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Rohtak News: 25 प्रतिशत राशि जमा कराते मिल जाएगा दुकान का कब्जा, 22 ने जमा करवाए कागजात, आज अंतिम अवसर
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एलिवेटेड रोड स्थित दुकानदारों के साथ बैठक करते निगम अधिकारी। स्रोत स्वयं
रोहतक। एलिवेटेड ट्रैक के विस्थापितों को 25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर दिवाली से पहले दुकान का कब्जा मिल जाएगा। साथ ही पूरी राशि 45 दिन की जगह 90 दिन में जमा कराने पर निगम ब्याज नहीं लेगा। वीरवार को मेयर मनमोहन गोयल व निगम आयुक्त जितेंद्र सिंह ने विस्थापितों के सामने बैठक में यह प्रस्ताव रखा। साथ ही शुक्रवार को सभी 37 दुकानदारों से कागजात जमा कराने का आग्रह किया। वहीं, रजिस्ट्री फीस माफ करने की मांग एक बार फिर मेयर व आयुक्त ने मानने से इन्कार कर दिया।
रोहतक-पानीपत वाया गोहाना रेलवे लाइन शहर के बीचोंबीच से गुजरती है। इसके चलते अक्सर बजरंग भवन व शीला बाईपास के नजदीक फाटक बंद होने से सिविल रोड व बस स्टैंड रोड पर जाम की स्थिति रहती थी। 2018 में रेलवे ने राज्य सरकार के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन से लेकर राजीव गांधी स्टेडियम तक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनाया था। इसके लिए गांधी कैंप के 37 से ज्यादा लोगों की दुकानें और मकान तोड़ी गई थीं। सरकार ने पावर हाउस चौक के नजदीक 112 दुकानें बनाकर दी हैं। अब उनका आवंटन किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम की तरफ से 27 अक्तूबर तक कागजात जमा कराने का समय दिया गया था। अब तक 22 दुकानदारों ने कागजात जमा करवाए हैं। विस्थपितों ने निगम प्रशासन से मांग की थी कि उनसे रजिस्ट्री फीस न ली जाए, जो डेढ़ से 2 लाख तक दुकानदारों को देनी होगी। इसके अलावा उनको बिना ब्याज पर लोन दिया जाए। इसको लेकर 37 में से 35 विस्थापित निगम कार्यालय पहुंचे और आयुक्त व मेयर के साथ बैठक की।
मेयर व निगम आयुक्त के सामने एक बार फिर विस्थापितों ने मांग रखी कि उनसे रजिस्ट्री फीस न ली जाए। क्योंकि पांच साल से काम बंद पड़े हैं। आयुक्त व मेयर ने कहा कि वे पत्र से बाहर नहीं जा सकते। अब विस्थापितों के पास कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में ज्यादातर ने कागजात जमा करवा दिए हैं। जो औपचारिकताएं अधूरी हैं, उनको शुक्रवार को पूरा कराएंगे।
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सुरेंद्र बतरा, विस्थापित, रेलवे एलिवेटेड ट्रैक
दिवाली तक दुकानों का आवंटन करवाना उनकी पहली प्राथमिकता है। वीरवार को बैठक में विस्थापितों को बताया कि अगर वे 25 प्रतिशत राशि जमा करवाते हैं तो दुकान का कब्जा दे दिया जाएगा। साथ ही अब 45 दिन की जगह 90 दिन में राशि जमा कराते हैं तो निगम कोई ब्याज नहीं लेगा। इसके अलावा निगम दुकानदारों का लोन करवा देगा। राशि किश्तों में जमा कराने का प्रस्ताव चंडीगढ़ भेजा है।
मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
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रोहतक-पानीपत वाया गोहाना रेलवे लाइन शहर के बीचोंबीच से गुजरती है। इसके चलते अक्सर बजरंग भवन व शीला बाईपास के नजदीक फाटक बंद होने से सिविल रोड व बस स्टैंड रोड पर जाम की स्थिति रहती थी। 2018 में रेलवे ने राज्य सरकार के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन से लेकर राजीव गांधी स्टेडियम तक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनाया था। इसके लिए गांधी कैंप के 37 से ज्यादा लोगों की दुकानें और मकान तोड़ी गई थीं। सरकार ने पावर हाउस चौक के नजदीक 112 दुकानें बनाकर दी हैं। अब उनका आवंटन किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम की तरफ से 27 अक्तूबर तक कागजात जमा कराने का समय दिया गया था। अब तक 22 दुकानदारों ने कागजात जमा करवाए हैं। विस्थपितों ने निगम प्रशासन से मांग की थी कि उनसे रजिस्ट्री फीस न ली जाए, जो डेढ़ से 2 लाख तक दुकानदारों को देनी होगी। इसके अलावा उनको बिना ब्याज पर लोन दिया जाए। इसको लेकर 37 में से 35 विस्थापित निगम कार्यालय पहुंचे और आयुक्त व मेयर के साथ बैठक की।
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मेयर व निगम आयुक्त के सामने एक बार फिर विस्थापितों ने मांग रखी कि उनसे रजिस्ट्री फीस न ली जाए। क्योंकि पांच साल से काम बंद पड़े हैं। आयुक्त व मेयर ने कहा कि वे पत्र से बाहर नहीं जा सकते। अब विस्थापितों के पास कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में ज्यादातर ने कागजात जमा करवा दिए हैं। जो औपचारिकताएं अधूरी हैं, उनको शुक्रवार को पूरा कराएंगे।
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सुरेंद्र बतरा, विस्थापित, रेलवे एलिवेटेड ट्रैक
दिवाली तक दुकानों का आवंटन करवाना उनकी पहली प्राथमिकता है। वीरवार को बैठक में विस्थापितों को बताया कि अगर वे 25 प्रतिशत राशि जमा करवाते हैं तो दुकान का कब्जा दे दिया जाएगा। साथ ही अब 45 दिन की जगह 90 दिन में राशि जमा कराते हैं तो निगम कोई ब्याज नहीं लेगा। इसके अलावा निगम दुकानदारों का लोन करवा देगा। राशि किश्तों में जमा कराने का प्रस्ताव चंडीगढ़ भेजा है।
मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम