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सुरक्षा कवच: स्वास्थ्य विभाग शुरू करेगा पीबीएस

Sun, 14 Jan 2018 01:09 AM IST
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:09 AM IST
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सुरक्षा कवच: स्वास्थ्य विभाग शुरू करेगा पीबीएस
अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
जीवन शैली में बदलाव के चलते लोगों में बढ़ रही गैर संक्रमण बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग हो गया है। तीन प्रकार के कैं सर, मधुमेह और रक्त चाप को लेकर स्वास्थ्य कर्मी घर घर जाकर 30 साल से अधिक आयु वर्ग के हर व्यक्ति की जांच करेंगे और उनसे फार्म भी भरवाया जाएगा। यह कार्य पापुलेशन बेस्ड स्क्रीनिंग (पीबीएस) के तहत किया जाएगा। इसके बाद सर्वे की समीक्षा कर रोग के कारणों का पता लगाकर रोगियों की जीवन शैली में बदलाव लाने के लिए कार्य किया जाएगा।
भागदौड़ की जिंदगी में मनुष्य का खान पान बदल गया है उसक ी जीवन शैली बदल गई है, जिसके चलते अनेक बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। कैं सर, मधुमेह और रक्त चाप तीन प्रमुख बीमारी तेजी से फैल रही है। इनके प्रति जरा सी लापरवाही जान लेवा साबित हो जाती है। सिविल सर्जन डॉ. गोविंद गुप्ता ने बताया कि पापुलेशन बेस्ड स्क्र ीनिंग (पीबीएस) के तहत घर घर जाकर ऐसे 30-30 से अधिक आयु के हर महिला और पुरुषों की जांच होगी। डिप्टी सीएमओ और एनसीडी की नोडल अधिकारी डॉ. आशा जिंदल ने बताया कि यह योजना फिलहाल सिरसा, पंचकू ला, यमुनानगर, अंबाला और गुरुग्राम में शुरू की गई है। उन्हाेंने बताया कि इसके लिए इस योजना के तहत कार्य करने वाले हर स्वास्थ्य कर्मी को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में सर्वे शुरू कर दिया जाएगा।
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सिविल सर्जन डॉ. गोविंद गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत स्वास्थ्य कर्मी ब्रेस्ट कैंसर, सरवाइकल कैंसर और ओरल कैंसर के साथ-साथ मधुमेह और रक्तचाप को लेकर जांच की जाएगी। उन्होेंने बताया कि हर व्यक्ति से एक फार्म भरवाया जाएगा, जिसमें उसके रोग का विवरण होगा, उसकी लाइफ स्टाल का भी उल्लेख होगा। जिन्हें पहले से रोग के बारे में जानकारी है और जिनका उपचार जारी है उनक ी जीवन शैली में बदलाव लाने के बारे में परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग का कार्य पूरा होने पर समीक्षा की जाएगी और के कारणों का पता लगाया जाएगा। उन्हाेंने लोगों से अपील की है इस कार्य में स्वास्थ्य कर्मचारियों का सहयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि ये ऐसी बीमारी है जिन पर जीवन शैली में बदलाव लाकर भी काबू पाया जा सकता है। इसके साथ ही उपचार भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि महिलाएं रोग को छुपा लेती हैं, जिसका उन्हें बाद में खामियाजा उठाना पड़ता है। ऐेसे में महिलाओं की बात जानने के लिए महिला स्वास्थ्यकर्मी भी रहेंगे।
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