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रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार को दी चेतावनी
Updated Sun, 24 Dec 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
हरियाणा रोडवेज वर्क्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर शनिवार को रोडवेज कर्मियों ने प्रदर्शन किया। रोडवेज परिसर में कर्मचारियों ने जमकर सरकार को कोसा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर्मचारी नेता दलबीर किरमारा, हरिनारायण शर्मा, रमेश सैनी, आजाद सिंह गिल ने किया। कर्मचारी नेताओं ने 28 दिसंबर की प्रस्तावित हड़ताल को कामयाब बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों के मामले में टालमटोल की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मियों की हड़ताल की सफलता को देखते हुए सरकार के हाथ पांव पहले ही फूल गए है, इसलिए सरकार कर्मचारियों की छुट्टी के आवेदनों को स्वीकार नहीं कर रही है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की बजाए रोडवेज को ही तहस-नहस करने पर तुली हुई है।
उन्होंने कहा कि परिवहन बेडे़ में एक हजार बसों की जरूरत है। लेकिन नई बसें खरीदने की बजाए सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की बसों को बंद करने का फैसला बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के हर हथकंडे का जवाब कर्मचारी देंगे। इस मौके पर डिपू प्रधान रणजीत बाजवा, राज्य महासचिव चिमनलाल, चंद्रशेखर धम्मी, रमेश कुमार, भीम सिंह चक्का, रामकुमार बिश्नोई, भूप सिंह, सुखदर्शन लवली, बलराज सिंह बाजवा, रामकुमार, सुभाष कंबोज आदि मौजूद रहे।
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सिरसा।
हरियाणा रोडवेज वर्क्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर शनिवार को रोडवेज कर्मियों ने प्रदर्शन किया। रोडवेज परिसर में कर्मचारियों ने जमकर सरकार को कोसा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर्मचारी नेता दलबीर किरमारा, हरिनारायण शर्मा, रमेश सैनी, आजाद सिंह गिल ने किया। कर्मचारी नेताओं ने 28 दिसंबर की प्रस्तावित हड़ताल को कामयाब बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों के मामले में टालमटोल की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मियों की हड़ताल की सफलता को देखते हुए सरकार के हाथ पांव पहले ही फूल गए है, इसलिए सरकार कर्मचारियों की छुट्टी के आवेदनों को स्वीकार नहीं कर रही है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की बजाए रोडवेज को ही तहस-नहस करने पर तुली हुई है।
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उन्होंने कहा कि परिवहन बेडे़ में एक हजार बसों की जरूरत है। लेकिन नई बसें खरीदने की बजाए सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की बसों को बंद करने का फैसला बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के हर हथकंडे का जवाब कर्मचारी देंगे। इस मौके पर डिपू प्रधान रणजीत बाजवा, राज्य महासचिव चिमनलाल, चंद्रशेखर धम्मी, रमेश कुमार, भीम सिंह चक्का, रामकुमार बिश्नोई, भूप सिंह, सुखदर्शन लवली, बलराज सिंह बाजवा, रामकुमार, सुभाष कंबोज आदि मौजूद रहे।
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