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डीएवी को झटका, अदालत ने अग्निकांड पीड़ितों के पक्ष में दिया फैसला
Updated Tue, 20 Feb 2018 01:29 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
डबवाली (सिरसा)।
डबवाली अग्निकांड पर फैसला सुनाते हुए उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी रितू ने सोमवार को डीएवी संस्थान को बकाया मुआवजा राशि ब्याज सहित 28 फरवरी, 2018 तक जमा करवाने के आदेश दिए। डीएवी संस्थान की ओर से अग्निकांड पीड़ितों का करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये मुआवजा बकाया है।
गौरतलब है कि अदालत ने 11 दिसंबर, 2017 को डीएवी को मुआवजा राशि जमा करवाने के आदेश दिए थे, लेकिन डीएवी संस्थान ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील दायर करके मुआवजा की गणना में कुछ कमी बताकर दोबारा सुनवाई का अनुरोध किया था। जिसे मानते हुए उच्च न्यायालय ने 22 दिसंबर, 2017 को डीएवी को निचली अदालत में भेज दिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद तथा ब्याज गणना में अंतर निकालने के बाद आज अदालत ने उपरोक्त फैसला दिया। इसके मुताबिक डीएवी का कुल मुआवजा हिस्सा 18 करोड़ 77 लाख 74 हजार 278 रुपये बनता था। नौ अप्रैल, 2010 तक सात करोड़ 64 लाख 69 हजार 477 रुपये ब्याज जुड़ गया। कुल बकाया 26 करोड़ 42 लाख 43 हजार 755 रुपये डीएवी की तरफ बकाया हो गया। 15 मार्च 2010 को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर डीएवी ने 10 करोड़ रुपये जमा करवाए। बकाया राशि 16 करोड़ 42 लाख 43 हजार 755 पर मार्च 2013 तक का ब्याज दो करोड़ 87 लाख 42 हजार 657 रुपये जुड़ने के बाद डीएवी की तरफ 19 करोड़ 29 लाख 86 हजार 412 रुपये बकाया थे, जिसमें से उच्चतम न्यायालय में अपील खारिज होने के बाद डीएवी ने वर्ष 2013 में 17 करोड़ 120 रुपये जमा करवा दिए थे।
डीएवी की तरफ दो करोड़ 29 लाख 86 हजार 292 रुपये बकाया रह गए थे, जिसको लेकर डीएवी संस्थान उच्चतम न्यायालय दोबारा चला गया। वर्ष 2016 में उच्चतम न्यायालय ने डीएवी को आदेश दिया कि बकाया राशि चार माह में जमा करवाए। अन्यथा बकाया पर 10 फीसदी का ब्याज देना होगा।
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डीएवी संस्थान ने आदेशों की अवहेलना करते हुए पैसा जमा नहीं करवाया। जिस पर डबवाली अग्निकांड पीड़ित संघ ने डीएवी संस्थान की प्रॉपर्टी तथा बैंक खाते अटैच करने की गुहार लगाई। 11 मार्च, 2013 से 10 फीसदी की दर से इस राशि पर 31 जनवरी, 2018 तक ब्याज की गणना एक करोड़ 12 लाख 37 हजार 742 रुपये करने के बाद डीएवी की तरफ तीन करोड़ 42 लाख 24 हजार 34 रुपये बकाया हैं। अग्निकांड पीड़ित संघ के प्रवक्ता विनोद बांसल ने बताया कि फरवरी 2018 का ब्याज एक लाख 91 हजार 552 रुपये बनता है।
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डबवाली (सिरसा)।
डबवाली अग्निकांड पर फैसला सुनाते हुए उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी रितू ने सोमवार को डीएवी संस्थान को बकाया मुआवजा राशि ब्याज सहित 28 फरवरी, 2018 तक जमा करवाने के आदेश दिए। डीएवी संस्थान की ओर से अग्निकांड पीड़ितों का करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये मुआवजा बकाया है।
गौरतलब है कि अदालत ने 11 दिसंबर, 2017 को डीएवी को मुआवजा राशि जमा करवाने के आदेश दिए थे, लेकिन डीएवी संस्थान ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील दायर करके मुआवजा की गणना में कुछ कमी बताकर दोबारा सुनवाई का अनुरोध किया था। जिसे मानते हुए उच्च न्यायालय ने 22 दिसंबर, 2017 को डीएवी को निचली अदालत में भेज दिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद तथा ब्याज गणना में अंतर निकालने के बाद आज अदालत ने उपरोक्त फैसला दिया। इसके मुताबिक डीएवी का कुल मुआवजा हिस्सा 18 करोड़ 77 लाख 74 हजार 278 रुपये बनता था। नौ अप्रैल, 2010 तक सात करोड़ 64 लाख 69 हजार 477 रुपये ब्याज जुड़ गया। कुल बकाया 26 करोड़ 42 लाख 43 हजार 755 रुपये डीएवी की तरफ बकाया हो गया। 15 मार्च 2010 को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर डीएवी ने 10 करोड़ रुपये जमा करवाए। बकाया राशि 16 करोड़ 42 लाख 43 हजार 755 पर मार्च 2013 तक का ब्याज दो करोड़ 87 लाख 42 हजार 657 रुपये जुड़ने के बाद डीएवी की तरफ 19 करोड़ 29 लाख 86 हजार 412 रुपये बकाया थे, जिसमें से उच्चतम न्यायालय में अपील खारिज होने के बाद डीएवी ने वर्ष 2013 में 17 करोड़ 120 रुपये जमा करवा दिए थे।
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डीएवी की तरफ दो करोड़ 29 लाख 86 हजार 292 रुपये बकाया रह गए थे, जिसको लेकर डीएवी संस्थान उच्चतम न्यायालय दोबारा चला गया। वर्ष 2016 में उच्चतम न्यायालय ने डीएवी को आदेश दिया कि बकाया राशि चार माह में जमा करवाए। अन्यथा बकाया पर 10 फीसदी का ब्याज देना होगा।
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डीएवी संस्थान ने आदेशों की अवहेलना करते हुए पैसा जमा नहीं करवाया। जिस पर डबवाली अग्निकांड पीड़ित संघ ने डीएवी संस्थान की प्रॉपर्टी तथा बैंक खाते अटैच करने की गुहार लगाई। 11 मार्च, 2013 से 10 फीसदी की दर से इस राशि पर 31 जनवरी, 2018 तक ब्याज की गणना एक करोड़ 12 लाख 37 हजार 742 रुपये करने के बाद डीएवी की तरफ तीन करोड़ 42 लाख 24 हजार 34 रुपये बकाया हैं। अग्निकांड पीड़ित संघ के प्रवक्ता विनोद बांसल ने बताया कि फरवरी 2018 का ब्याज एक लाख 91 हजार 552 रुपये बनता है।