{"_id":"59343d074f1c1b47578b4587","slug":"149659573219-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालिका वधु बनने से बची नाबालिग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालिका वधु बनने से बची नाबालिग
Updated Sun, 04 Jun 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बालिका वधु बनने से बची नाबालिग
डबवाली। उपमंडल के गांव नीलियांवाली में महिला बाल विकास विभाग की मुस्तैदी के चलते एक नाबालिग बालिका वधु बनने से बच गई। सूचना पाकर जिला की प्रोटेक्शन अधिकारी और सीडीपीओ मौके पर पहुंच गई। नाबालिग उपमंडल के गांव मसीतां की बताई जा रही है, जबकि उससे शादी करने आया युवक पंजाब के शहर मलोट का निवासी है।
विभाग की सुपरवाइजर कर्मजीत कौर ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि गांव नीलियांवाली के गुरु घर में एक नाबालिग की शादी करवाई जा रही है। उन्होंने इस बाबत अपने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वह एक अन्य सुपरवाइजर महेंद्र कौर व आंगनबाड़ी वर्कर सुखपाल कौर के साथ मौके पर पहुंची और शादी रुकवा दी। गांव के सरपंच हरसिमरत सिंह के साथ-साथ अन्य गांववासी भी मौके पर पहुंचे। सूचना के बाद सीडीपीओ सरोज कंबोज और प्रोटेक्शन अधिकारी डॉ. दर्शना कौर मौके पर पहुंची और परिजनों से इस बाबत जानकारी हासिल की और उनके बयान दर्ज किए। लड़की आयु 18 वर्ष से कम है जबकि युवक की आयु करीब 20 वर्ष है। परिजनों को हिदायत दी गई कि वह बालिग होने तक शादी नहीं कर सकते अगर ऐसा किया कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डबवाली। उपमंडल के गांव नीलियांवाली में महिला बाल विकास विभाग की मुस्तैदी के चलते एक नाबालिग बालिका वधु बनने से बच गई। सूचना पाकर जिला की प्रोटेक्शन अधिकारी और सीडीपीओ मौके पर पहुंच गई। नाबालिग उपमंडल के गांव मसीतां की बताई जा रही है, जबकि उससे शादी करने आया युवक पंजाब के शहर मलोट का निवासी है।
विभाग की सुपरवाइजर कर्मजीत कौर ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि गांव नीलियांवाली के गुरु घर में एक नाबालिग की शादी करवाई जा रही है। उन्होंने इस बाबत अपने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वह एक अन्य सुपरवाइजर महेंद्र कौर व आंगनबाड़ी वर्कर सुखपाल कौर के साथ मौके पर पहुंची और शादी रुकवा दी। गांव के सरपंच हरसिमरत सिंह के साथ-साथ अन्य गांववासी भी मौके पर पहुंचे। सूचना के बाद सीडीपीओ सरोज कंबोज और प्रोटेक्शन अधिकारी डॉ. दर्शना कौर मौके पर पहुंची और परिजनों से इस बाबत जानकारी हासिल की और उनके बयान दर्ज किए। लड़की आयु 18 वर्ष से कम है जबकि युवक की आयु करीब 20 वर्ष है। परिजनों को हिदायत दी गई कि वह बालिग होने तक शादी नहीं कर सकते अगर ऐसा किया कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन