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सीडीएलयू हॉस्टल में मेडिकल सुविधा नहीं मिलने पर छात्राओं ने किया हंगामा
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:13 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में वीरवार रात 12 बजे के करीब गर्ल्स हॉस्टल में तीन छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। समय पर मेडिकल सुविधा नहीं मिलने से नाराज छात्राओं ने हॉस्टल के बाहर जमकर हंगामा किया। इसके बाद सूचना पाकर विवि के रजिस्ट्रार भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को उचित व्यवस्था का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राएं शांत हुई। छात्राओं को एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां एक घंटे बाद उनको छुट्टी मिल गई।
जानकारी के अनुसार वीरवार देर रात्रि को हॉस्टल में विज्ञान विभाग की एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर अन्य छात्राओं ने वार्डन को भी सूचित किया। करीब 45 मिनट तक छात्राएं सहायता के लिए वार्डन के चक्कर काटती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी दौरान दो अन्य छात्रा की भी तबीयत बिगड़ गई, लेकिन एक ही एंबुलेंस व एक ही चालक होने के कारण अस्पताल ले जाने में काफी देरी हो गई, जिससे छात्राओं में रोष फैल गया। इस दौरान कोई भी अधिकारी विश्वविद्यालय की तरफ से बातचीत करने के लिए नहीं आया, जिस पर छात्राओं को गुस्सा और बढ़ गया।
कुलपति ने अपने अन्य अधिकारियों को मौके पर भेजा, ताकि छात्राओं का रोष शांत हो जाए। रात दो बजे हॉस्टल गेट पर धरना दिया। रात दो बजे स्वयं कुलपति प्रो. विजय कायत आए तो सभी छात्राओं ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया और सुबह 10 बजे ऑफिस में वार्ता करने के लिए बुलाया। एसएफआई ने इस घटना की निंदा की है। छात्राओं ने बताया कि एक ओर तो बीजेपी सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे लगा रही है वहीं दूसरी ओर देश व प्रदेश की बेटियां दिन-रात धरने प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। इकाई सचिव रितू ने कहा कि इन घटनाओं से कुलपति को कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर फर्क पड़ता तो तीन घंटों तक छात्राओं को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर नहीं करते। उधर सीडीएलयू के डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. दिलबाग सिंह ने बताया कि एक ही एंबुलेंस थी ऐसे में देर हुई। उन्होंने बताया कि अब हॉस्टल में डॉक्टर शैफाली की ड्यूटी लगा दी गई है।
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इस बारे में हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि छात्रा परीक्षा परिणाम को लेकर तनाव में आई जिससे उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उसकी हालत देखकर एक अन्य छात्रा जो हृदय रोग से पीड़ित थी का अचानक रक्तचाप बढ़ गया और चक्कर खाकर गिर गई। जब छात्राएं प्रदर्शन कर रही थी तो तीसरी छात्रा नारेबाजी करते हुए चक्कर खाकर गिर पड़ी। तीनों छात्राओं को एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां एक घंटे बाद तीनों को हॉस्टल भेज दिया। शुक्रवार सुबह तीनों छात्राएं अपने घर चली गई।
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फोटो: 02 और 03
सीडीएलयू हॉस्टल में तीन छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, समय पर मेडिकल सुविधा नहीं मिलने से हंगामा
विवि प्रशासन ने हॉस्टल में नियुक्त की डॉक्टर
एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, सुबह तीनों छात्राएं अपने घर चली गई
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सिरसा।
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में वीरवार रात 12 बजे के करीब गर्ल्स हॉस्टल में तीन छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। समय पर मेडिकल सुविधा नहीं मिलने से नाराज छात्राओं ने हॉस्टल के बाहर जमकर हंगामा किया। इसके बाद सूचना पाकर विवि के रजिस्ट्रार भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को उचित व्यवस्था का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राएं शांत हुई। छात्राओं को एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां एक घंटे बाद उनको छुट्टी मिल गई।
जानकारी के अनुसार वीरवार देर रात्रि को हॉस्टल में विज्ञान विभाग की एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर अन्य छात्राओं ने वार्डन को भी सूचित किया। करीब 45 मिनट तक छात्राएं सहायता के लिए वार्डन के चक्कर काटती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी दौरान दो अन्य छात्रा की भी तबीयत बिगड़ गई, लेकिन एक ही एंबुलेंस व एक ही चालक होने के कारण अस्पताल ले जाने में काफी देरी हो गई, जिससे छात्राओं में रोष फैल गया। इस दौरान कोई भी अधिकारी विश्वविद्यालय की तरफ से बातचीत करने के लिए नहीं आया, जिस पर छात्राओं को गुस्सा और बढ़ गया।
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कुलपति ने अपने अन्य अधिकारियों को मौके पर भेजा, ताकि छात्राओं का रोष शांत हो जाए। रात दो बजे हॉस्टल गेट पर धरना दिया। रात दो बजे स्वयं कुलपति प्रो. विजय कायत आए तो सभी छात्राओं ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया और सुबह 10 बजे ऑफिस में वार्ता करने के लिए बुलाया। एसएफआई ने इस घटना की निंदा की है। छात्राओं ने बताया कि एक ओर तो बीजेपी सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे लगा रही है वहीं दूसरी ओर देश व प्रदेश की बेटियां दिन-रात धरने प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। इकाई सचिव रितू ने कहा कि इन घटनाओं से कुलपति को कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर फर्क पड़ता तो तीन घंटों तक छात्राओं को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर नहीं करते। उधर सीडीएलयू के डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. दिलबाग सिंह ने बताया कि एक ही एंबुलेंस थी ऐसे में देर हुई। उन्होंने बताया कि अब हॉस्टल में डॉक्टर शैफाली की ड्यूटी लगा दी गई है।
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इस बारे में हॉस्टल की छात्राओं ने बताया कि छात्रा परीक्षा परिणाम को लेकर तनाव में आई जिससे उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उसकी हालत देखकर एक अन्य छात्रा जो हृदय रोग से पीड़ित थी का अचानक रक्तचाप बढ़ गया और चक्कर खाकर गिर गई। जब छात्राएं प्रदर्शन कर रही थी तो तीसरी छात्रा नारेबाजी करते हुए चक्कर खाकर गिर पड़ी। तीनों छात्राओं को एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां एक घंटे बाद तीनों को हॉस्टल भेज दिया। शुक्रवार सुबह तीनों छात्राएं अपने घर चली गई।
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फोटो: 02 और 03
सीडीएलयू हॉस्टल में तीन छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, समय पर मेडिकल सुविधा नहीं मिलने से हंगामा
विवि प्रशासन ने हॉस्टल में नियुक्त की डॉक्टर
एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, सुबह तीनों छात्राएं अपने घर चली गई