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पांच सौ रुपये किराया बचाने के लिए चार दिन पहले ही राजबीर ने बदला था मकान
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। रविवार को बेगू रोड स्थित प्रीत नगर की गली नंबर 13 में तीन बच्चे और एक व्यक्ति करंट लगने से बुरी तरह से झुलस गए। हादसे में राजबीर सिंह के पुत्र सुखदीप सिंह और उसके भाई सुच्चा सिंह की ढाई वर्षीय बेटी प्रिंस की मौत हो गई। जबकि खुद राजबीर सिंह और उसकी बेटी राजमीत कौर बुरी तरह से झुलस गए। जिस मकान में यह हादसा हुआ है, वह परिवार ने चार दिन पहले ही किराए पर लिया था। इससे पहले जिस मकान में रहते थे, उससे इस मकान का किराया 500 रुपये कम है।
घटना के बाद मौके पर डीएसपी आर्यन चौधरी पहुंचे। इसके बाद बिजली निगम के एसडीओ एसके रेढू भी विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंचे। दोपहर तीन बजे एसपी अरुण नेहरा ने भी मौके का मुआयना किया। कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
जानकारी के अनुसार प्रीत नगर की गली-नंबर 13 में राजबीर सिंह व सुच्चा सिंह रहते हैं। दोनों ही किराए के मकान में रहते हैं। राजबीर पहले मिस्त्री था, लेकिन अब वह कबाड़ का काम करता है। सुच्चा सिंह मजदूरी करता है। रविवार को सुच्चा सिंह दिहाड़ी के लिए घर से चला गया। जबकि राजबीर सिंह घर पर ही था। सुच्चा सिंह की ढाई साल की बेटी प्रिंस, राजबीर का 11 वर्षीय पुत्र सुखदीप व 13 वर्षीय पुत्री राजमीत छत पर खेल रहे थे। इसी दौरान सुखदीप छत पर पड़ी लोहे की पाइप उठाकर दूसरी ओर रखने लगा तो पाइप लंबी होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया। पाइप छत से ढाई फुट दूर गुजर रही 11 हजार केवी की लाइन को छू गई। पाइप में करंट आने से सुखदीप और साथ में खड़ी ढाई साल की प्रिंस उसकी चपेट में आ गई। छत पर मौजूद 13 साल की राजमीत ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी झुलस गई। चीख पुकार सुनकर राजबीर सिंह भी छत पर पहुंचा तो उसने पाइप हटाने का प्रयास किया तो वह भी झुलस गया।
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सब्जी बेचने वाले ने देखा दृश्य तो मचाया शोर
प्रत्यक्षदर्शी अमित ने बताया कि घर के सामने ही एक रेहड़ी वाला सब्जी बेच रहा था। उसने सबसे पहले यह दृश्य देखा। उसने शोर मचाया तो वह और आस-पड़ोस के लोग घटनास्थल की ओर भागे। हमने पहले केवल नीचे से सुखदीप सिंह को ही छत की ग्रिल पर लटके हुए देखा। हमने नीचे से ईट फेंककर लोहे की पाइप को बिजली की लाइन से अलग किया। राजबीर की पत्नी उस समय नीचे कपड़े धो रही थी। हम सभी भागकर छत की ओर गए तो छत पर राजबीर सिंह और उसकी बेटी राजमीत कौर झुलसी हुए थे। लेकिन सबसे गंभीर अवस्था में उसका बेटा सुखदीप सिंह था। उसके हाथ के निशान लोहे की पाइप पर छप गए थे। जबकि पैर भी बुरी तरह झुलस हुए थे। फर्श पर खून से सने पैरों के निशान हूबहू हैं। राजबीर सिंह के सिर पर भी चोट के निशान हैं और हाथ झुलस गया। जब चारों को छत से उतारा गया तो बरामदे और बाहर खून गिरा हुआ था।
प्रिंस के जन्म के समय ही मां की हो गई थी मौत
हादसे में जान गंवाने वाली ढाई साल की प्रिंस जब पैदा हुई तो उसकी मां परमजीत कौर की अगले दिन ही मौत हो गई थी। पिता सुच्चा सिंह गांव झंडा खुर्द से सिरसा में प्रीत नगर की गली नंबर 14 में रहने लग गया। उसके साथ ही 6 साल का बेटा सिमरन है। सिमरन बचपन से पोलियो ग्रस्त है। तब से लेकर अब तक प्रिंस और सिमरन की देखभाल राजबीर सिंह और उसकी पत्नी ही करते थे। राजबीर और सुच्चा सिंह के का पिता कुक्कू सिंह भी साथ ही घर में रहते थे। इस हादसे के बाद घर में राजबीर सिंह की पत्नी के पास पड़ोसियों का आना जाना शुरू हो गया। लेकिन उसे किसी ने भी उसके बेटे सुखदीप सिंह और भतीजी प्रिंस की मौत की सूचना नहीं दी। दोपहर तीन बजे के बाद एकाएक घर पर आवाजाही बढ़ी तो उसे बेटे और जेठ की बेटी के गुजरने का पता चला। दोनों की मौत के बाद वह बिलख बिलख के रो रही थी। शाम को शिवपुरी में दोनों बच्चों का दाह संस्कार गमगीन माहौल में किया गया।
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सिरसा। रविवार को बेगू रोड स्थित प्रीत नगर की गली नंबर 13 में तीन बच्चे और एक व्यक्ति करंट लगने से बुरी तरह से झुलस गए। हादसे में राजबीर सिंह के पुत्र सुखदीप सिंह और उसके भाई सुच्चा सिंह की ढाई वर्षीय बेटी प्रिंस की मौत हो गई। जबकि खुद राजबीर सिंह और उसकी बेटी राजमीत कौर बुरी तरह से झुलस गए। जिस मकान में यह हादसा हुआ है, वह परिवार ने चार दिन पहले ही किराए पर लिया था। इससे पहले जिस मकान में रहते थे, उससे इस मकान का किराया 500 रुपये कम है।
घटना के बाद मौके पर डीएसपी आर्यन चौधरी पहुंचे। इसके बाद बिजली निगम के एसडीओ एसके रेढू भी विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंचे। दोपहर तीन बजे एसपी अरुण नेहरा ने भी मौके का मुआयना किया। कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
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जानकारी के अनुसार प्रीत नगर की गली-नंबर 13 में राजबीर सिंह व सुच्चा सिंह रहते हैं। दोनों ही किराए के मकान में रहते हैं। राजबीर पहले मिस्त्री था, लेकिन अब वह कबाड़ का काम करता है। सुच्चा सिंह मजदूरी करता है। रविवार को सुच्चा सिंह दिहाड़ी के लिए घर से चला गया। जबकि राजबीर सिंह घर पर ही था। सुच्चा सिंह की ढाई साल की बेटी प्रिंस, राजबीर का 11 वर्षीय पुत्र सुखदीप व 13 वर्षीय पुत्री राजमीत छत पर खेल रहे थे। इसी दौरान सुखदीप छत पर पड़ी लोहे की पाइप उठाकर दूसरी ओर रखने लगा तो पाइप लंबी होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया। पाइप छत से ढाई फुट दूर गुजर रही 11 हजार केवी की लाइन को छू गई। पाइप में करंट आने से सुखदीप और साथ में खड़ी ढाई साल की प्रिंस उसकी चपेट में आ गई। छत पर मौजूद 13 साल की राजमीत ने उसे बचाने का प्रयास किया तो वह भी झुलस गई। चीख पुकार सुनकर राजबीर सिंह भी छत पर पहुंचा तो उसने पाइप हटाने का प्रयास किया तो वह भी झुलस गया।
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सब्जी बेचने वाले ने देखा दृश्य तो मचाया शोर
प्रत्यक्षदर्शी अमित ने बताया कि घर के सामने ही एक रेहड़ी वाला सब्जी बेच रहा था। उसने सबसे पहले यह दृश्य देखा। उसने शोर मचाया तो वह और आस-पड़ोस के लोग घटनास्थल की ओर भागे। हमने पहले केवल नीचे से सुखदीप सिंह को ही छत की ग्रिल पर लटके हुए देखा। हमने नीचे से ईट फेंककर लोहे की पाइप को बिजली की लाइन से अलग किया। राजबीर की पत्नी उस समय नीचे कपड़े धो रही थी। हम सभी भागकर छत की ओर गए तो छत पर राजबीर सिंह और उसकी बेटी राजमीत कौर झुलसी हुए थे। लेकिन सबसे गंभीर अवस्था में उसका बेटा सुखदीप सिंह था। उसके हाथ के निशान लोहे की पाइप पर छप गए थे। जबकि पैर भी बुरी तरह झुलस हुए थे। फर्श पर खून से सने पैरों के निशान हूबहू हैं। राजबीर सिंह के सिर पर भी चोट के निशान हैं और हाथ झुलस गया। जब चारों को छत से उतारा गया तो बरामदे और बाहर खून गिरा हुआ था।
प्रिंस के जन्म के समय ही मां की हो गई थी मौत
हादसे में जान गंवाने वाली ढाई साल की प्रिंस जब पैदा हुई तो उसकी मां परमजीत कौर की अगले दिन ही मौत हो गई थी। पिता सुच्चा सिंह गांव झंडा खुर्द से सिरसा में प्रीत नगर की गली नंबर 14 में रहने लग गया। उसके साथ ही 6 साल का बेटा सिमरन है। सिमरन बचपन से पोलियो ग्रस्त है। तब से लेकर अब तक प्रिंस और सिमरन की देखभाल राजबीर सिंह और उसकी पत्नी ही करते थे। राजबीर और सुच्चा सिंह के का पिता कुक्कू सिंह भी साथ ही घर में रहते थे। इस हादसे के बाद घर में राजबीर सिंह की पत्नी के पास पड़ोसियों का आना जाना शुरू हो गया। लेकिन उसे किसी ने भी उसके बेटे सुखदीप सिंह और भतीजी प्रिंस की मौत की सूचना नहीं दी। दोपहर तीन बजे के बाद एकाएक घर पर आवाजाही बढ़ी तो उसे बेटे और जेठ की बेटी के गुजरने का पता चला। दोनों की मौत के बाद वह बिलख बिलख के रो रही थी। शाम को शिवपुरी में दोनों बच्चों का दाह संस्कार गमगीन माहौल में किया गया।