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कालांवाली शहर में कांग्रेस का महंगाई को लेकर बंद बेअसर रहा
Updated Tue, 11 Sep 2018 02:36 AM IST
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कांग्रेसी नेताओं ने खुली रखी अपनी दुकानें
कालांवाली। देश भर में पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों और महंगाई को लेकर किए गया भारत बंद शहर में बेअसर रहा। शहर में दुकानें खुली रहीं। इस दौरान शहर में कांग्रेस का कोई भी नेता या कार्यकर्ता बंद की अपील करने नहीं पहुंचा। कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं ने खुद भी अपनी दुकानें भी खुली रखीं।
कांग्रेस की ओर से देश बंद के आह्वान को लेकर लोगों में चर्चा थी कि दो दिन पूर्व ही इनेलो की ओर से बंद का आह्वान किया गया था। आज कांग्रेस की ओर से किए गए बंद के आह्वान को लेकर व्यापारियों में नाराजगी देखी गई। व्यापारियों का कहना है कि राजनीति सियासत के खेल में व्यापारी वर्ग पिस रहा है। सरकार की गलत नीतियों के चलते उनके व्यापार पहले ही ठप हो चुके है। अब विपक्षी पार्टियां राजनीति चमकाने के लिए व्यापारियों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग हर राजनीति पार्टी को अपना समर्थन देकर सहयोग करता है। लेकिन अपना मतलब पूरा होने पर किसी भी राजनीति पार्टी की ओर से व्यापारियों के हितों की रक्षा नहीं की जाती। इसी के चलते व्यापारियों में राजनीति पार्टियों के प्रति नाराजगी है और वे बंद को लेकर की जा रही राजनीति में सहयोग नहीं कर रहे।
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कालांवाली। देश भर में पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों और महंगाई को लेकर किए गया भारत बंद शहर में बेअसर रहा। शहर में दुकानें खुली रहीं। इस दौरान शहर में कांग्रेस का कोई भी नेता या कार्यकर्ता बंद की अपील करने नहीं पहुंचा। कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं ने खुद भी अपनी दुकानें भी खुली रखीं।
कांग्रेस की ओर से देश बंद के आह्वान को लेकर लोगों में चर्चा थी कि दो दिन पूर्व ही इनेलो की ओर से बंद का आह्वान किया गया था। आज कांग्रेस की ओर से किए गए बंद के आह्वान को लेकर व्यापारियों में नाराजगी देखी गई। व्यापारियों का कहना है कि राजनीति सियासत के खेल में व्यापारी वर्ग पिस रहा है। सरकार की गलत नीतियों के चलते उनके व्यापार पहले ही ठप हो चुके है। अब विपक्षी पार्टियां राजनीति चमकाने के लिए व्यापारियों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग हर राजनीति पार्टी को अपना समर्थन देकर सहयोग करता है। लेकिन अपना मतलब पूरा होने पर किसी भी राजनीति पार्टी की ओर से व्यापारियों के हितों की रक्षा नहीं की जाती। इसी के चलते व्यापारियों में राजनीति पार्टियों के प्रति नाराजगी है और वे बंद को लेकर की जा रही राजनीति में सहयोग नहीं कर रहे।
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