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एक्स-रे फिल्म पड़ गईं कम, सीटी स्कैन तोड़ गई दम
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 19 Jan 2016 12:17 AM IST
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पूरी नहीं मिल पा रही हैं। यहां आने वाले मरीजों की जिंदगी और रेडियोलॉजी
विभाग में पीजी कर रहे डॉक्टरों का भविष्य दांव पर है। विभाग के पास न तो
एक्स-रे फिल्म हैं और न ही सीटी स्कैन की मशीन दुरुस्त।
यहां आने वाले मरीजों को यदि एक्स-रे जांच करवानी है तो उसे सिर्फ रिपोर्ट मिलेगी, वह भी उसके डॉक्टर को। यदि मरीज चाहे तो एक्स-रे की फोटो मोबाइल में लेकर अपने डॉक्टर को दिखा सकता है। सबसे अधिक परेशानी मेडिको लीगल केस से जुडे़ मरीजों को उठानी पड़ सकती है। हालांकि सोमवार देर शाम इंजीनियरों ने सीटी स्कैन मशीन को ठीक कर दिया, इससे मरीजों को राहत मिली है।
रेडियोलॉजी विभाग में पिछले कई वर्षों से नई मशीनरी की खरीदारी नहीं हुई है। इसके साथ ही, जरूरत के हिसाब से एक्स-रे फिल्मों की खरीद भी नहीं हो पा रही है। इसका परिणाम यहां आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
डिजिटल एक्स-रे फिल्म पहले ही खत्म हो चुकी थी, अब सामान्य एक्स-रे फिल्म भी विभाग के पास न के बराबर हैैं। इमरजेंसी की एक्स-रे मशीन पहले से ही खराब है, यहां के मरीजों की जांच रेडियोलॉजी विभाग में हो रही थी, लेकिन अब यहां भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो विभाग के पास महज पांच हजार सामान्य एक्स-रे फिल्म बची हैं, जबकि प्रतिदिन की औसत खपत ही 1200 से 1500 फिल्म है। आपात विभाग की मजबूरी है कि मेडिको लीगल केस से जुडे़ मरीजों की जांच सामान्य फिल्म पर ही हो। इन मरीजों की बाहर से डिजिटल एक्स-रे जांच भी नहीं कराई जा सकती।
वहीं, विभाग में 15 साल पहले आई सीटी स्कैन की मशीन एक बार फिर खराब हो गई है। इस पर प्रतिदिन 40 से 45 मरीजों की जांच होती थी।
निजी जांच केंद्रों से भी नहीं हुई बात
पीजीआई इस बार शहर के निजी जांच केंद्रों से भी मरीजों की जांच के लिए मूल्य निर्धारित नहीं कर पाया है। आपात विभाग में आने वाले मरीजों से निजी जांच केंद्र संचालक मनमानी फीस वसूल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले से जुड़ी फाइल अधिकारियों की टेबल पर धूल फांक रही है, कोई अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं है।
पीजी डॉक्टरों को हो रहा नुकसान
रेडियोलॉजी विभाग में खराब रहने वाली एक्स-रे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनों का असर यहां पीजी कर रहे 12 डॉक्टरों पर पड़ रहा है। जब मशीनें ही ठीक नहीं होंगी तो ये आगे क्या सीखेंगे?
बोले विभागाध्यक्ष
एक्स-रे फिल्म की खरीद के आर्डर हो चुके हैं। सीटी स्कैन की मशीन खराब हो गई थी, इसको सही कराने के लिए इंजीनियर आ चुके हैं। अब मरीजों को परेशानी नहीं होगी।
- डॉॅ. रोहताश यादव, विभागाध्यक्ष, रेडियोलॉजी विभाग, पीजीआई।
यहां आने वाले मरीजों को यदि एक्स-रे जांच करवानी है तो उसे सिर्फ रिपोर्ट मिलेगी, वह भी उसके डॉक्टर को। यदि मरीज चाहे तो एक्स-रे की फोटो मोबाइल में लेकर अपने डॉक्टर को दिखा सकता है। सबसे अधिक परेशानी मेडिको लीगल केस से जुडे़ मरीजों को उठानी पड़ सकती है। हालांकि सोमवार देर शाम इंजीनियरों ने सीटी स्कैन मशीन को ठीक कर दिया, इससे मरीजों को राहत मिली है।
रेडियोलॉजी विभाग में पिछले कई वर्षों से नई मशीनरी की खरीदारी नहीं हुई है। इसके साथ ही, जरूरत के हिसाब से एक्स-रे फिल्मों की खरीद भी नहीं हो पा रही है। इसका परिणाम यहां आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
डिजिटल एक्स-रे फिल्म पहले ही खत्म हो चुकी थी, अब सामान्य एक्स-रे फिल्म भी विभाग के पास न के बराबर हैैं। इमरजेंसी की एक्स-रे मशीन पहले से ही खराब है, यहां के मरीजों की जांच रेडियोलॉजी विभाग में हो रही थी, लेकिन अब यहां भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो विभाग के पास महज पांच हजार सामान्य एक्स-रे फिल्म बची हैं, जबकि प्रतिदिन की औसत खपत ही 1200 से 1500 फिल्म है। आपात विभाग की मजबूरी है कि मेडिको लीगल केस से जुडे़ मरीजों की जांच सामान्य फिल्म पर ही हो। इन मरीजों की बाहर से डिजिटल एक्स-रे जांच भी नहीं कराई जा सकती।
वहीं, विभाग में 15 साल पहले आई सीटी स्कैन की मशीन एक बार फिर खराब हो गई है। इस पर प्रतिदिन 40 से 45 मरीजों की जांच होती थी।
निजी जांच केंद्रों से भी नहीं हुई बात
पीजीआई इस बार शहर के निजी जांच केंद्रों से भी मरीजों की जांच के लिए मूल्य निर्धारित नहीं कर पाया है। आपात विभाग में आने वाले मरीजों से निजी जांच केंद्र संचालक मनमानी फीस वसूल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले से जुड़ी फाइल अधिकारियों की टेबल पर धूल फांक रही है, कोई अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार नहीं है।
पीजी डॉक्टरों को हो रहा नुकसान
रेडियोलॉजी विभाग में खराब रहने वाली एक्स-रे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनों का असर यहां पीजी कर रहे 12 डॉक्टरों पर पड़ रहा है। जब मशीनें ही ठीक नहीं होंगी तो ये आगे क्या सीखेंगे?
बोले विभागाध्यक्ष
एक्स-रे फिल्म की खरीद के आर्डर हो चुके हैं। सीटी स्कैन की मशीन खराब हो गई थी, इसको सही कराने के लिए इंजीनियर आ चुके हैं। अब मरीजों को परेशानी नहीं होगी।
- डॉॅ. रोहताश यादव, विभागाध्यक्ष, रेडियोलॉजी विभाग, पीजीआई।