फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   22 acres of land of village Natar has become barren due to black sorghum, queens and Ellenabad are already included in the dark zone

काला शोरा की मार से गांव नटार की 22 एकड़ भूमि हो चुकी बंजर, डार्क जोन में रानियां और ऐलनाबाद पहले ही शामिल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
22 acres of land of village Natar has become barren due to black sorghum, queens and Ellenabad are already included in the dark zone
गांव नटार में बंजर हुई भूमि। - फोटो : Sirsa
सिरसा। शहर के साथ लगते गांव नटार का भूमिगत जल कृषि के लिए उपयोगी नहीं रहा है। यहां काले शोरा (पानी लगाने के बाद जमीन पर काले रंग की परत जम जाती है) की मार से करीब 22 एकड़ भूमि बंजर हो चुकी है। जिसकी वजह से भूमिगत जल लोगों के पीने योग्य भी नहीं रहा है।
विज्ञापन

पिछले एक दशक से नटार गांव के समीप कृषि भूमि में फसल नहीं बोई जा रही। जिसकी मुख्य वजह भूमिगत जल का खराब होना। काला शोरा युक्त पानी से सिंचाई करने पर भूमि की उपजाऊ शक्ति नष्ट हो चुकी है यही कारण भूमि का बंजर होना बताया जा रहा है। देखा जाए तो यहां के करीब 3 से 4 किसान ऐसे हैं जिनकी करीब 22 एकड़ भूमि है। जो पूरी तरह से बंजर हो चुकी है। किसानों के अनुसार पिछले 10 वर्षों से यहां किसी भी प्रकार की फसल नहीं हो रही है। हालांकि यहां सीवरेज पानी की वजह से पिछले कुछ सालों से भूमि में सुधार भी हुआ है। नटार गांव का करीब 2200 एकड़ कृषि रकबा है। जिसमें अधिकांश गेहूं की फसल अधिक बोई जाती है, लेकिन खराब पानी की वजह से गेहूं की पैदावार घटने लगी है। गेहूं की कम होती पैदावार के मद्देनजर कुछ किसानों ने इस बार सरसों की खेती करनी शुरू की है, जिसमें उन्हें फायदा भी नजर आ रहा है। जिले के अन्य क्षेत्र की तुलना में यहां खेती फिर भी कमजोर साबित हो रही है। क्योंकि अन्य क्षेत्र में जहां गेहूं की पैदावार 24 से 28 क्विंटल होती है तो वहीं नटार गांव में 15 से 18 क्विंटल तक रह जाती है।
विज्ञापन

जिले भर की 30 प्रतिशत भूमि में काला शोरा की मात्रा
सिरसा जिले के कुल रकबा 4277 वर्ग किलोमीटर है। जिसकी कुल भूमि में इस समय 30 प्रतिशत काला शोरा की मात्रा पाई जा रही है। वहीं 10 प्रतिशत भूमिगत जल में नमक की मात्रा भी है। जहां काला शोरा अधिक है वहां का जल बिना आरओ के पीने योग्य भी नहीं रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

2.5 तक है काला शोरा की मात्रा
जहां की भूमि में काला शोरा की मात्रा 0.1.5 तक होती है वहां कुछ हद तक सिंचाई के योग्य पानी बनाया जा सकता है। वो भी सिंचाई के दौरान जिप्सम के भरे हुए थैली लगाकर, लेकिन जब यही मात्रा 2.5 तक पहुंच जाती है तो सुधार की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाती है। नटार गांव में काला शोरा की मात्रा अधिक होने से पानी को सिंचाई के काबिल नहीं बनाया जा सकता।
रानियां व ऐलनाबाद डार्क जोन
अमूमन 30 मीटर गहराई पर जलस्तर होने पर उक्त एरिया को डार्क जोन में डाल दिया जाता है। इनमें रानियां खंड में करीब 549.35 वर्ग किलोमीटर एरिया में 34.33 मीटर तक जलस्तर पहुंच चुका है। तो वहीं ऐलनाबाद का 575.46 वर्ग किलोमीटर एरिया में जलस्तर 30.19 मीटर तक चला गया है। वहीं 30 मीटर तक जलस्तर वाले किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन की मंजूरी प्रदान की जाती है।
वर्जन
नटार गांव में काला शोरा की मात्रा अधिक पाई जा रही है। जिसके चलते यहां का पानी सिंचाई के लिए उपयोग नहीं रहा। यही वजह है कि यहां के कुछ किसानों की भूमि बंजर पड़ी हुई है।

-मुकुल मेहता, मिट्टी व जल जांचकर्ता, प्रयोगशाला, सिरसा
वर्जन
सिरसा से खंड रानिया और ऐलनाबाद डार्क जोन में है। जहां के किसानों को सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। डार्क जोन वाले किसानों को सूक्ष्म सिंचाई व फव्वारा सिस्टम तकनीक अपनाने की जानकारी दी जाती है। ताकि जल का संरक्षण किया जा सके।
चंद्रप्रकाश, सहायक भूवैज्ञानिक, सिरसा ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed