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सीडीएलयू ने यूएमसी कमेटियों का गठन किया, विद्यार्थियों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजे, दोषी पाए जाने पर पेपर रद् या पूरी पर
Updated Tue, 25 Sep 2018 02:32 AM IST
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परीक्षा में नकल करते पकड़े 198 नकलचियों के भविष्य का फैसला चार व आठ अक्टूबर को
सिरसा। सीडीएलयू की पोस्ट ग्रेजुएशन और अंडर ग्रेजुएशन परीक्षाओं में नकल करने वाले 198 नकलचियों की सुनवाई चार व आठ अक्तूबर को होगी। नकलचियों को अपना पक्ष रखने के लिए सीडीएलयू ने नोटिस भेज दिए हैं। इसके अलावा सुनवाई के लिए दो कमेटियों का भी गठन कर दिया है।
सीडीएलयू और विभिन्न कॉलेजों में मई जून 2018 की परीक्षाओं में यूएमसी के करीब 198 केस बने थे। इसमें से करीब 50 लड़कियों पर भी यूएमसी बनी हुई है। इन केसों की सुनवाई के लिए सीडीएलयू की परीक्षा शाखा ने चार व आठ अक्टूबर का दिन तय किया है। ला विभाग के एचओडी जे एस जाखड़ और राजकुमार सलार के नेतृत्व में प्राध्यापकों की दो कमेटियों का गठन किया है। सीडीएलयू में पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में मौजूदा परीक्षाओं में यूएमसी के 40 केस ज्यादा बने हैं। पिछले साल इनकी संख्या करीब 158 थी। सुनवाई के दौरान यदि विद्यार्थी कमेटी के निर्णय से संतुष्ट नहीं होते तो उन्हें करीब एक महीने बाद फिर से सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। यूएमसी वाले केस में कमेटी संबंधित पेपर या फिर सभी पेपर रद्द कर देती है। जबकि फलाइंग दस्ते के साथ दुव्र्यवहार करने वाले यूएमसी केस में कमेटी एक वर्ष तक परीक्षा में बैठने तक प्रतिबंध लगा सकती है।
पिछले वर्ष के करीब दस केसों की भी होगी सुनवाई
सीडीएलयू में पिछले वर्ष 158 यूएमसी केसों की सुनवाई हुई थी। उनमें से करीब दस विद्यार्थी ऐसे हैं जो कि पिछली यूएमसी कमेटी के निर्णय से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने दोबारा से सुनवाई के लिए आवेदन किया। ऐसे दस विद्यार्थियों की तीन अक्टूबर को सुनवाई होगी। डा. एसके गहलावत की अध्यक्षता वाली कमेटी सुनवाई करेगी।
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राजकीय कन्या महाविद्यालय की लड़कियों का रिजल्ट भी सही, 12 में से एक छात्रा पर यूएमसी का केस
13 सितंबर को सीडीएलयू के गेट पर एसएफआई के नेतृत्व में परीक्षा में फेल होने पर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के पेपरों की जांच भी भी सीडीएलयू ने करवा ली है। छात्राओं का आरोप था कि उन्हें कम अंक दिए गए है। इसलिए उनका रिजल्ट रि चैक किया जाए। परीक्षा शाखा ने सीक्रेसी ब्रांच से छात्राओं के पेपर और रिजल्ट ब्रांच से अवार्ड भी चैक करवा लिए। परीक्षा शाखा ने रिजल्ट सही होने की फाइल रजिस्ट्रार को सौंप दी है। उन 12 छात्राओं में से एक छात्रा पर यूएमसी का केस भी बना हुआ है। यह भी जांच में निकला। प्रदर्शन करने वाली 12 छात्राओं में से दस इंग्लिश में फेल थी और दो इतिहास और ज्योग्राफी में। छात्राओं को इसकी सूचना भी भिजवा दी है। छात्राओं ने रिवेल्यूएशन के फार्म भी भर दिए।
कोट्स
लड़कियों का रिजल्ट तैयार करने में कहीं कोई गलती नहीं हुई। परीक्षा शाखा ने पेपर और अवार्ड चैक कर लिए है। इसकी सूचना लड़कियों को भी दे दी गई है। यूएमसी केसों की सुनवाई के लिए विद्यार्थियों को पत्र जारी कर दिए गए है।
राजकुमार सिवाच, कार्यकारी रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।
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सिरसा। सीडीएलयू की पोस्ट ग्रेजुएशन और अंडर ग्रेजुएशन परीक्षाओं में नकल करने वाले 198 नकलचियों की सुनवाई चार व आठ अक्तूबर को होगी। नकलचियों को अपना पक्ष रखने के लिए सीडीएलयू ने नोटिस भेज दिए हैं। इसके अलावा सुनवाई के लिए दो कमेटियों का भी गठन कर दिया है।
सीडीएलयू और विभिन्न कॉलेजों में मई जून 2018 की परीक्षाओं में यूएमसी के करीब 198 केस बने थे। इसमें से करीब 50 लड़कियों पर भी यूएमसी बनी हुई है। इन केसों की सुनवाई के लिए सीडीएलयू की परीक्षा शाखा ने चार व आठ अक्टूबर का दिन तय किया है। ला विभाग के एचओडी जे एस जाखड़ और राजकुमार सलार के नेतृत्व में प्राध्यापकों की दो कमेटियों का गठन किया है। सीडीएलयू में पिछले शैक्षणिक सत्र की तुलना में मौजूदा परीक्षाओं में यूएमसी के 40 केस ज्यादा बने हैं। पिछले साल इनकी संख्या करीब 158 थी। सुनवाई के दौरान यदि विद्यार्थी कमेटी के निर्णय से संतुष्ट नहीं होते तो उन्हें करीब एक महीने बाद फिर से सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। यूएमसी वाले केस में कमेटी संबंधित पेपर या फिर सभी पेपर रद्द कर देती है। जबकि फलाइंग दस्ते के साथ दुव्र्यवहार करने वाले यूएमसी केस में कमेटी एक वर्ष तक परीक्षा में बैठने तक प्रतिबंध लगा सकती है।
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पिछले वर्ष के करीब दस केसों की भी होगी सुनवाई
सीडीएलयू में पिछले वर्ष 158 यूएमसी केसों की सुनवाई हुई थी। उनमें से करीब दस विद्यार्थी ऐसे हैं जो कि पिछली यूएमसी कमेटी के निर्णय से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने दोबारा से सुनवाई के लिए आवेदन किया। ऐसे दस विद्यार्थियों की तीन अक्टूबर को सुनवाई होगी। डा. एसके गहलावत की अध्यक्षता वाली कमेटी सुनवाई करेगी।
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राजकीय कन्या महाविद्यालय की लड़कियों का रिजल्ट भी सही, 12 में से एक छात्रा पर यूएमसी का केस
13 सितंबर को सीडीएलयू के गेट पर एसएफआई के नेतृत्व में परीक्षा में फेल होने पर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं के पेपरों की जांच भी भी सीडीएलयू ने करवा ली है। छात्राओं का आरोप था कि उन्हें कम अंक दिए गए है। इसलिए उनका रिजल्ट रि चैक किया जाए। परीक्षा शाखा ने सीक्रेसी ब्रांच से छात्राओं के पेपर और रिजल्ट ब्रांच से अवार्ड भी चैक करवा लिए। परीक्षा शाखा ने रिजल्ट सही होने की फाइल रजिस्ट्रार को सौंप दी है। उन 12 छात्राओं में से एक छात्रा पर यूएमसी का केस भी बना हुआ है। यह भी जांच में निकला। प्रदर्शन करने वाली 12 छात्राओं में से दस इंग्लिश में फेल थी और दो इतिहास और ज्योग्राफी में। छात्राओं को इसकी सूचना भी भिजवा दी है। छात्राओं ने रिवेल्यूएशन के फार्म भी भर दिए।
कोट्स
लड़कियों का रिजल्ट तैयार करने में कहीं कोई गलती नहीं हुई। परीक्षा शाखा ने पेपर और अवार्ड चैक कर लिए है। इसकी सूचना लड़कियों को भी दे दी गई है। यूएमसी केसों की सुनवाई के लिए विद्यार्थियों को पत्र जारी कर दिए गए है।
राजकुमार सिवाच, कार्यकारी रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।