संगठन द्वारा किसी भी संबंधित आदेश के उल्लंघन को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। नगर निगम आयुक्त इस कार्य के लिए संयुक्त आयुक्त या अधीक्षक अभियंता या कार्यकारी अभियंता के स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी पदनामित करेगा।
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पांच कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी गई है। पीपीई किट मिल चुकी है।
-गुरशरण सिंह, सचिव नगर परिषद सिरसा।