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Sirsa News: कुत्ताबढ़-कोटली घग्गर फ्लडी नहर टूटने से 1500 एकड़ फसल जलमग्न

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:35 PM IST
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1500 acres of crops submerged due to breaking of Kuttabarh-Kotli Ghaggar flood canal
 नहर टूटने के बाद किसानों की फसलें हुई जलमग्न। 
ऐलनाबाद। पंचायत भवन में सांसद कुमारी सैलजा के सामने खड़े अधिकारी फ्लडी नहरों की सफाई और उनके सुरक्षित होने के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे। वहीं, दूसरी ओर कुत्ताबढ़-कोटली घग्गर फ्लडी नहर बुधवार रात को टूट गई थी। उसके पाटने का काम चल रहा था। ओटृ हेड में विकास कार्य के बाद पहली बार पानी छोड़ने के साथ ही फ्लडी नहर में पानी टूट गया और 1500 एकड़ फसल पानी में डूब गई।
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इन फसलों में मुख्य रूप से धान, नरमा, पशुओं के हरे चारे का नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। घग्गर नदी में पानी आने के बाद बुधवार रात को ही इस फ्लडी नहर में पानी छोड़ा गया था। नहर में सफाई नहीं होने के कारण कचरे की वजह से जगह-जगह पर अवरोध बने हुए थे।
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वहीं, पूरी तरह से सफाई नहीं होने के कारण पेड़ों की जड़े, चूहों व अन्य जीवों के बिल आदि बने हुए थे। इस कारण पानी छोड़ने के साथ ही फ्लडी नहर में सुबह 8 बजे के आसपास किसानों ने देखा तो खेतों में पानी भर रहा था। तब उन्हें नहर टूटने की पता चला। इसी सूचना किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। जब तक नहर को पाटने का काम पूरा किया गया। तब तक 1500 एकड़ भूमि जलमग्न हो गई थी।
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किसान गुरतेज सिंह का कहना है कि घग्घर नदी में आने के बाद बुधवार रात को इस नहर में पानी छोड़ दिया गया। इस नहर के हालत बिलकुल भी ठीक नहीं थी। नहर में जगह-जगह दरारें थी। इसलिए नहर में पानी आते ही यह टूट गईं। सुबह 8 बजे के आसपास खेतों में पानी भरा हुआ नजर आ रहा था। खेतों में हर तरफ पानी ही पानी नजर आया। सारी फसल पानी में डूब चुकी थी। किसानों का कहना है कि नहर में ज्यादा पानी छोड़ा गया तो यह पूरी तरह से टूट जाएगी। इस नहर को दुरुस्त करने की जरूरत थी।

हर बार इसी जगह से टूटती है नहर

किसानों के अनुसार पूर्व में भी नहर कई बार इसी जगह से टूट चुकी है। हर बार अधिकारी मरम्मत करते हैं और पानी पूरा आने पर नहर टूट जाती है। इससे किसानों को बढ़े स्तर पर नुकसान उठाना पड़ता है। किसान लगातार मांग करते हैं कि नहर को पूरी तरह से मजबूत किया जा सके, ताकि किसानों की फसल बर्बाद न हो।


किसान नेताओं ने उठाई मुआवजे की मांग

भारतीय किसान एकता के प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली ने कहा कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण किसानों की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। किसानों को खराब हुई फसल के लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। वहीं, प्रशासन से मांग है कि नहरों को मजबूत करने की दिशा में काम करें। मानसून में नहरों से फिर किसानों की फसल बर्बाद होंगी।
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