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दीपावली पर पटाखे चलाने और धान का सीजन शुरू होने के कारण हवा के जहरीला होने की ओर अधिक संभावना
Updated Sat, 03 Nov 2018 01:52 AM IST
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सिरसा की हवा खराब, तीन गुणा बढ़ा प्रदूषण का स्तर
सिरसा। जिले की हवा जहरीली होती जा रही है। खेतों में पराली को आग लगाने से पिछले कुछ दिनों से लोगों को आंखों में जलन महसूस हो रही है। प्रशासन की सख्ती के कारण कुछ किसान रात को चुपके से खेतों में आग लगा रहे हैं। सिरसा शहर में शुुक्रवार को हवा का एक्यूआई (एआर क्वालिटी इंडेक्स 314 तक पहुंच गया। जबकि यह 100 माइक्रोग्राम प्रति मीट्रिक क्यूब तक होना चाहिए।
अकेले सिरसा शहर ही नहीं बल्कि रानियां, ऐलनाबाद और डबवाली में भी हवा जहरीली हुई है। डबवाली में हवा का एक्यूआई 332 और रानियां का एक्यूआई 309 रहा। सिरसा कोई बड़ा औद्योगिक क्षेत्र नहीं है, ऐसे में जिले में धान की पराली को आग लगाने से हवा जहरीली हो रही है। हालांकि यह प्रदूषण कभी कम तो कभी अधिक हो रहा है, लेकिन इसके ओर गंभीर होने की आशंका है। क्योंकि दीपावली के त्योहार पर आतिशबाजी के कारण यह जहरीला हो सकती है। दूसरा अभी जिले में अधिकांश क्षेत्र में धान की कटाई बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में जिले की हवा ओर दूषित होने के आसार बन गए है।
इस तरह होना चाहिए औसत एक्यूआई
0 से 50 अच्छा
51 से 100 औसत
101 से 200 मॉडरेट
201 से 300 खराब
301 से 400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खराब
इस तरह रहा औसत एक्यूआई
2 नवंबर, 314
1 नवंबर, 369
31 अक्तूबर, 409
30 अक्तूबर,345
29 अक्तूबर, 328
ये करे उपाय
सिरसा के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. बीबी सिंगला का कहना है कि प्रदूषण में चमड़ी के रोग ज्यादा होते हैं। आंखों में जलन और शरीर पर खुजली होती है। ऐसे में हर व्यक्ति को चेहरा ढककर ही बाहर निकलना चाहिए या फिर मास्क लगाना चाहिए। शरीर का हर अंग कपड़े से ढका होना चाहिए। आंखों पर चश्मे का प्रयोग करें और सुबह और रात को सोने से पहले नहाना चाहिए।
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276 किसानों ने खेतों में धान की पराली में लगाई आग
उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने बताया कि जिला में अब तक हरसैक सेटेलाइट सेे प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 276 जगह किसानों द्वारा अपने खेतों में धान की पराली में आग लगाई गई है। जिनमे से 147 किसानों के खेतों की राजस्व विभाग द्वारा पहचान कर ली गई है तथा 89 किसानों से 2 लाख 30 हजार रुपये वसूल कर लिए गए है तथा बकाया 58 किसानों से एक लाख 52 हजार 500 रुपये शीघ्र वसूल कर लिए जाएगें। उपायुक्त ने जिला के किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों में धान की पराली में आग न लगाएं, इससे न केवल वायु प्रदूषण होता है बल्कि साथ ही जानमाल को भी नुकसान होने की संभावना रहती है।
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सिरसा। जिले की हवा जहरीली होती जा रही है। खेतों में पराली को आग लगाने से पिछले कुछ दिनों से लोगों को आंखों में जलन महसूस हो रही है। प्रशासन की सख्ती के कारण कुछ किसान रात को चुपके से खेतों में आग लगा रहे हैं। सिरसा शहर में शुुक्रवार को हवा का एक्यूआई (एआर क्वालिटी इंडेक्स 314 तक पहुंच गया। जबकि यह 100 माइक्रोग्राम प्रति मीट्रिक क्यूब तक होना चाहिए।
अकेले सिरसा शहर ही नहीं बल्कि रानियां, ऐलनाबाद और डबवाली में भी हवा जहरीली हुई है। डबवाली में हवा का एक्यूआई 332 और रानियां का एक्यूआई 309 रहा। सिरसा कोई बड़ा औद्योगिक क्षेत्र नहीं है, ऐसे में जिले में धान की पराली को आग लगाने से हवा जहरीली हो रही है। हालांकि यह प्रदूषण कभी कम तो कभी अधिक हो रहा है, लेकिन इसके ओर गंभीर होने की आशंका है। क्योंकि दीपावली के त्योहार पर आतिशबाजी के कारण यह जहरीला हो सकती है। दूसरा अभी जिले में अधिकांश क्षेत्र में धान की कटाई बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में जिले की हवा ओर दूषित होने के आसार बन गए है।
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इस तरह होना चाहिए औसत एक्यूआई
0 से 50 अच्छा
51 से 100 औसत
101 से 200 मॉडरेट
201 से 300 खराब
301 से 400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खराब
इस तरह रहा औसत एक्यूआई
2 नवंबर, 314
1 नवंबर, 369
31 अक्तूबर, 409
30 अक्तूबर,345
29 अक्तूबर, 328
ये करे उपाय
सिरसा के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. बीबी सिंगला का कहना है कि प्रदूषण में चमड़ी के रोग ज्यादा होते हैं। आंखों में जलन और शरीर पर खुजली होती है। ऐसे में हर व्यक्ति को चेहरा ढककर ही बाहर निकलना चाहिए या फिर मास्क लगाना चाहिए। शरीर का हर अंग कपड़े से ढका होना चाहिए। आंखों पर चश्मे का प्रयोग करें और सुबह और रात को सोने से पहले नहाना चाहिए।
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276 किसानों ने खेतों में धान की पराली में लगाई आग
उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने बताया कि जिला में अब तक हरसैक सेटेलाइट सेे प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 276 जगह किसानों द्वारा अपने खेतों में धान की पराली में आग लगाई गई है। जिनमे से 147 किसानों के खेतों की राजस्व विभाग द्वारा पहचान कर ली गई है तथा 89 किसानों से 2 लाख 30 हजार रुपये वसूल कर लिए गए है तथा बकाया 58 किसानों से एक लाख 52 हजार 500 रुपये शीघ्र वसूल कर लिए जाएगें। उपायुक्त ने जिला के किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों में धान की पराली में आग न लगाएं, इससे न केवल वायु प्रदूषण होता है बल्कि साथ ही जानमाल को भी नुकसान होने की संभावना रहती है।