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प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों की हड़ताल से सिविल अस्पताल में लगी मरीजों की कतार
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट के विरोध में आईएमए के बैनर तले सिरसा के प्राइवेट डॉक्टरों ने अपने अस्पताल बंद रखकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। निजी अस्पतालों में हड़ताल होने पर मरीजों की भीड़ सरकारी अस्पतालों में खासी उमड़ती दिखाई दी। मरीज दिनभर लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। हड़ताल से अनजान मरीज इलाज के लिए वहां पहुंचे तो हड़ताल की खबर सुनकर वापस जाने पर मजबूर हुए। ऐसे में एकमात्र विकल्प केवल सामान्य अस्पताल ही रहा। सामान्य अस्पताल में दिनभर मरीजों की अच्छी खासी भीड़ रही। दोपहर को आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. केके गोयल के नेतृत्व में सैकड़ों प्राइवेट डॉक्टर आईएमए हाउस में एकत्रित हुए और आगामी रूपरेखा तैयार की।
बैठक को संबोधित करते हुए आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. केके गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लागू किए जाने से इस एक्ट से आमजन पर भी बोझ पड़ेगा। इस एक्ट के लागू होने के बाद इलाज महंगा हो जाएगा, जबकि छोटे क्लीनिक बंद हो जाएंगे। एक्ट को काला कानून करार देते हुए डॉ. गोयल ने कहा कि सरकार का नैतिक दायित्व जनहित नीतियां लागू करना है, न कि आमजन को परेशान करना। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने इस काले कानून को वापस नहीं लिया तो प्राइवेट डॉक्टरों का अपना यह आंदोलन तेज करना होगा। बैठक उपरांत आईएमए सिरसा का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी ऑफिस पहुंचा और मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंपकर इस एक्ट को वापस लेने की मांग की।
इस अवसर पर डॉ. जीएस गुप्ता, डॉ. शैलेश तोमर, डॉ. मोहर सिंह, डॉ. अमित वासिल, डॉ. आरके मेहता, डॉ. अजय पूनिया, डॉ. वाईके चौधरी, डॉ. कपिल सिंगला, डॉ. सतीश शर्मा, डॉ. एसपी गर्ग, डॉ. डूमरा, डॉ. संजय गर्ग, डॉ. केके वालिया, डॉ. माहेश्वरी, डॉ. जेएल खुराना, डॉ. बाना, डॉ. अजय चेतल, डॉ. आशीष खुराना, डॉ. दिनेश गिजवानी, डॉ. अशोक बिश्नोई, डॉ. अशोक गुप्ता, डॉ. अमित नारंग, डॉ. योगेश सांगवान, डॉ. श्यामसुंदर गुप्ता, डॉ. केके गुप्ता सहित सैकड़ों प्राइवेट डॉक्टर मौजूद रहे।
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सिविल अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आम तौर पर दो सौ के करीब मरीज आते है। शुक्रवार को निजी चिकित्सकों की हड़ताल होने मरीजों की एक हजार से उपर चली गई। ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ मेडिसन विभाग, हड्डी रोग व स्त्री रोग विभाग में उमड़ी। प्राइवेट अस्पतालों की हड़ताल होने पर मरीजों की संख्या सरकारी अस्पताल में करीब दो गुना रही काफी लोग सुबह से लेकर दोपहर तक कतार में लगे रहे लेकिन उनका नंबर नहीं आया और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल, सिविल अस्पताल में लगी मरीजों की कतार
दिनभर इधर-उधर भटकते रहे मरीज
आईएमए के नेतृत्व में अस्पताल संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट का किया विरोध
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सिरसा।
क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट के विरोध में आईएमए के बैनर तले सिरसा के प्राइवेट डॉक्टरों ने अपने अस्पताल बंद रखकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। निजी अस्पतालों में हड़ताल होने पर मरीजों की भीड़ सरकारी अस्पतालों में खासी उमड़ती दिखाई दी। मरीज दिनभर लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। हड़ताल से अनजान मरीज इलाज के लिए वहां पहुंचे तो हड़ताल की खबर सुनकर वापस जाने पर मजबूर हुए। ऐसे में एकमात्र विकल्प केवल सामान्य अस्पताल ही रहा। सामान्य अस्पताल में दिनभर मरीजों की अच्छी खासी भीड़ रही। दोपहर को आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. केके गोयल के नेतृत्व में सैकड़ों प्राइवेट डॉक्टर आईएमए हाउस में एकत्रित हुए और आगामी रूपरेखा तैयार की।
बैठक को संबोधित करते हुए आईएमए जिलाध्यक्ष डॉ. केके गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लागू किए जाने से इस एक्ट से आमजन पर भी बोझ पड़ेगा। इस एक्ट के लागू होने के बाद इलाज महंगा हो जाएगा, जबकि छोटे क्लीनिक बंद हो जाएंगे। एक्ट को काला कानून करार देते हुए डॉ. गोयल ने कहा कि सरकार का नैतिक दायित्व जनहित नीतियां लागू करना है, न कि आमजन को परेशान करना। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने इस काले कानून को वापस नहीं लिया तो प्राइवेट डॉक्टरों का अपना यह आंदोलन तेज करना होगा। बैठक उपरांत आईएमए सिरसा का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी ऑफिस पहुंचा और मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंपकर इस एक्ट को वापस लेने की मांग की।
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इस अवसर पर डॉ. जीएस गुप्ता, डॉ. शैलेश तोमर, डॉ. मोहर सिंह, डॉ. अमित वासिल, डॉ. आरके मेहता, डॉ. अजय पूनिया, डॉ. वाईके चौधरी, डॉ. कपिल सिंगला, डॉ. सतीश शर्मा, डॉ. एसपी गर्ग, डॉ. डूमरा, डॉ. संजय गर्ग, डॉ. केके वालिया, डॉ. माहेश्वरी, डॉ. जेएल खुराना, डॉ. बाना, डॉ. अजय चेतल, डॉ. आशीष खुराना, डॉ. दिनेश गिजवानी, डॉ. अशोक बिश्नोई, डॉ. अशोक गुप्ता, डॉ. अमित नारंग, डॉ. योगेश सांगवान, डॉ. श्यामसुंदर गुप्ता, डॉ. केके गुप्ता सहित सैकड़ों प्राइवेट डॉक्टर मौजूद रहे।
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सिविल अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आम तौर पर दो सौ के करीब मरीज आते है। शुक्रवार को निजी चिकित्सकों की हड़ताल होने मरीजों की एक हजार से उपर चली गई। ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ मेडिसन विभाग, हड्डी रोग व स्त्री रोग विभाग में उमड़ी। प्राइवेट अस्पतालों की हड़ताल होने पर मरीजों की संख्या सरकारी अस्पताल में करीब दो गुना रही काफी लोग सुबह से लेकर दोपहर तक कतार में लगे रहे लेकिन उनका नंबर नहीं आया और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल, सिविल अस्पताल में लगी मरीजों की कतार
दिनभर इधर-उधर भटकते रहे मरीज
आईएमए के नेतृत्व में अस्पताल संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट का किया विरोध