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दुग्ध के भुगतान की मांग को लेकर वीटा मिल्क प्लांट के गेट पर डाला ताला 18-49-07
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिले के डेयरी संचालकों और दुग्ध उत्पादक किसानों ने वीटा मिल्क प्लांट से दूध सप्लाई के पैसे न मिलने से नाराज होकर शुक्रवार को मिल्क प्लांट के मुख्य गेट को बंद कर प्रदर्शन किया। मिल्क प्लांट प्रबंधन और प्लांट के सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दुग्ध सहकारी समितियों के संचालकों का कहना है कि दो माह से उन्हें दूध के बदले मिल्क प्लांट से भुगतान नहीं किया गया है। दुग्ध उत्पादकों को पैसे नहीं मिल रहे हैं। डेयरी संचालकों ने करीब चार घंटे तक मिल्क प्लांट के गेट को बंद रखा व प्लांट के सीईओ असिंद्र प्रसाद और प्लांट बोर्ड के चेयरमैन अजयपाल सिंह द्वारा तीन करोड़ रुपये का भुगतान आज ही करने और बाकी राशि 16 अप्रैल को संचालकों के खाते में डलवाने के ठोस आश्वासन के बाद गेट के सामने से हटे। गेट को 2.30 बजे खोला गया। इस दौरान मिल्क प्लांट के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
जिलेभर के दुग्ध सहकारी समितियों के संचालक और दुग्ध उत्पादक किसान शुक्रवार को करीब 9.30 बजे से मिल्क प्लांट सिरसा के सामने एकत्रित होने शुरू हो गए। संचालकों ने मिल्क प्लांट प्रबंधन और प्लांट के सीईओ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान संचालकों की मांगों की मिल्क प्लांट प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई न करने के रोष स्वरूप करीब 11.30 बजे मिल्क प्लांट के गेट को बंद कर दिया और गेट के सामने बैठ गए। इस दौरान मिल्क प्लांट प्रबंधन ने पुलिस को सूचित कर दिया। मौके पर पहुंचे कीर्तिनगर चौकी इंचार्ज शैलेंद्र कुमार ने प्लांट पर प्रदर्शनकारियों को समझाया, लेकिन संचालक मांगों पर अड़े रहे।
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मांग पूरी नहीं होती वे गेट के सामने से नहीं हटेंगे
प्रदर्शनकारी भूप सिंह बणी, रोहतास कुमार, सुशील कुमार, रणजीत सिंह, श्याम सुंदर, बलविंद्र सिंह, प्रहलाद सिंह, शंकर, लालचंद आदि ने बताया कि जिले के करीब 500 डेयरी संचालक और 20 हजार दुग्ध उत्पादक किसान वीटा मिल्क प्लांट सिरसा को दूध सप्लाई करते हैं, जिसके बदले हर 10 दिन बाद दूध के पैसे मिलने होते हैं, लेकिन दो माह से दूध की करोड़ों रुपये की पेमेंट बकाया पड़ी है। किसानों को इस समय पैसे की सख्त जरूरत है। इस बारे में कई बार प्लांट के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। खेतों में काम का समय चल रहा है अब आर्थिक स्थिति बिलकुल खराब हो गई है तब तंग आकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वे गेट के सामने से नहीं हटेंगे।
एक किस्त खाते में डाल दी दूसरी 16 को : सीईओ
प्रदर्शनकारियों के रोष को देखते हुए कीर्ति नगर चौकी इंचार्ज शैलेंद्र कुमार दलबल के साथ पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाया। इसके साथ ही मिल्क प्लांट बोर्ड के चेयरमैन अजयपाल सिंह और बोर्ड के डायरेक्टर महेंद्र पूनियां, संदीप कुमार कड़वासरा, निशान सिंह, शकुंतला, दलीप सिंह, मंगल सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान प्लांट के कर्मचारी गेट से बाहर नहीं आ सके। करीब दो बजे मिल्क प्लांट के सीईओ असिंद्र प्रसाद प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। सीईओ व चेयरमैन ने प्रदर्शनकारी संचालकों को बताया कि उनके खाते में बकाया तीन करोड़ रुपये डलवाए दिए गए हैं और तीन करोड़ रुपये की दूसरी किस्त 16 अप्रैल को डलवा दी जाएगी।
बिना बोर्ड की सलाह के नियुक्ति पर एतराज
इसी दौरान बोर्ड के सदस्यों ने सीईओ को कहा कि कई रिटायर कर्मचारियों की नियुक्ति बोर्ड की बिना सलाह के ही कर दी। तब सीईओ ने बोर्ड के सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनको हटा दिया जाएगा व आगे से बोर्ड के सदस्यों की सलाह पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। तब जाकर संचालक और बोर्ड के सदस्य संतुष्ट हुए और गेट के सामने से हट गए। 2.30 बजे वीटा मिल्क प्लांट के गेट को खोला गया। संचालकों ने कहा कि अगर 16 अप्रैल को बकाया रकम नहीं आई तो फिर आंदोलन किया जाएगा।
पेमेंट दो माह से अटकी हुई है
जिले के 500 दुग्ध सहकारी समितियों के 20 हजार दुग्ध उत्पादकों की करोड़ों रुपये की पेमेंट वीटा मिल्क प्लांट में दो माह से अटकी पड़ी है, जिसको लेकर उत्पादकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके अलावा बोर्ड के सदस्यों की सलाह के बिना ही प्लांट के सीईओ ने रिटायर कर्मियों को नियुक्ति दे दी, जिसका बोर्ड के सदस्यों द्वारा विरोध किया गया। अब उत्पादकों के करीब तीन करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है तथा बाकि राशी 16 अप्रैल को जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा मिल्क प्लांट के सीईओ ने आश्वासन दिया है कि रिटायर कर्मी को हटा दिया जाएगा और आगे से बोर्ड की सलाह पर नई नियुक्तियां की जाएगी।
-अजयपाल सिंह चेयरमैन वीटा मिल्क प्लांट।
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सिरसा।
जिले के डेयरी संचालकों और दुग्ध उत्पादक किसानों ने वीटा मिल्क प्लांट से दूध सप्लाई के पैसे न मिलने से नाराज होकर शुक्रवार को मिल्क प्लांट के मुख्य गेट को बंद कर प्रदर्शन किया। मिल्क प्लांट प्रबंधन और प्लांट के सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दुग्ध सहकारी समितियों के संचालकों का कहना है कि दो माह से उन्हें दूध के बदले मिल्क प्लांट से भुगतान नहीं किया गया है। दुग्ध उत्पादकों को पैसे नहीं मिल रहे हैं। डेयरी संचालकों ने करीब चार घंटे तक मिल्क प्लांट के गेट को बंद रखा व प्लांट के सीईओ असिंद्र प्रसाद और प्लांट बोर्ड के चेयरमैन अजयपाल सिंह द्वारा तीन करोड़ रुपये का भुगतान आज ही करने और बाकी राशि 16 अप्रैल को संचालकों के खाते में डलवाने के ठोस आश्वासन के बाद गेट के सामने से हटे। गेट को 2.30 बजे खोला गया। इस दौरान मिल्क प्लांट के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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जिलेभर के दुग्ध सहकारी समितियों के संचालक और दुग्ध उत्पादक किसान शुक्रवार को करीब 9.30 बजे से मिल्क प्लांट सिरसा के सामने एकत्रित होने शुरू हो गए। संचालकों ने मिल्क प्लांट प्रबंधन और प्लांट के सीईओ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान संचालकों की मांगों की मिल्क प्लांट प्रशासन द्वारा कोई सुनवाई न करने के रोष स्वरूप करीब 11.30 बजे मिल्क प्लांट के गेट को बंद कर दिया और गेट के सामने बैठ गए। इस दौरान मिल्क प्लांट प्रबंधन ने पुलिस को सूचित कर दिया। मौके पर पहुंचे कीर्तिनगर चौकी इंचार्ज शैलेंद्र कुमार ने प्लांट पर प्रदर्शनकारियों को समझाया, लेकिन संचालक मांगों पर अड़े रहे।
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मांग पूरी नहीं होती वे गेट के सामने से नहीं हटेंगे
प्रदर्शनकारी भूप सिंह बणी, रोहतास कुमार, सुशील कुमार, रणजीत सिंह, श्याम सुंदर, बलविंद्र सिंह, प्रहलाद सिंह, शंकर, लालचंद आदि ने बताया कि जिले के करीब 500 डेयरी संचालक और 20 हजार दुग्ध उत्पादक किसान वीटा मिल्क प्लांट सिरसा को दूध सप्लाई करते हैं, जिसके बदले हर 10 दिन बाद दूध के पैसे मिलने होते हैं, लेकिन दो माह से दूध की करोड़ों रुपये की पेमेंट बकाया पड़ी है। किसानों को इस समय पैसे की सख्त जरूरत है। इस बारे में कई बार प्लांट के अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। खेतों में काम का समय चल रहा है अब आर्थिक स्थिति बिलकुल खराब हो गई है तब तंग आकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वे गेट के सामने से नहीं हटेंगे।
एक किस्त खाते में डाल दी दूसरी 16 को : सीईओ
प्रदर्शनकारियों के रोष को देखते हुए कीर्ति नगर चौकी इंचार्ज शैलेंद्र कुमार दलबल के साथ पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाया। इसके साथ ही मिल्क प्लांट बोर्ड के चेयरमैन अजयपाल सिंह और बोर्ड के डायरेक्टर महेंद्र पूनियां, संदीप कुमार कड़वासरा, निशान सिंह, शकुंतला, दलीप सिंह, मंगल सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान प्लांट के कर्मचारी गेट से बाहर नहीं आ सके। करीब दो बजे मिल्क प्लांट के सीईओ असिंद्र प्रसाद प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। सीईओ व चेयरमैन ने प्रदर्शनकारी संचालकों को बताया कि उनके खाते में बकाया तीन करोड़ रुपये डलवाए दिए गए हैं और तीन करोड़ रुपये की दूसरी किस्त 16 अप्रैल को डलवा दी जाएगी।
बिना बोर्ड की सलाह के नियुक्ति पर एतराज
इसी दौरान बोर्ड के सदस्यों ने सीईओ को कहा कि कई रिटायर कर्मचारियों की नियुक्ति बोर्ड की बिना सलाह के ही कर दी। तब सीईओ ने बोर्ड के सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनको हटा दिया जाएगा व आगे से बोर्ड के सदस्यों की सलाह पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। तब जाकर संचालक और बोर्ड के सदस्य संतुष्ट हुए और गेट के सामने से हट गए। 2.30 बजे वीटा मिल्क प्लांट के गेट को खोला गया। संचालकों ने कहा कि अगर 16 अप्रैल को बकाया रकम नहीं आई तो फिर आंदोलन किया जाएगा।
पेमेंट दो माह से अटकी हुई है
जिले के 500 दुग्ध सहकारी समितियों के 20 हजार दुग्ध उत्पादकों की करोड़ों रुपये की पेमेंट वीटा मिल्क प्लांट में दो माह से अटकी पड़ी है, जिसको लेकर उत्पादकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके अलावा बोर्ड के सदस्यों की सलाह के बिना ही प्लांट के सीईओ ने रिटायर कर्मियों को नियुक्ति दे दी, जिसका बोर्ड के सदस्यों द्वारा विरोध किया गया। अब उत्पादकों के करीब तीन करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है तथा बाकि राशी 16 अप्रैल को जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा मिल्क प्लांट के सीईओ ने आश्वासन दिया है कि रिटायर कर्मी को हटा दिया जाएगा और आगे से बोर्ड की सलाह पर नई नियुक्तियां की जाएगी।
-अजयपाल सिंह चेयरमैन वीटा मिल्क प्लांट।