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सरसों की खरीद शुरू नहीं होने पर किसानों ने तहसील में किया प्रदर्शन
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चोपटा। खरीदी हुई सरसों के रुपए किसानों के खातों में ना आने व बकाया सरसों की बिक्री फिर से शुरू ना होने से परेशान चोपटा क्षेत्र के किसानों ने वीरवार को चोपटा तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान 12 गांव के किसानों ने चोपटा तहसील के कानूनगो के माध्यम से उपायुक्त को एक ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि 12 मई को होने वाले चुनाव से पूर्व बिकी हुई सरसों के रुपये किसानों के खातों में नहीं आए और बकाया पड़ी सरसों की बिक्री शुरू नहीं होती है तो वो सामूहिक रूप से चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
गांव अलीमोहम्मद, रामपुरा ढिल्लों, रूपावास, निर्बाण, रूपाणा, जोड़कियां, अरनियांवाली, गौशाईयाना, खेड़ी, राजपुरा साहनी, हंजीरा, गुडिया खेड़ा, ढूकड़ा, जमाल, कुतियाना, रायपुर, लुदेसर, बकरियांवाली, तरकांवाली, गीगोरानी सहित अन्य गांवों के किसान देवीलाल, मनीराम, निहालसिंह, जयपाल, मंगलसिंह, रामस्वरूप, गौरीशंकर, अमरसिंह, वेदप्रकाश, रामकुमार, राजेश, रविंद्र, भीमसिंह, सुधीर, गोपीराम का कहना है कि उनके मोबाइल पर बीते दिवस मैसेज आया कि बकाया सरसों की बिक्री के लिए अपने नजदीकी सरसों खरीद केंद्र में 9 से 11 मई तक टोकन काटे जाएंगे। इसके आधार पर वीरवार को विभिन्न गांवों के किसान चोपटा की अनाजमंडी में अपने डॉक्यूमेंट लेकर पहुंच गए। आरोप है कि लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी हैफेड के कर्मचारी द्वारा उनके टोकन नहीं काटे गए। इसके विरोध स्वरूप किसानों ने बाद दोपहर मंडी में विभाग एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और चोपटा तहसील में पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने इस दौरान ऑफिस कानूनगो रविंद्र कुमार के माध्यम से उपायुक्त को एक ज्ञापन भेजा जिसमें किसानों ने कहा कि यदि उनके टोकन कटने शुरू नहीं हुए तो वो चुनाव का बहिष्कार कर देंगे। किसानों का आरोप है कि उन्होंने करीब एक माह पूर्व सरसों बेची थी जिसके रुपये उनके खाते में अभी तक नहीं आए हैं। यदि 12 मई तक उनके खाते में पैसे नहीं आते हैं तो वो भी चुनाव का बहिष्कार करेंगे व प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
उन पर जो भी आरोप लगे हुए हैं वो झूठे हैं। सरसों की बिक्री के लिए टोकन काटे जा रहे हैं।
- शंकर, हैफेड सुपरवाइजर।
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गांव अलीमोहम्मद, रामपुरा ढिल्लों, रूपावास, निर्बाण, रूपाणा, जोड़कियां, अरनियांवाली, गौशाईयाना, खेड़ी, राजपुरा साहनी, हंजीरा, गुडिया खेड़ा, ढूकड़ा, जमाल, कुतियाना, रायपुर, लुदेसर, बकरियांवाली, तरकांवाली, गीगोरानी सहित अन्य गांवों के किसान देवीलाल, मनीराम, निहालसिंह, जयपाल, मंगलसिंह, रामस्वरूप, गौरीशंकर, अमरसिंह, वेदप्रकाश, रामकुमार, राजेश, रविंद्र, भीमसिंह, सुधीर, गोपीराम का कहना है कि उनके मोबाइल पर बीते दिवस मैसेज आया कि बकाया सरसों की बिक्री के लिए अपने नजदीकी सरसों खरीद केंद्र में 9 से 11 मई तक टोकन काटे जाएंगे। इसके आधार पर वीरवार को विभिन्न गांवों के किसान चोपटा की अनाजमंडी में अपने डॉक्यूमेंट लेकर पहुंच गए। आरोप है कि लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी हैफेड के कर्मचारी द्वारा उनके टोकन नहीं काटे गए। इसके विरोध स्वरूप किसानों ने बाद दोपहर मंडी में विभाग एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और चोपटा तहसील में पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने इस दौरान ऑफिस कानूनगो रविंद्र कुमार के माध्यम से उपायुक्त को एक ज्ञापन भेजा जिसमें किसानों ने कहा कि यदि उनके टोकन कटने शुरू नहीं हुए तो वो चुनाव का बहिष्कार कर देंगे। किसानों का आरोप है कि उन्होंने करीब एक माह पूर्व सरसों बेची थी जिसके रुपये उनके खाते में अभी तक नहीं आए हैं। यदि 12 मई तक उनके खाते में पैसे नहीं आते हैं तो वो भी चुनाव का बहिष्कार करेंगे व प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
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उन पर जो भी आरोप लगे हुए हैं वो झूठे हैं। सरसों की बिक्री के लिए टोकन काटे जा रहे हैं।
- शंकर, हैफेड सुपरवाइजर।