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वन विभाग का दावा नगर परिषद बिजली, सीवरेज की सुविधा देती नहीं, बिना सुविधा टैक्स लेना उचित नहीं

Mon, 30 Apr 2018 01:09 AM IST
Updated Mon, 30 Apr 2018 01:09 AM IST
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वन विभाग का दावा नगर परिषद बिजली, सीवरेज की सुविधा देती नहीं, बिना सुविधा टैक्स लेना उचित नहीं
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सिरसा।
वन विभाग सिरसा ने नगर परिषद से पिछले दो वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स व फायर टैक्स माफ करने की गुहार लगाई है। वन विभाग का दावा है कि नगर परिषद उन्हें कोई सुविधा देती नहीं है, ऐसे में प्रॉपर्टी टैक्स किस बात का। इसलिए उन्हें भविष्य में प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिस न भेजे जाएं।
नगर परिषद सिरसा इन दिनों प्रॉपर्टी टैक्स वसूल रही है। रिहायशी, कमर्शियल और सरकारी कार्यालयों को नगरपरिषद ने प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिस जारी किए हुए हैं। वन विभाग को भी नगर परिषद ने 28 फरवरी 2018 को वर्ष 2016-17 व 2017-18 का प्रॉपर्टी व फायर टैक्स करीब 59,210 रुपये बकाया का नोटिस भेजा था। वन विभाग ने 26 अप्रैल को उस नोटिस का जवाब देते हुए सिरसा नगर परिषद को यह टैक्स न देने की बात कही है। वन विभाग का तर्क है कि नगर परिषद द्वारा फोरेस्ट कांप्लैक्स में किसी भी प्रकार की बिजली, सीवरेज इत्यादि सुविधा नहीं दी गई है। बिना कोई सुविधा दिए कोई टैक्स लिया जाना भी उचित नहीं बनता।
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इसके अतिरिक्त फोरेस्ट कांप्लैक्स वन विभाग की वन भूमि में बना हुआ है। इसलिए किसी वन भूमि पर स्थानीय शहरी निकाय विभाग के किस नियम के तहत टैक्स लिया जा रहा है। यदि नियमों में कोई प्रावधान न हो तो इस विभाग के विरुद्ध प्रॉपर्टी व फायर टैक्स को माफ किया जाए और भविष्य में किसी भी प्रकार के नोटिस न भेजे जाएं। हालांकि वन विभाग के इस पत्र से नगर परिषद ने किसी भी प्रकार की छूट नहीं देनी।
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किसी भी सरकारी कार्यालय को टैक्स में छूट नहीं : गुरशरण सिंह
नगर परिषद सिरसा के हाउस टैक्स शाखा के अधीक्षक गुरशरण सिंह का कहना है कि किसी भी सरकारी कार्यालय को टैक्स में छूट नहीं है। सरकारी विभागों से 2500 वर्ग गज एरिया तक पांच रुपये प्रति वर्ग गज टैक्स वसूला जाता है। प्रॉपर्टी टैक्स केवल युद्ध विधवा, रक्षा कर्मी और स्वतंत्रता सेनानियों का माफ है। धार्मिक स्थानों का हाउस टैक्स माफ है। लेकिन किसी सरकारी कार्यालय का नहीं। शहर में सभी सरकारी कार्यालयों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए टैक्स रजिस्टर तैयार किए जा रहे हैं। तभी पता चलेगा कि किस सरकारी कार्यालय से कितना टैक्स वसूलना अभी बकाया है।

2017-18 का बनता है चार करोड़ रुपये
नगरपरिषद ने शहर में 2017-18 वित्तीय वर्ष का करीब चार करोड़ रुपये टैक्स वसूलना है। करीब दो करोड़ 15 लाख रुपए टैक्स वसूला जा चुका है। यह टैक्स 31 मार्च 2018 तक वसूला गया। अभी भी एक करोड़ 85 लाख रुपये टैक्स वसूलना बाकी है।
येे है टैक्स वसूलने की दरें
रिहायशी क्षेत्र
क्षेत्र, दरें
एक से 300 गज 50 पैसे प्रति वर्ग गज
301 से 500 गज दो रुपये प्रति वर्ग गज
501 से 1000 गज तीन रुपये प्रति वर्ग गज
1001 से 2000 गज साढ़े तीन रुपये प्रति वर्ग गज
2001 से ऊपर चार रुपये प्रति वर्ग गज

कमर्शियल क्षेत्र
क्षेत्र दरें
1 से 50 गज 12 रुपये प्रति वर्ग गज
51 से 100 18 रुपये प्रति वर्ग गज
101 से 500 24 रुपये प्रति वर्ग गज
500 से ऊपर 30 रुपये प्रति वर्ग गज

फोटो नंबर दो व तीन
टैक्स की कॉपी व वन मंडल कार्यालय का साइन बोर्ड
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