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आज से शुरू होगी सरसों की सरकारी खरीद प्राइवेट एजेंसी ने किया 3620 रुपये का भाव
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिला में इस बार तीन के बजाय छह मंडियों में सरसों खरीद के प्रबंध किए गए हैं। गिरदावरी की सूची न मिलने के चतले अभी तक सरसों की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। मंगलवार से मंडियों में सरसों खरीदने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्राइवेट एजेंसी ही सरसों खरीदने में लगी हुई हैं। अधिक नमी का हवाला देकर सोमवार को 3620 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया गया। शनिवार शाम तक 573 क्विंटल सरसों की आवक हुई, जिसमें 310 क्विंटल की खरीद हुई। उधर, उपायुक्त ने कहा है कि 15 मार्च से खरीद शुरू हो चुकी है।
मार्केट कमेटी सिरसा की ओर से मिली जानकारी के अनुसार 16 मार्च 2018 तक सिरसा मंडी में 305, डबवाली में 70, ऐलनाबाद में 158, डिंग में 40 क्विंटल सरसों की आवक हुई। गत वर्ष इसी अवधि में सिरसा में 162, ऐलनाबाद में 15 क्विंटल सरसों की आवक हुई थी। सिरसा में प्राइवेट एजेंसी कह ओर से 295, ऐलनाबाद में 15 क्विंटल सरसों की खरीद हुई।
उधर, उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने कहा है कि सरकार के निर्देशानुसार जिले में सरसों की खरीद 15 मार्च से शुरू हो चुकी है। अब जिला की छह मंडियों में सरसों फसल की खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरसों की खरीद हेतु जिलों में तीन मंडियों सिरसा, ऐलनाबाद तथा कालांवाली मंडी को शामिल किया गया है। परंतु किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार को पत्र लिखकर तीन नई मंडियों को शामिल करने के बारे में लिखा गया था। जिले में तीन नई मंडियों नाथूसरी चोपटा, डबवाली तथा खारियां में भी खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि नई मंडियों के शामिल होने से सरसों की खरीद पर काफी असर पड़ेगा तथा किसानों को अपनी फसल को नजदीकी मंडी में और दिए गए समय अनुसार बेचने का मौका मिलेगा। उन्होंने किसानों से कहा है कि वे सरकार द्वारा दिए गए मापदंडों के आधार पर अपनी फसल को मंडी में सुखाकर लाए, ताकि खरीद के दौरान कोई समस्या न आए।
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उधर, मार्केट कमेटी सचिव परमजीत सिंह ने बताया कि सरसों खरीद की पूरी व्यवस्था कर ली गई है, लेकिन किसानों को गिरदावरी या पटवारी की रिपोर्ट पेश करनी होगी कि उसने कितने रकबे मेें बिजाई की। उसके बाद ही खरीद की जा सकेगी ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि पड़ोसी राज्यों से सरसों लाकर मंडी में न बेची जा सके। उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसी हैफेड से पटवारियों की मदद से सूची हासिल कर दी है, जिससे मंगलवार से समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मंडी में जो भी सरसों आ रही है उसमें नमी की मात्रा बहुत ज्यादा है, जबकि नमी आठ प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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सिरसा।
जिला में इस बार तीन के बजाय छह मंडियों में सरसों खरीद के प्रबंध किए गए हैं। गिरदावरी की सूची न मिलने के चतले अभी तक सरसों की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। मंगलवार से मंडियों में सरसों खरीदने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्राइवेट एजेंसी ही सरसों खरीदने में लगी हुई हैं। अधिक नमी का हवाला देकर सोमवार को 3620 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया गया। शनिवार शाम तक 573 क्विंटल सरसों की आवक हुई, जिसमें 310 क्विंटल की खरीद हुई। उधर, उपायुक्त ने कहा है कि 15 मार्च से खरीद शुरू हो चुकी है।
मार्केट कमेटी सिरसा की ओर से मिली जानकारी के अनुसार 16 मार्च 2018 तक सिरसा मंडी में 305, डबवाली में 70, ऐलनाबाद में 158, डिंग में 40 क्विंटल सरसों की आवक हुई। गत वर्ष इसी अवधि में सिरसा में 162, ऐलनाबाद में 15 क्विंटल सरसों की आवक हुई थी। सिरसा में प्राइवेट एजेंसी कह ओर से 295, ऐलनाबाद में 15 क्विंटल सरसों की खरीद हुई।
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उधर, उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने कहा है कि सरकार के निर्देशानुसार जिले में सरसों की खरीद 15 मार्च से शुरू हो चुकी है। अब जिला की छह मंडियों में सरसों फसल की खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरसों की खरीद हेतु जिलों में तीन मंडियों सिरसा, ऐलनाबाद तथा कालांवाली मंडी को शामिल किया गया है। परंतु किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार को पत्र लिखकर तीन नई मंडियों को शामिल करने के बारे में लिखा गया था। जिले में तीन नई मंडियों नाथूसरी चोपटा, डबवाली तथा खारियां में भी खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि नई मंडियों के शामिल होने से सरसों की खरीद पर काफी असर पड़ेगा तथा किसानों को अपनी फसल को नजदीकी मंडी में और दिए गए समय अनुसार बेचने का मौका मिलेगा। उन्होंने किसानों से कहा है कि वे सरकार द्वारा दिए गए मापदंडों के आधार पर अपनी फसल को मंडी में सुखाकर लाए, ताकि खरीद के दौरान कोई समस्या न आए।
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उधर, मार्केट कमेटी सचिव परमजीत सिंह ने बताया कि सरसों खरीद की पूरी व्यवस्था कर ली गई है, लेकिन किसानों को गिरदावरी या पटवारी की रिपोर्ट पेश करनी होगी कि उसने कितने रकबे मेें बिजाई की। उसके बाद ही खरीद की जा सकेगी ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि पड़ोसी राज्यों से सरसों लाकर मंडी में न बेची जा सके। उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसी हैफेड से पटवारियों की मदद से सूची हासिल कर दी है, जिससे मंगलवार से समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मंडी में जो भी सरसों आ रही है उसमें नमी की मात्रा बहुत ज्यादा है, जबकि नमी आठ प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।