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कोरम पूरा न होने पर नप की बैठक हुई स्थगित
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
नगर परिषद सिरसा की लगभग 11 माह बाद आयोजित की गई बैठक शुक्रवार को कोरम पूरा न होने पर स्थगित कर दी गई। बैठक में चेयरपर्सन शीला सहगल सहित मात्र नौ पार्षद ही पहुंचे जबकि 31 सदस्यीय कमेटी में कोरम के लिए 11 पार्षदों को होना जरूरी होता है। उधर भाजपा में ही बगावत करके विपक्ष के साथ मिलकर 21 पार्षदों ने शक्ति प्रदर्शन किया। ऐसे में बैठक स्थगित होने से एजेंडे धरे रह गए। प्रधान समर्थकों ने कहा कि पांच जयचंदों की पहचान कर ली गई है जिनकी शिकायत भाजपा जिला प्रधान से की जाएगी। उधर प्रधान समर्थक और विरोधियों के बीच खूब कहासुनी हुई। विपक्ष की एकजुटता से अब प्रधान की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है। इससे पहले बैठक तीन मार्च 2017 को हुई थी।
नगर परिषद सिरसा की बैठक शुुक्रवार सुबह 11 बजे बुलाई गई थी। सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे और प्रधान शीला सहगल अपने समर्थकों और परिजनों के साथ पहुंच गई थी। भाजपा समर्थित वार्ड 25 से विकास गुर्जर, 24 से जगजीत, 30 से रेणुबाला, 12 से नारायण पाल, 13 से कौशल्या देवी, आठ से संगीता सचदेवा, तीन से सुनील बहल, और 28 से सुमन लता मौजूद थे। भाजपा की वैशाली रातुसरिया के परिवार में विवाह समारोह था इसलिए शामिल नहीं हुई। एक बजे तक विरोधी पार्षद बैठक में नहीं पहुंचे, उन सभी ने प्रधान पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार रखा। ऐेसे में कोरम पूरा न होने पर बैठक स्थगित कर दी गई। जैसे ही विरोधियों को पता चला कि बैठक स्थगित हो गई है तो वे मौके पर पहुंच गए। उधर सभागार में वार्ड 22 की पार्षद बलजीत कौर के पति हरनामदास रिंकू की प्रधान के भतीजे के साथ कहासुनी हो गई। वार्ड दस के पार्षद प्रतिनिधि दौलतराम सुखरानियां की भी प्रधान समर्थकों से कहासुनी हुई।
भाजपा में जयचंदों की हो गई पहचान : प्रधान शीला सहगल
बैठक स्थगित होने के बाद प्रधान शीला सहगल ने पत्रकारवार्ता आयोजित की। इस मौके पर वार्ड 25 के पार्षद विकास गुर्जर ने कहा कि प्रो. गणेशीलाल और कांडा गुट मिला हुआ है तो वार्ड पांच की पार्षद सुमन शर्मा को अध्यक्ष बनाना चाहता है। भाजपा के जयचंदो के चेहरे सामने आ गए हैं। इन पांचों पार्षदों की शिकायत भाजपा जिला प्रधान से की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि अगली बैठक में किसी आजाद पार्षद का सहारा लेकर कोरम पूरा कर लिया जाएगा। उधर प्रधान शीला सहगल का कहना है कि विपक्षी पार्षद विकास से दूर भागना चाहते हैं अगर उन्हें विकास की चिंता है तो बैठक में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर वार्ड में समान रूप से काम करवाए जा रहे हैं।
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धमकी देने वालों की करनी चाहिए छितर परेड
जब विपक्षी पार्षद मौके पर पहुंचे तो वार्ड 22 की पार्षद बलजीत कौर के पति हरनामदास रिंकू ने कहा कि प्रधान के भतीजे ने उन्हें बुरा-भला कहा। उन्होंने कार्यालय से बाहर आते प्रधान समर्थकों से खूब खरी-खरी सुनाई। भाजपा समर्थित पार्षद प्रतिनिधि दौलत राम सुखरालिया ने भी प्रधान समर्थकों पर जमकर भड़ास लगाई। उन्होंने कहा कि अगर प्रधान की नीयत ठीक होती तो उनके पार्षद ही उनसे क्यगो अलग आते। वार्ड 18 के पार्षद प्रतिनिधि भूषण बरोड ने भी प्रधान समर्थकों को खरी-खरी सुनाई। एक पार्षद ने कहा कि धमकी देने वालों की तो अभी छितर परेड कर देनी चाहिए जो होगा बाद में देखा जाएगा।
बैठक में परिजनों को क्यों लेकर आई प्रधान
वार्ड नंबर 17 की पार्षद रीना सेठी ने कहा कि बैठक में जब पार्षद ही भाग ले सकते हैं तो सभागार में प्रधान के परिजन और अन्य पार्षद क्यों मौजूद थे। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। वार्ड 19 की पार्षद नीतू सोनी ने कहा कि एजेंडे में 79 बिंदू शामिल थे जिसमें विकास कार्यों की अनदेखी की गई थी। ऐसा लग रहा कि बैठक केवल बिल पास कराने के लिए बुलाई गई थी क्योंकि बिल पास करने का कमीशन ज्यादा होता है।
अपने गिरबां में तो झांककर देंखे...
वार्ड पांच की पार्षद सुमन शर्मा ने कहा कि आरोप लगाने वाले अपनी गलती छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। कमेटी बनने के बाद विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। हम लोग विकास की लड़ाई लड़ रहे हैं। एक साल से वार्ड की एक गली तक नहीं बनीं। वार्डवासी उलहाना देने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि एजेंडे में विकास की कोई बात नहीं थी, केवल बिल ही रखे गए थे, जो उनके माध्यम से पास करवाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन पर आरोप लगाने वाले पहले अपने गिरेबां में झांके।
...मैं तो आग बुझाने आया हूं
वार्ड 15 के पार्षद विकास जैन बैठक में मौजूद रहे पर उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई। उनका कहना था कि अगर कोरम पूरा हो जाता तो बैैठक में शामिल होते जब पूरा नहीं हुआ तो अपने को अलग रखा। उन्होंने कहा कि जो पार्षद आग उगल रहे हैं वे तो पानी डालने आए हैं। प्रधान के भतीजे द्वारा एक पार्षद प्रतिनिधि को बुरा भला कहने पर जैनद ने कहा कि इस तरह किसी को धमकाया नहीं जा सकता है। अगर ऐसा है तो वे भी साथ नहीं है।
प्रधान की कुर्सी पर खतरा
जिस प्रकार का खेल शुक्रवार को खेला गया, उससे स्पष्ट हो गया है कि राजनीतिक खिचड़ी पक रही है। चेयरपर्सन शीला सहगल को पद से मुक्त करने के लिए विरोधी एकजुट हो गए हैं। भाजपा का एक धड़ा तो शुरू से ही इसके खिलाफ रहा था। ऐसे में कांडा गुट और कांग्रेसियों का साथ मिलने से चेयरपर्सन शीला सहगल की कुर्सी को हिलाने की कोशिश की जा सकती है। यह कवायद शीला सहगल के बहाने सेतिया परिवार को कमजोर करने की है।
नप की 11 माह बाद हुई बैठक में 9 पार्षद ही पहुंचे, स्थगित, भाजपा में बगावत
21 पार्षदों ने एकजुट होकर दिखाई ताकत
प्रधान ने कहा, नगर का विकास नहीं चाहते कुछ पार्षद
भाजपा तीन गुटों में बंटी, प्रो.गणेशीलाल गुट पर कांडा के साथ मिलने का आरोप
भाजपा अपने ही जयचंदो से परेशान, जिला अध्यक्ष से करेंगे शिकायत: विकास गुर्जर
पार्षद प्रतिनिधियों में कक्ष के भीतर और बाहर हुई खूब कहासुनी
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सिरसा।
नगर परिषद सिरसा की लगभग 11 माह बाद आयोजित की गई बैठक शुक्रवार को कोरम पूरा न होने पर स्थगित कर दी गई। बैठक में चेयरपर्सन शीला सहगल सहित मात्र नौ पार्षद ही पहुंचे जबकि 31 सदस्यीय कमेटी में कोरम के लिए 11 पार्षदों को होना जरूरी होता है। उधर भाजपा में ही बगावत करके विपक्ष के साथ मिलकर 21 पार्षदों ने शक्ति प्रदर्शन किया। ऐसे में बैठक स्थगित होने से एजेंडे धरे रह गए। प्रधान समर्थकों ने कहा कि पांच जयचंदों की पहचान कर ली गई है जिनकी शिकायत भाजपा जिला प्रधान से की जाएगी। उधर प्रधान समर्थक और विरोधियों के बीच खूब कहासुनी हुई। विपक्ष की एकजुटता से अब प्रधान की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है। इससे पहले बैठक तीन मार्च 2017 को हुई थी।
नगर परिषद सिरसा की बैठक शुुक्रवार सुबह 11 बजे बुलाई गई थी। सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे और प्रधान शीला सहगल अपने समर्थकों और परिजनों के साथ पहुंच गई थी। भाजपा समर्थित वार्ड 25 से विकास गुर्जर, 24 से जगजीत, 30 से रेणुबाला, 12 से नारायण पाल, 13 से कौशल्या देवी, आठ से संगीता सचदेवा, तीन से सुनील बहल, और 28 से सुमन लता मौजूद थे। भाजपा की वैशाली रातुसरिया के परिवार में विवाह समारोह था इसलिए शामिल नहीं हुई। एक बजे तक विरोधी पार्षद बैठक में नहीं पहुंचे, उन सभी ने प्रधान पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार रखा। ऐेसे में कोरम पूरा न होने पर बैठक स्थगित कर दी गई। जैसे ही विरोधियों को पता चला कि बैठक स्थगित हो गई है तो वे मौके पर पहुंच गए। उधर सभागार में वार्ड 22 की पार्षद बलजीत कौर के पति हरनामदास रिंकू की प्रधान के भतीजे के साथ कहासुनी हो गई। वार्ड दस के पार्षद प्रतिनिधि दौलतराम सुखरानियां की भी प्रधान समर्थकों से कहासुनी हुई।
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भाजपा में जयचंदों की हो गई पहचान : प्रधान शीला सहगल
बैठक स्थगित होने के बाद प्रधान शीला सहगल ने पत्रकारवार्ता आयोजित की। इस मौके पर वार्ड 25 के पार्षद विकास गुर्जर ने कहा कि प्रो. गणेशीलाल और कांडा गुट मिला हुआ है तो वार्ड पांच की पार्षद सुमन शर्मा को अध्यक्ष बनाना चाहता है। भाजपा के जयचंदो के चेहरे सामने आ गए हैं। इन पांचों पार्षदों की शिकायत भाजपा जिला प्रधान से की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि अगली बैठक में किसी आजाद पार्षद का सहारा लेकर कोरम पूरा कर लिया जाएगा। उधर प्रधान शीला सहगल का कहना है कि विपक्षी पार्षद विकास से दूर भागना चाहते हैं अगर उन्हें विकास की चिंता है तो बैठक में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर वार्ड में समान रूप से काम करवाए जा रहे हैं।
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जब विपक्षी पार्षद मौके पर पहुंचे तो वार्ड 22 की पार्षद बलजीत कौर के पति हरनामदास रिंकू ने कहा कि प्रधान के भतीजे ने उन्हें बुरा-भला कहा। उन्होंने कार्यालय से बाहर आते प्रधान समर्थकों से खूब खरी-खरी सुनाई। भाजपा समर्थित पार्षद प्रतिनिधि दौलत राम सुखरालिया ने भी प्रधान समर्थकों पर जमकर भड़ास लगाई। उन्होंने कहा कि अगर प्रधान की नीयत ठीक होती तो उनके पार्षद ही उनसे क्यगो अलग आते। वार्ड 18 के पार्षद प्रतिनिधि भूषण बरोड ने भी प्रधान समर्थकों को खरी-खरी सुनाई। एक पार्षद ने कहा कि धमकी देने वालों की तो अभी छितर परेड कर देनी चाहिए जो होगा बाद में देखा जाएगा।
बैठक में परिजनों को क्यों लेकर आई प्रधान
वार्ड नंबर 17 की पार्षद रीना सेठी ने कहा कि बैठक में जब पार्षद ही भाग ले सकते हैं तो सभागार में प्रधान के परिजन और अन्य पार्षद क्यों मौजूद थे। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। वार्ड 19 की पार्षद नीतू सोनी ने कहा कि एजेंडे में 79 बिंदू शामिल थे जिसमें विकास कार्यों की अनदेखी की गई थी। ऐसा लग रहा कि बैठक केवल बिल पास कराने के लिए बुलाई गई थी क्योंकि बिल पास करने का कमीशन ज्यादा होता है।
अपने गिरबां में तो झांककर देंखे...
वार्ड पांच की पार्षद सुमन शर्मा ने कहा कि आरोप लगाने वाले अपनी गलती छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। कमेटी बनने के बाद विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। हम लोग विकास की लड़ाई लड़ रहे हैं। एक साल से वार्ड की एक गली तक नहीं बनीं। वार्डवासी उलहाना देने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि एजेंडे में विकास की कोई बात नहीं थी, केवल बिल ही रखे गए थे, जो उनके माध्यम से पास करवाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन पर आरोप लगाने वाले पहले अपने गिरेबां में झांके।
...मैं तो आग बुझाने आया हूं
वार्ड 15 के पार्षद विकास जैन बैठक में मौजूद रहे पर उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई। उनका कहना था कि अगर कोरम पूरा हो जाता तो बैैठक में शामिल होते जब पूरा नहीं हुआ तो अपने को अलग रखा। उन्होंने कहा कि जो पार्षद आग उगल रहे हैं वे तो पानी डालने आए हैं। प्रधान के भतीजे द्वारा एक पार्षद प्रतिनिधि को बुरा भला कहने पर जैनद ने कहा कि इस तरह किसी को धमकाया नहीं जा सकता है। अगर ऐसा है तो वे भी साथ नहीं है।
प्रधान की कुर्सी पर खतरा
जिस प्रकार का खेल शुक्रवार को खेला गया, उससे स्पष्ट हो गया है कि राजनीतिक खिचड़ी पक रही है। चेयरपर्सन शीला सहगल को पद से मुक्त करने के लिए विरोधी एकजुट हो गए हैं। भाजपा का एक धड़ा तो शुरू से ही इसके खिलाफ रहा था। ऐसे में कांडा गुट और कांग्रेसियों का साथ मिलने से चेयरपर्सन शीला सहगल की कुर्सी को हिलाने की कोशिश की जा सकती है। यह कवायद शीला सहगल के बहाने सेतिया परिवार को कमजोर करने की है।
नप की 11 माह बाद हुई बैठक में 9 पार्षद ही पहुंचे, स्थगित, भाजपा में बगावत
21 पार्षदों ने एकजुट होकर दिखाई ताकत
प्रधान ने कहा, नगर का विकास नहीं चाहते कुछ पार्षद
भाजपा तीन गुटों में बंटी, प्रो.गणेशीलाल गुट पर कांडा के साथ मिलने का आरोप
भाजपा अपने ही जयचंदो से परेशान, जिला अध्यक्ष से करेंगे शिकायत: विकास गुर्जर
पार्षद प्रतिनिधियों में कक्ष के भीतर और बाहर हुई खूब कहासुनी