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Rohtak News: दादा-पिता के नक्शेकदम पर चलकर देशसेवा करेगा यश भुक्कर
Sat, 13 Jul 2024 05:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 13 Jul 2024 05:42 AM IST
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12jjrp16 यश भुक्कर
साल्हावास। क्षेत्र के गांव गोरिया निवासी यश भुक्कर ने 18 वर्ष की आयु में एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण की है। भुक्कर तीन वर्षीय ट्रेनिंग के लिए पुणे के लिए रवाना हो गए हैं। वे पुणे में 3 वर्ष की ट्रेनिंग लेंगे और उसके बाद एक वर्ष की ट्रेनिंग देहरादून में लेंगे। पिता जितेंद्र भुक्कर ने बताया कि यश ने दसवीं व बारहवीं की परीक्षा गुरुकुल कुरुक्षेत्र से पास की है।
बारहवीं कक्षा में पढ़ते हुए वे गुरुकुल कुरुक्षेत्र के कर्नल अरुण कुमार दत्ता व शारीरिक शिक्षा की ट्रेनिंग देने वाले सूबेदार बलवान सिंह से प्रभावित हुए और उनके मार्गदर्शन में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली एनडीए की परीक्षा महज साढ़े 17 साल की आयु में प्रथम प्रयास में ही उत्तीर्ण की थी, लेकिन वे साक्षात्कार में सफल नहीं हो सके। उसके बाद उन्होंने बारहवीं परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद फिर से एनडीए की परीक्षा पास की और एसएसबी का साक्षात्कार दिया। साक्षात्कार देने के बाद जब तक फाइनल रिजल्ट नहीं आया तो यश भुक्कर ने तीसरी बार एनडीए की परीक्षा के लिए आवेदन किया और एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। अब वे पुणे में तीन साल की ट्रेनिंग लेंगे।
तीन पीढ़ी कर रही देश सेवा
यश भुक्कर के दादा तेज सिंह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर थे। चाचा बिजेंद्र भुक्कर भी सीआरपीएफ में सिपाही के पद पर थे। जितेंद्र भुक्कर स्वयं सीआरपीएफ में एएसआई के पद पर रहकर देश सेवा कर रहे हैं। वे वर्तमान में ट्रेनिंग सेंटर मेरठ में कार्यरत हैं। उनके ताऊ के दो लड़के भी सेना में रहकर देश सेवा कर रहे हैं। उनके बड़े भाई सुमित भुक्कर राज राइफल में हैं जो जम्मू कश्मीर में तैनात हैं। दूसरे बड़े भाई अमित भुक्कर विशाखापट्टनम में नेवी में कार्यरत हैं।
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बारहवीं कक्षा में पढ़ते हुए वे गुरुकुल कुरुक्षेत्र के कर्नल अरुण कुमार दत्ता व शारीरिक शिक्षा की ट्रेनिंग देने वाले सूबेदार बलवान सिंह से प्रभावित हुए और उनके मार्गदर्शन में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली एनडीए की परीक्षा महज साढ़े 17 साल की आयु में प्रथम प्रयास में ही उत्तीर्ण की थी, लेकिन वे साक्षात्कार में सफल नहीं हो सके। उसके बाद उन्होंने बारहवीं परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद फिर से एनडीए की परीक्षा पास की और एसएसबी का साक्षात्कार दिया। साक्षात्कार देने के बाद जब तक फाइनल रिजल्ट नहीं आया तो यश भुक्कर ने तीसरी बार एनडीए की परीक्षा के लिए आवेदन किया और एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। अब वे पुणे में तीन साल की ट्रेनिंग लेंगे।
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तीन पीढ़ी कर रही देश सेवा
यश भुक्कर के दादा तेज सिंह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर थे। चाचा बिजेंद्र भुक्कर भी सीआरपीएफ में सिपाही के पद पर थे। जितेंद्र भुक्कर स्वयं सीआरपीएफ में एएसआई के पद पर रहकर देश सेवा कर रहे हैं। वे वर्तमान में ट्रेनिंग सेंटर मेरठ में कार्यरत हैं। उनके ताऊ के दो लड़के भी सेना में रहकर देश सेवा कर रहे हैं। उनके बड़े भाई सुमित भुक्कर राज राइफल में हैं जो जम्मू कश्मीर में तैनात हैं। दूसरे बड़े भाई अमित भुक्कर विशाखापट्टनम में नेवी में कार्यरत हैं।
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