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जल्द परीक्षा परिणाम की मांग को लेकर एबीवीपी ने किया कुलपति आवास का घेराव
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:00 AM IST
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एबीवीपी ने किया कुलपति आवास का घेराव
सिरसा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को परीक्षा परिणाम जल्द घोषित करवाने की मांग के लिए कुलपति आवास का घेराव किया। इसके बाद दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
एबीवीपी सदस्यों सुमित कुमार, राहुल, सुमित विर्क, अलका रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की गुटबाजी ने राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। उन्होंने बताया कि गुटबाजी के कारण समय पर पढ़ाई नहीं होती। इसके बाद परीक्षा परिणाम में भी देरी की जाती है। इससे विद्यार्थियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि विवि के वर्तमान हालातों को देखते हुए सिरसा और फतेहाबाद के करीब 52 हजार विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है। इनमें हजारों विद्यार्थी ऐसे हैं। जिन्होंने परिणाम घोषित होने के बाद आगामी कक्षाओं में दाखिला लेना है। उन्होंने मांग की कि प्राइवेट कॉलेज से सरकारी कॉलेज में बिना शर्त स्थानांतरण किया जाए, कॉडिंग और डिकॉडिंग को लागू किया जाए, पहले सेमेस्टर की री-अपीयर छात्रा को पांचवें सेमेस्टर में दाखिला दिया जाए। राजकीय महिला कालेज में सीटें बढ़ाई जाए।
प्रो. प्रवीन अगमकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग:
वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने 4 जुलाई को विवि के प्रो. व परीक्षा नियंत्रक प्रवीन अगमकर के सुसाइड मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके साथ-साथ प्रो. अगमकर की पत्नी को सरकारी नौकरी देने व बेटी की पढ़ाई का खर्चा विवि प्रशासन की ओर से उठाने की मांग की है।
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सिरसा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को परीक्षा परिणाम जल्द घोषित करवाने की मांग के लिए कुलपति आवास का घेराव किया। इसके बाद दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कुलपति से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
एबीवीपी सदस्यों सुमित कुमार, राहुल, सुमित विर्क, अलका रानी ने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रोफेसरों की गुटबाजी ने राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। उन्होंने बताया कि गुटबाजी के कारण समय पर पढ़ाई नहीं होती। इसके बाद परीक्षा परिणाम में भी देरी की जाती है। इससे विद्यार्थियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि विवि के वर्तमान हालातों को देखते हुए सिरसा और फतेहाबाद के करीब 52 हजार विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है। इनमें हजारों विद्यार्थी ऐसे हैं। जिन्होंने परिणाम घोषित होने के बाद आगामी कक्षाओं में दाखिला लेना है। उन्होंने मांग की कि प्राइवेट कॉलेज से सरकारी कॉलेज में बिना शर्त स्थानांतरण किया जाए, कॉडिंग और डिकॉडिंग को लागू किया जाए, पहले सेमेस्टर की री-अपीयर छात्रा को पांचवें सेमेस्टर में दाखिला दिया जाए। राजकीय महिला कालेज में सीटें बढ़ाई जाए।
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प्रो. प्रवीन अगमकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग:
वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने 4 जुलाई को विवि के प्रो. व परीक्षा नियंत्रक प्रवीन अगमकर के सुसाइड मामले की भी निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके साथ-साथ प्रो. अगमकर की पत्नी को सरकारी नौकरी देने व बेटी की पढ़ाई का खर्चा विवि प्रशासन की ओर से उठाने की मांग की है।
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