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Sirsa News: बसों की समस्या से जूझ रहे 24 गांव, ग्रामीण बोले- नेताओं से पक्की गारंटी लेंगे

Fri, 20 Sep 2024 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Fri, 20 Sep 2024 01:31 AM IST
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24 villages are facing the problem of buses, villagers said - will take firm guarantee from the leaders
सिरसा। जिले के 24 गांव बसों के लिए जूझ रहे हैं। इन्हें खुद के वाहनों पर शहर आना-जाना पड़ता है। चुनाव के दौरान गांवों में बसों के संचालन का मुद्दा जोर शोर से उठता है, लेकिन बाद में यह गौण हो जाता है। इस बार भी गांवों में यह मुद्दा उठा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार केवल वादों से काम नहीं चलेगा, राजनेताओं से गांवों में बसों के संचालन को लेकर पक्की गारंटी लेंगे।
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गांव शेरपुरा, नारायणखेड़ा, गदली राजपुताना, फुलकां, माखोसुरानी, केरांवाली, बाजेकां, सिकंदरपुर, भावदीन, सुचान, कोटली, अहमदपुर, मीपरपुर, सुखचैन, केलनियां सहित करीब 24 ऐसे गांव हैं, जहां पर बसें नहीं जाती हैं। शेरपुरा में मात्र 1 बस है, जो सुबह 10:20 पर आती है। इसके बाद कोई बस नहीं है। शहर से गांव शेरपुरा की दूरी 17 किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों को गांव से शहर आने के लिए निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। यही नहीं रात के समय तो कई बार कामकाजी युवाओं को पैदल ही बाजेकां से पैदल जाना पड़ता है। अहमदपुर शहर से 10 किलोमीटर दूर है, लेकिन यहां पर भी बसों का संचालन नहीं है। गांव मीरपुर शहर से 8 किलोमीटर व सिकंदरपुर 3 किलोमीटर है। हाईवे तक ही गांव के मोड़ पर बस आती है और ग्रामीणों को पैदल ही गांव की ओर जाना पड़ता है।
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एक बार चार दिन के चली थी बस
गांव अहमदपुर शहर से 10 किलोमीटर दूर है, गांव में पहले बस सेवा आरंभ हुई थी, लेकिन पिछले 20 सालों से गांव में बस नहीं आई है। बीच में एक बार 4 दिनों के लिए बस चली थी, लेकिन इसे भी बंद कर दिया गया।
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- सतपाल सिंह, ग्रामीण अहमदपुर

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गांव मीरपुर में बस न आने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर में काम के लिए निजी वाहनों पर आना पड़ता है, जो काफी महंगे होते हैं। गांव के विद्यार्थियों को अपने स्तर पर स्कूल व कॉलेज जाना पड़ रहा है।
- छिंद्रपाल सिंह, मीरपुर



सिर्फ एक बस आती है, उसका भी लाभ नहीं
गांव शेरपुरा में एक बस आती है, वह भी सुबह 10:20 पर, जिसका कोई फायदा नहीं है। इसके बाद न तो शहर से गांव में कोई बस आती है और न ही कोई बस जाती है। जिससे गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

- राजेश पिलानियां, शेरपुरा



गांवों में बसें नहीं जा रही हैं, तो इसकी हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। अगर ग्रामीण हमें इसकी शिकायत देते हैं, तो हम प्रयास करेंगे कि गांवों में बसों को भेजा जाए।
- धर्मपाल, कार्यालय अधीाक्षक, रोडवेज निगम।
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