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छोटी सरकार हुई लाल

Wed, 05 Jul 2017 11:43 PM IST
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:43 PM IST
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छोटी सरकार हुई लाल
छोटी सरकार हुई लाल
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ई-टेंडरिंग के विरोध में सरपंचों ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
कहा मांग पूरी नहीं हुई तो पद से देंगे इस्तीफा
अधिकारियों का नहीं करेंगे किसी प्रकार का सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
छोटी सरकार ने बड़ी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला दिया है। बुधवार को जिलेभर के सरपंच पंचायत भवन में एकत्रित हुए जहां पर उन्होंने सभा का आयोजन किया। इस दौरान फैसला लिया गया कि प्रदेश सरकार ने ई-टेंडरिंग प्रणाली को वापस नहीं लिया तो सामूहिक रूप से सभी सरपंच अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद सरपंचों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरपंचों ने मांग मनवाने के लिए डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है। उन्होंने फैसला लिया कि किसी भी योजना के लिए अधिकारियों का सहयोग नहीं करेंगे।
ई-टेंडरिंग के विरोध में बुधवार को सिरसा जिले की समस्त ग्राम पंचायतें पहले पंचायत भवन में एकत्रित हुईं और वहां से सरकार के खिलाफ रूपरेखा बनाकर पंचायत भवन से प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने कैथल ब्लॉक में सरपंचों को मुख्यमंत्री द्वारा कहे गए अपशब्द पर विरोध जताया। उन्हाेंने कहा कि इससे पूर्व भी कई बार सरकार को ज्ञापन भेज चुके हैं पर उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरपंचों ने एक सुर में कहा कि अब आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेंगे। अधिकारियों के अलावा भाजपा और सरकार के किसी मंत्री एवं चेयरमैन का भी किसी प्रकार का सहयोग नहीं करेंगे, बल्कि जो सरपंच भाजपा में पदाधिकारी हैं वे उससे भी इस्तीफा देंगे।
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इसके अलावा ई-टेंडरिंग का विरोध जताते हुए ग्राम पंचायतों ने कहा कि इसमें विकास के रास्ते कम और घोटालों के रास्ते ज्यादा खुलते हैं। इससे पूर्व सभी ने एकमत होकर फैसला लिया कि सरपंच गांव में सरपंची करेगा और सरकार या पार्टी की चौकीदारी नहीं करेगा। यदि सरकार द्वारा कोई स्कीम लागू की जाती है तो अधिकारी स्वयं गांव में जाकर लोगों को जानकारी दे सकते हैं।
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आवारा पशुओं को पकड़ने, खुले में शौचमुक्त जैसी अनेक योजनाओं में सरपंच कोई योगदान नहीं करेगा। इसके अलावा यह भी फैसला लिया गया कि भाजपा पार्टी से जुड़े सभी सरपंच पार्टी पद से इस्तीफा देंगे तथा पार्टी से अपनी सदस्यता रद्द करवाएंगे। यदि सरकार फिर भी अपने तुगलकी फरमान पंचायतों पर जारी करती है तो सभी सरपंच सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे। इस मौके पर सिरसा ब्लॉक के प्रधान आत्माराम सिहाग, अमनदीप सिंह ब्लॉक प्रधान रानियां, ओढां प्रधान बाबूलाल गैदर, बड़ागुढ़ा ब्लॉक प्रधान बलजीत सिंह, चोपटा ब्लॉक प्रधान अनिरुद्ध सिंह ढिल्लो, ऐलनाबाद ब्लॉक प्रधान बूटा सिंह और डबवाली ब्लॉक प्रधान किरतपाल सिंह सहित सभी आए हुए सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने ई-टेंडरिंग प्रणाली का विरोध करने का निर्णय लिया है।


डीसी को ही दिया सरपंचों ने ज्ञापन
सभी सरपंच जब डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने लघु सचिवालय पहुंचे तो डीसी को ओर से डीडीपीओ प्रीतपाल सिंह ज्ञापन लेने बाहर आए। सरपंचों ने उनको ज्ञापन देने से इंकार कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद एडीसी अजय सिंह तोमर ज्ञापन लेने पहुंचे तो सरपंचों का पारा और चढ़ गया। सरपंचों ने एडीसी को ज्ञापन देने से मना कर दिया और साफ कहा कि डीसी ज्ञापन लेने आएंगी तो ज्ञापन सौंपेंगे अन्यथा वे लौट जाएंगे। इसके बाद डीसी शरणदीप कौर बराड़ स्वयं ज्ञापन लेने पहुंची तो सरपंचों ने कहा कि आप जब गांवों में जाते हैं तो हम भव्य कार्यक्रम करते हैं पर आज हमसे ज्ञापन लेना भी आपने उचित नहीं समझा तो डीसी ने सभी सरपंचों के समक्ष इस बात को महसूस किया।
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