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658 रुपये वाला मीटर बेचा जा रहा था 1500 रुपये में

Updated Tue, 06 Jun 2017 12:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
विद्युत निगम की ओर से निर्धारित बिजली के मीटरों को अधिक कीमत पर बेचकर उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने का मामला प्रकाश में आया है। करीब 658 रुपये की कीमत के बिजली मीटर उपभोक्ताओं को एक हजार से 1500 रुपये में बेचे जा रहे थे। उपभोक्ताओं से हो रही लूट का मामले की भनक कुछ जागरूक लोगाें को लगी। इस मामले में सुभाष चौक स्थित गुरु नानक इलेक्ट्रिक फर्म के संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया गया है।
जानकारी के अनुसार विद्युत निगम द्वारा उपभोक्ताओं को बाजार से बिजली के मीटर खरीदने की छूट दी गई है। इसके साथ ही विद्युग निगम ने बिजली के मीटरों की कीमत भी तय की हुई है। इससे अधिक राशि पर मीटरों को नहीं बेचा जा सकता लेकिन विद्युत निगम के स्टोर में मीटर न होने के कारण उपभोक्ताओं को बाजार से ही मीटर खरीदने पर विवश होना पड़ रहा था। दुकानदारों द्वारा तय कीमत से दोगुने से तीनगुने रेट पर बिजली के मीटर बेचे जा रहे थे। इस मामले का खुलासा होने पर विद्युत निगम के एसडीई रिपुदमन सिंह चावला की ओर से शहर थाना में शिकायत दर्ज करवाई जिसके आधार पर पुलिस ने सुभाष चौक स्थित गुरु नानक इलेक्ट्रिक के संचालक के खिलाफ धारा 420 व 120 बी के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी देशराज ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

तीन कंपनियों के मीटर ही खरीदे जा सकते हैं
सिरसा विद्युत निगम की ओर से जोनस पॉवर, एचपीएल व लिंकवेल कंपनी के मीटरों को बाजार से खरीदने की अनुमति उपभोक्ताओं को दी गई है। इन कंपनियों के मीटर ही प्रयोगशाला में जांचे जाएंगे और उन्हें ही पास किया जाएगा। अन्य कंपनियों के मीटरों को खरीद कर प्रस्तुत करने पर लैब में जांच नहीं की जाएगी। ऐसे में उपभोक्ता इन तीन कंपनियों के ही मीटर खरीदने के लिए मजबूर हैं। इस खेल से आशंका जताई जा सकती है कि कंपनी निर्धारित करने के मामले में विभाग के अधिकारियों की कंपनी के साथ मिलीभगत हो सकती है। कांग्रेस सरकार में जिन कंपनियों को छूट थी अब उन पर रोक लगा दी गई है।
निगम के पास मीटर न होने पर उपभोक्ताओं से हो रही लूट
विद्युत निगम के पास बिजली के मीटर उपलब्ध नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं की जेब पर दुकानदार डाका डाल रहे हैं। बताया जा रहा है कि निगम के स्टोर में लंबे अरसे से बिजली के मीटर नहीं हैं। ऐसे में निगम ने प्राइवेट कंपनियों से मीटर खरीदने की छूट उपभोक्ताओं को दी। इसका लाभ उठाने के लिए दुकानदारों ने उपभोक्ताओं से मनचाहे रेट बसूलने का सिलसिला शुरू किया। इस मामले मेें जागरूक उपभोक्ताओं ने मामला विभाग के संज्ञान में डाला।
ऐसे हुआ खुलासा
दरअसल एक जागरूक उपभोक्ता को मीटर के रेट के बारे में पता था। उसने दुकानदार से तीन जून को बिजली के मीटर की मांग की। उसे मालूम था कि रेट अधिक मांगे जाएंगे इसलिए उसने अपने मोबाइल में रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। उसने गुरु नानक इलेक्ट्रिक से दो मीटरों की खरीद की। दुकानदार ने 658 रुपये के दो मीटरों के 2200 रुपये वसूले। जब उपभोक्ता ने 2200 रुपये का बिल मांगा तो दुकानदार ने कहा कि पूरी राशि का बिल दिया गया तो मीटर लैब में पास नहीं होगा। उपभोक्ता से 2200 रुपये लेकर दो मीटरों का 1316 रुपये का बिल दिया गया। पूरे मामले की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग उपभोक्ता ने विभाग के अधिकारियों को सौंप दी जिसके बाद निगम ने कार्रवाई की और मामला दर्ज करवाया।

बिजली के मीटरों के मनमाने रेट वसूलने का भंडाफोड़
उपभोक्ताओं की हो रही थी लूट
विद्युत निगम ने करवाया गुरु नानक इलेक्ट्रिक फर्म के संचालक के खिलाफ केस दर्ज

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