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सूची सत्यापित नहीं होने से 33 स्वयंसेवकों को खोनी पड़ी नौकरी
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सिरसा। शिक्षा विभाग एक ओर जहां बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में लगा हुआ है वहीं स्कूल हेड इस कार्य को लेकर बाधा बने हुए हैं। स्कूल हेड द्वारा एजुकेशन वॉलिंटियर का सहयोग ना करने पर 33 आउट ऑफ केंद्रों में दाखिले नहीं हो पाए। साथ ही वॉलिंटियर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।
जिले में ड्राप आउट बच्चों को पढ़ाने के लिए एजुकेशन वॉलिंटियर द्वारा बच्चों को खोजकर नजदीकी स्कूलों से स्त्यापित करवाना था। जिससे उनकी आगे की शिक्षा सुचारू रूप से चल सके। लेकिन सिरसा खंड के स्कूल हेड वॉलिंटियर को बच्चों की सूची सत्यापित कर दाखिला देने से मना कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक एजुकेशन वॉलिंटियर ने बताया कि उनके द्वारा खोजे गए 100 से अधिक बच्चों केे दाखिला समय रहते नहीं हो पाया। दाखिला सुनिश्चित ना होने की स्थिति में आउट ऑफ स्कूल केंद्र नहीं बना और वॉलिंटियर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। वॉलिंटियर ने बताया कि स्कूल हेड द्वार उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। जिसके चलते उन्होंने विभाग को बिना शिकायत दर्ज करवाएं वॉलिंटियर की पोस्ट छोड़ दी। बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा इंटरव्यू के दौरान 66 केंद्रों को चलाने को लेकर 200 उम्मीदवारों का चयन किया गया था। पहले राउंड में 66 वॉलिंटियर को मौका दिया गया था।
नहीं किया सहयोग,100 से अधिक के रुके दाखिले
वॉलंटियर का कहना है कि उन्होंने ड्राप आउट विद्यार्थियों की सूची को जीपीएस नंबर 3, मेला ग्राउंड, राजकीय स्कूल कीर्ति नगर व जीपीएस नंबर 2, मेला ग्राउंड में स्त्यापित करने से मना कर दिया है। स्कूलों ने मना करने का कारण कमरों की कमी, विभाग द्वारा आउट ऑफ स्कूल सेंटर की सूचना ना आना, बच्चों के दाखिले अभी ना करना व लिस्टों को बार बार सत्यापित करने जैसे कारणों के चलते 100 से अधिक बच्चों के दाखिले नहीं हो पाए।
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आउट ऑफ स्कूल के 66 केंद्रों में से 33 पर ही ड्राप आउट बच्चे वैरिफाई हुए हैं। अब पोर्टल बंद हो चुका है। 33 केंद्रों पर बच्चों की सूची सत्यापित ना होने के चलते वहां वॉलिंटियर कार्य नहीं कर पाएंगे। स्कूल हेड द्वारा बच्चों की सूची वैरीफाई ना करने की शिकायत अभी तक नहीं आई है।
-गोपाल कृष्ण शुक्ला, एपीसी समग्र शिक्षा विभाग सिरसा।
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जिले में ड्राप आउट बच्चों को पढ़ाने के लिए एजुकेशन वॉलिंटियर द्वारा बच्चों को खोजकर नजदीकी स्कूलों से स्त्यापित करवाना था। जिससे उनकी आगे की शिक्षा सुचारू रूप से चल सके। लेकिन सिरसा खंड के स्कूल हेड वॉलिंटियर को बच्चों की सूची सत्यापित कर दाखिला देने से मना कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक एजुकेशन वॉलिंटियर ने बताया कि उनके द्वारा खोजे गए 100 से अधिक बच्चों केे दाखिला समय रहते नहीं हो पाया। दाखिला सुनिश्चित ना होने की स्थिति में आउट ऑफ स्कूल केंद्र नहीं बना और वॉलिंटियर को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। वॉलिंटियर ने बताया कि स्कूल हेड द्वार उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। जिसके चलते उन्होंने विभाग को बिना शिकायत दर्ज करवाएं वॉलिंटियर की पोस्ट छोड़ दी। बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा इंटरव्यू के दौरान 66 केंद्रों को चलाने को लेकर 200 उम्मीदवारों का चयन किया गया था। पहले राउंड में 66 वॉलिंटियर को मौका दिया गया था।
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नहीं किया सहयोग,100 से अधिक के रुके दाखिले
वॉलंटियर का कहना है कि उन्होंने ड्राप आउट विद्यार्थियों की सूची को जीपीएस नंबर 3, मेला ग्राउंड, राजकीय स्कूल कीर्ति नगर व जीपीएस नंबर 2, मेला ग्राउंड में स्त्यापित करने से मना कर दिया है। स्कूलों ने मना करने का कारण कमरों की कमी, विभाग द्वारा आउट ऑफ स्कूल सेंटर की सूचना ना आना, बच्चों के दाखिले अभी ना करना व लिस्टों को बार बार सत्यापित करने जैसे कारणों के चलते 100 से अधिक बच्चों के दाखिले नहीं हो पाए।
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आउट ऑफ स्कूल के 66 केंद्रों में से 33 पर ही ड्राप आउट बच्चे वैरिफाई हुए हैं। अब पोर्टल बंद हो चुका है। 33 केंद्रों पर बच्चों की सूची सत्यापित ना होने के चलते वहां वॉलिंटियर कार्य नहीं कर पाएंगे। स्कूल हेड द्वारा बच्चों की सूची वैरीफाई ना करने की शिकायत अभी तक नहीं आई है।
-गोपाल कृष्ण शुक्ला, एपीसी समग्र शिक्षा विभाग सिरसा।