{"_id":"5935ab184f1c1b16338b45fd","slug":"149668944514-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिख कौम के नाम पर राजनीति बंद करे बादल परिवार: जगदीश सिंह झिंडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिख कौम के नाम पर राजनीति बंद करे बादल परिवार: जगदीश सिंह झिंडा
Updated Tue, 06 Jun 2017 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि अकाल तख्त के नाम पर हो रही राजनीति और जत्थेदारों की नियुक्ति के राजनीतिकरण के विरोध में एक संघर्ष कमेटी का भी गठन किया गया है। जो एक जुलाई से प्रदेश में आंदोलन शुरू करेगी। साथ ही एसजीपीसी अध्यक्ष से मांग की है कि वर्ष 1978 से लेकर अब तक हुई जत्थेदारों की नियुक्ति और उनको हटाने के कारणों के बारे में श्वेत पत्र जारी करे। सोमवार को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में हुई कमेटी की बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जगदीश सिंह झिंडा ने बताया कि एसजीपीसी ने श्री अक ाल तख्त साहिब के जत्थेदारो को पिंजरे में कैद करके रखा हुआ है जिन्हें कौम की भलाई के लिए बाहर निकालना है। जत्थेदारों की नियुक्ति और उनके कार्यकाल को लेकर एक विधि विधान बनवाने की मंाग को लेकर 26 मई को एसजीपीसी को पत्र लिखा गया था। जिसके माध्यम से मांग गई है कि 26 जून तक पत्र का जवाब नहीं दिया तो एक जुलाई से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होेंने मांग की है कि वर्ष 1978 से लेकर अब तक हुई जत्थेदारों की नियुक्ति और उनको हटाने के कारणों के बारे में श्वेत पत्र जारी करे। एसजीपीसी के सभी 185 सदस्यों को इस बारे में पत्र लिखा गया है कि वे धर्म का साथ दें नहीं तो उनके आवास के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
विज्ञापन
उन्होेंने बताया कि इस आंदोलन के लिए एक संघर्ष कमेटी का भी गठन किया गया, जिसके सरप्रस्त डॉ. भगवान सिंह संधु होंगे। इसके अतिरिक्त जगदीश सिंह झिंडा को प्रधान, मनिंद्र सिंह लुधियाना को महासचिव व स्वर्ण सिंह रतिया को उप प्रधान नियुक्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि बादल परिवार शहीदी दिवस को लेकर भी राजनीति कर रहा है, जो उचित नहीं है। उन्हाेेंने कहा कि वे श्री अकाल तख्त को मानते है और मानते रहेगे इसलिए वे तख्तश्री के समक्ष हाजिर हुए लेकिन वहां जत्थेदार बादल की भाषा बोल रहे थे ऐसे में वे सरबत खालसा की ओर से चुने गए जत्थेदारो के समक्ष पेश हुए। उन्होेंने कहा कि एक जत्थेदार समाज की ओर से होते है तो दूसरे सरकारी होते हैं।उन्होंने कहा कि वे समाज वाले जत्थेदारो को मानते हैं।
इस मौके पर कार्यकारिणी सदस्य जगदेव सिंह मटदादू, जिला प्रधान मालक सिंह, महासचिव डॉ. गुरचरण सिंह, गुरनाम सिंह रानियां, सेवा सिंह रानियां, दर्शन सिंह करीवाला, गुरबक्श सिंह करीवाला, जगतार सिंह कालांवाली, मेजर सिंह कालांवाली, सुखदेव सिंह करीवाला,सुखदेव सिंह कंगनपुर, आत्मजीत सिंह बालासर, सुखदेव सिंह चेयरमैन आदि मौजूद रहे।
सिख कौम के नाम पर राजनीति बंद करे बादल परिवार : झिंडा
- जत्थेदारो की नियुक्ति और उनके हटाए जाने पर श्वेत पत्र जारी करे एसजीपीसी
- सिरसा में हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी की हुई बैठक, किया संघर्ष कमेटी का गठन
फोटो:05एसआईआरपी19:सिरसा में सोमवार को गुरूद्वारा श्री चिल्ला साहिब में पत्रक ारों से बातचीत करते हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा।
विज्ञापन
सिरसा।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि अकाल तख्त के नाम पर हो रही राजनीति और जत्थेदारों की नियुक्ति के राजनीतिकरण के विरोध में एक संघर्ष कमेटी का भी गठन किया गया है। जो एक जुलाई से प्रदेश में आंदोलन शुरू करेगी। साथ ही एसजीपीसी अध्यक्ष से मांग की है कि वर्ष 1978 से लेकर अब तक हुई जत्थेदारों की नियुक्ति और उनको हटाने के कारणों के बारे में श्वेत पत्र जारी करे। सोमवार को गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में हुई कमेटी की बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जगदीश सिंह झिंडा ने बताया कि एसजीपीसी ने श्री अक ाल तख्त साहिब के जत्थेदारो को पिंजरे में कैद करके रखा हुआ है जिन्हें कौम की भलाई के लिए बाहर निकालना है। जत्थेदारों की नियुक्ति और उनके कार्यकाल को लेकर एक विधि विधान बनवाने की मंाग को लेकर 26 मई को एसजीपीसी को पत्र लिखा गया था। जिसके माध्यम से मांग गई है कि 26 जून तक पत्र का जवाब नहीं दिया तो एक जुलाई से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होेंने मांग की है कि वर्ष 1978 से लेकर अब तक हुई जत्थेदारों की नियुक्ति और उनको हटाने के कारणों के बारे में श्वेत पत्र जारी करे। एसजीपीसी के सभी 185 सदस्यों को इस बारे में पत्र लिखा गया है कि वे धर्म का साथ दें नहीं तो उनके आवास के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे।
विज्ञापन
उन्होेंने बताया कि इस आंदोलन के लिए एक संघर्ष कमेटी का भी गठन किया गया, जिसके सरप्रस्त डॉ. भगवान सिंह संधु होंगे। इसके अतिरिक्त जगदीश सिंह झिंडा को प्रधान, मनिंद्र सिंह लुधियाना को महासचिव व स्वर्ण सिंह रतिया को उप प्रधान नियुक्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि बादल परिवार शहीदी दिवस को लेकर भी राजनीति कर रहा है, जो उचित नहीं है। उन्हाेेंने कहा कि वे श्री अकाल तख्त को मानते है और मानते रहेगे इसलिए वे तख्तश्री के समक्ष हाजिर हुए लेकिन वहां जत्थेदार बादल की भाषा बोल रहे थे ऐसे में वे सरबत खालसा की ओर से चुने गए जत्थेदारो के समक्ष पेश हुए। उन्होेंने कहा कि एक जत्थेदार समाज की ओर से होते है तो दूसरे सरकारी होते हैं।उन्होंने कहा कि वे समाज वाले जत्थेदारो को मानते हैं।
इस मौके पर कार्यकारिणी सदस्य जगदेव सिंह मटदादू, जिला प्रधान मालक सिंह, महासचिव डॉ. गुरचरण सिंह, गुरनाम सिंह रानियां, सेवा सिंह रानियां, दर्शन सिंह करीवाला, गुरबक्श सिंह करीवाला, जगतार सिंह कालांवाली, मेजर सिंह कालांवाली, सुखदेव सिंह करीवाला,सुखदेव सिंह कंगनपुर, आत्मजीत सिंह बालासर, सुखदेव सिंह चेयरमैन आदि मौजूद रहे।
सिख कौम के नाम पर राजनीति बंद करे बादल परिवार : झिंडा
- जत्थेदारो की नियुक्ति और उनके हटाए जाने पर श्वेत पत्र जारी करे एसजीपीसी
- सिरसा में हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी की हुई बैठक, किया संघर्ष कमेटी का गठन
फोटो:05एसआईआरपी19:सिरसा में सोमवार को गुरूद्वारा श्री चिल्ला साहिब में पत्रक ारों से बातचीत करते हुए हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा।