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लैब संचालकों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 17 Jan 2018 01:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
प्रयोगशाला संचालन संबंधित नियमों में संशोधन की मांग को लेकर मेडिकल लाइब्रेरी प्रोफेशनल एसोसिएशन सिरसा के बैनर तले अनेक लैब संचालक करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए रवाना हुए। वहीं मंगलवार को अस्पताल में संचालित लैबों को छोड़कर शहर की अधिकतर लैब बंद रहीं। लैब बंद होने के कारण मरीजों को जांच करवाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में उचित प्रबंध किए गए थे।
लैब संचालकों ने गत 11 जनवरी को शहर में रोष प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था तथा चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 16 जनवरी को करनाल में सीएम आवास का शांतिपूर्ण तरीके से घेराव किया जाएगा। करनाल रवाना होने से पूर्व लैब संचालकों संजीव, नरेश प्रमोद, अशोक आदि ने कहा कि लैब संचालन के व्यवसाय से करीब 50 हजार परिवार जुड़े हुए हैं। उन्हाेंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किए गए आदेशानुसार प्रयोगशाला टेस्ट करेगा, किंतु मरीज को रिपोर्ट देने से पहले एमबीबीएस डॉक्टर से काउंटर साइन करवाने का एसोसिएशन विरोध करती है इसको तुरंत संशोधित किया जाए। उन्होंने मांग की कि प्रयोगशाला टेस्ट एसोसिएशन द्वारा दिए गए काउंसिल एक्ट को तुरंत लागू किया जाए, क्लीनिक ईएसटी एक्ट में प्रयोगशाला टैक्स को हस्ताक्षर करके रिपोर्ट देने का प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि वे करनाल में सीएम हाउस का शांतिपूर्ण तरीके से घेराव करेंगे अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल में व्यापक प्रबंध किए गए थे। सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता ने बताया कि जहां पहले लैब में प्रतिदिन 100 से 150 तक सैंपल आते थे मंगलवार को सैंपल की संख्या 2500 तक पहुंच गई।
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कालांवाली में मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी
कालांवाली। लेबोरेट्री संचालन संबंधित नियमों में संशोधन की मांग को लेकर मंगलवार को लैब एसोसिएशन के बैनर तले लैब संचालकों ने एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जताया और शहर के करीब 25 निजी लैब संचालकों का जत्था करनाल में मुख्यमंत्री हाउस में विरोध जताने के लिए रवाना हुआ। निजी लैब संचालकों की हड़ताल के चलते शहर में सभी निजी लैब बंद होने से सरकारी अस्पताल में मरीजों की तादाद में बढ़ोतरी हुई और सरकारी अस्पताल में कई टेस्ट न होने से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लैब संचालकों संजीव सिंगला, वीर सिंह, देवीलाल, गुरचरण मोंगा, अविनाश कुमार व अन्य ने बताया कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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सिरसा।
प्रयोगशाला संचालन संबंधित नियमों में संशोधन की मांग को लेकर मेडिकल लाइब्रेरी प्रोफेशनल एसोसिएशन सिरसा के बैनर तले अनेक लैब संचालक करनाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए रवाना हुए। वहीं मंगलवार को अस्पताल में संचालित लैबों को छोड़कर शहर की अधिकतर लैब बंद रहीं। लैब बंद होने के कारण मरीजों को जांच करवाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में उचित प्रबंध किए गए थे।
लैब संचालकों ने गत 11 जनवरी को शहर में रोष प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था तथा चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 16 जनवरी को करनाल में सीएम आवास का शांतिपूर्ण तरीके से घेराव किया जाएगा। करनाल रवाना होने से पूर्व लैब संचालकों संजीव, नरेश प्रमोद, अशोक आदि ने कहा कि लैब संचालन के व्यवसाय से करीब 50 हजार परिवार जुड़े हुए हैं। उन्हाेंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा किए गए आदेशानुसार प्रयोगशाला टेस्ट करेगा, किंतु मरीज को रिपोर्ट देने से पहले एमबीबीएस डॉक्टर से काउंटर साइन करवाने का एसोसिएशन विरोध करती है इसको तुरंत संशोधित किया जाए। उन्होंने मांग की कि प्रयोगशाला टेस्ट एसोसिएशन द्वारा दिए गए काउंसिल एक्ट को तुरंत लागू किया जाए, क्लीनिक ईएसटी एक्ट में प्रयोगशाला टैक्स को हस्ताक्षर करके रिपोर्ट देने का प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि वे करनाल में सीएम हाउस का शांतिपूर्ण तरीके से घेराव करेंगे अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
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उधर, स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति से निपटने के लिए जिला अस्पताल में व्यापक प्रबंध किए गए थे। सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता ने बताया कि जहां पहले लैब में प्रतिदिन 100 से 150 तक सैंपल आते थे मंगलवार को सैंपल की संख्या 2500 तक पहुंच गई।
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कालांवाली में मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानी
कालांवाली। लेबोरेट्री संचालन संबंधित नियमों में संशोधन की मांग को लेकर मंगलवार को लैब एसोसिएशन के बैनर तले लैब संचालकों ने एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जताया और शहर के करीब 25 निजी लैब संचालकों का जत्था करनाल में मुख्यमंत्री हाउस में विरोध जताने के लिए रवाना हुआ। निजी लैब संचालकों की हड़ताल के चलते शहर में सभी निजी लैब बंद होने से सरकारी अस्पताल में मरीजों की तादाद में बढ़ोतरी हुई और सरकारी अस्पताल में कई टेस्ट न होने से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लैब संचालकों संजीव सिंगला, वीर सिंह, देवीलाल, गुरचरण मोंगा, अविनाश कुमार व अन्य ने बताया कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी उनका आंदोलन जारी रहेगा।