फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   उद्घाटन के इंतजार में जर्जर हुआ स्लाटर हाऊस

उद्घाटन के इंतजार में जर्जर हुआ स्लाटर हाऊस

Sat, 23 Dec 2017 01:33 AM IST
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:33 AM IST
विज्ञापन
उद्घाटन के इंतजार में जर्जर हुआ स्लाटर हाऊस
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

ऐलनाबाद (सिरसा)।
आम जनता की सुविधाओं हेतु सरकार चाहे लाख प्रयत्न कर ले परंतु उन सुविधाओं का लाभ जनता को तब तक नहीं मिल सकता जब तक कि संबंधित विभागों के अधिकारी सरकार के प्रयत्नों को अमलीजामा पहनाने में रुचि न लें। ऐलनाबाद में 11 वर्ष पूर्व लाखों रुपयों की लागत से बने स्लाटर हाउस (पशुवध गृह) की दुर्दशा देखकर लोग प्रशासन और शासन को कोस रहे है। नवनिर्मित भवन उद्घाटन की बाट जोहते-जोहते शरारती तत्वों की गतिविधियों का शिकार होकर रह गया है।
प्रशासन की उदासीनता के चलते इसका उपयोग अभी तक शुरू नहीं हो पाया है वहीं मांस बिक्री के लिए भेड़, बकरियों आदि को अभी भी कसाइयाें द्वारा सरेआम गलियों और सड़कों पर स्थित कमरानुमा दुकानों या खोखों में काटा जा रहा है, जिससे आमजन बुरी तरह परेशान हैं। सुनसान इलाके में बने इस स्लाटर हाउस का भव्य भवन का लंबे अर्से तक कोई उपयोग न होने का लुत्फ शरारती तत्वों ने उठाया तथा स्लाटर हाउस के रोशनदानों में लगे शीशे, दरवाजे चौखटे आदि भी उखाड़कर ले गए। इसके अलावा दीमक ने भी कई दरवाजों को चटकर बुरी तरह से खोखला कर दिया है और वध गृह के परिसर में कंटीली झाड़ियां उग आई हैं।
विज्ञापन


मीट विक्रेताओं के लिए ये हैं नियम
इस प्रकार के पशु वध गृह का निर्माण इसलिए करवाया जाता है, ताकि मांस विक्रेता गला-सड़ा मांस न बेच सकें तथा गली-मोहल्लों में पशुओं को न काटा जाए। कायदे के मुताबिक स्लाटर हाउस में एक पशु चिकित्सक की नियुक्ति की जाती है जो यहां लाए जाने वाले पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद स्वस्थ पाए जाने पर ही उसे काटे जाने की अनुमति प्रदान करता है। इस प्रक्रिया में यह सुनिश्चित कर लिया जाता है कि पशु किसी भी बीमारी से ग्रस्त नहीं है तथा इसका मांस खाना हानिकारक नहीं हो सकता परंतु ऐलनाबाद में काटे जाने वाले पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए चिकित्सक होने की बात तो दूर पशु वध गृह का उपयोग ही नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐलनाबाद में है मीट की 9 दुकानें
नगर में रेलवे रोड, डबवाली रोड, ममेरां रोड के अलावा वार्ड नंबर एक और दो में कुल नौ मीट की दुकानें हैं इन में से कई दुकानें या खोखे तो धार्मिक स्थल एवं स्कूल से सटे हुए हैं। स्कूल जाने वाले नन्हे बच्चों और धार्मिक स्थल में आने वाले श्रद्धालुओं पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते ऐलनाबाद में बड़ी उम्र के पशुओं के अलावा बीमार तथा विभिन्न दुर्घटनाओं में घंटो पहले मरे पशुओं का मांस भी मांस विक्रेताओं द्वारा बेचे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। स्लाटर हाउस का उपयोग न होने के कारण पशुओं के पेट से निकली गंदगी को गलियों में ही फेंक दिया जाता है जिससे वातावरण में बदबू के साथ-साथ संक्रमण फैलता है।


क्या कहते हैं पालिका सचिव
नगर पालिका सचिव सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस स्लाटर हाउस में संक्रमण और प्रदूषण को रोकने के लिए पहले एक प्लांट स्थापित किया जाना है, जिसके लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है जब यह प्लांट यहां लग जाएगा तब ही स्लाटर हाउस चालू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि उस से प्लांट से यहां फैलने वाले खून और मांस के टुकड़ों से गंदगी आदि से संक्रमण नहीं होगा तथा वायु प्रदूषण भी नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed