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World Meteorological Day: मौसम बदलता देख मन में उठते थे सवाल, अब पूर्वानुमान बताकर किसानों को बचाते हैं नवदीप

Sat, 23 Mar 2024 10:55 AM IST
नवीन दलाल श्वेता सिंह, रोहतक (हरियाणा)
श्वेता सिंह, रोहतक (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 23 Mar 2024 10:55 AM IST
सार

रोहतक के नवदीप दहिया जब 6 साल की उम्र में पिता जगदीप सिंह दहिया के काम के चलते उनके साथ छत्तीसगढ़ गए तो उन्हें वहां का मौसम अलग मिला। दिमाग में सवाल उठा कि आखिर ऐसा क्यों है, इसे जानने के लिए उन्होंने मौसम विज्ञान के बारे में जानना शुरू किया।

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World Meteorological Day, Questions used to arise in mind after seeing weather changing
नवदीप दहिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मौसम हर जीवन को प्रभावित करता है, हर कोई इसका पूर्वानुमान भी जानना चाहता है, लेकिन सभी मौसम परिवर्तन की चाल को नहीं पकड़ पाते। जहां पहले कुछ बुजुर्ग हवाओं के रुख को भांप लेते थे तो आज के समय में विज्ञान ने मौसम की नब्ज टटोलने को कुछ आसान बना दिया है। बचपन में मौसम बदलता देख मन में उठे सवालों को शांत करने के लिए मौसम विज्ञान की सहायता से रोहतक के नवदीप दहिया वेदरमैन बन गए। 23 साल के नवदीप दहिया को एक मौसम विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है। 

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तिलक नगर के रहने वाले नवदीप दहिया जब 6 साल की उम्र में पिता जगदीप सिंह दहिया के काम के चलते उनके साथ छत्तीसगढ़ गए तो उन्हें वहां का मौसम अलग मिला। दिमाग में सवाल उठा कि आखिर ऐसा क्यों है, इसे जानने के लिए उन्होंने मौसम विज्ञान के बारे में जानना शुरू किया। रोजाना मौसम का डाटा इकट्ठा करना शुरू कर दिया। 2014 में वापस रोहतक आए और तकनीक के माध्यम से वेदर मॉडल, सैटेलाइट व रडार का अध्यन सीखा। 
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इनकी सहायता से पूर्वानुमान लगाना शुरू कर दिया। इसका प्रयोग उन्होंने खासकर किसानों के खेती में जोखिम को कम करने के लिए किया। इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए 2016 में नवदीप ने फेसबुक पर लाइव वेदर ऑफ इंडिया नाम से पेज बनाया और आसान भाषा में जानकारी डालना शुरू की। किसान इससे जुड़ते चले गए। करीब 50 हजार लोग इससे जुड़े हैं। इसके अलावा हजारों किसान यूट्यूब और एक्स के माध्यम से भी उनके वीडियो व ब्लॉग्स से मौसम की जानकारी प्राप्त करते हैं। 

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फसलों में नुकसान न हो, इसलिए किसानों के लिए पूर्वानुमान जरूरी

नवदीप दहिया ने बताया कि किसानों के जीवन में मौसम का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। इसी को देखते हुए वह सोशल मीडिया के सहारे किसानों से जुड़े और किसानों को मौसम की सही जानकारी देना शुरू किया।  फसलों की सिंचाई करनी है या नहीं यह जानने के लिए हजारों किसान नवदीप से मौसम की जानकारी जुटाते हैं। पहले जो किसान बिना मौसम देखे सिंचाईं कर देते थे और तुरंत बाद बारिश से फसलों को नुकसान हो जाता था, अब उस नुकसान में बचाव होने लगा। 

घर में बनाया वेदर स्टेशन, डाटा करते हैं संग्रहित, आसान भाषा में देते हैं जानकारी

नवदीप दहिया ने घर में ही वेदर स्टेशना बना रखा है, जिसके लिए रेन गेज, एनीमोमीटर(हवा की गति मापने का यंत्र), वात दिग्दर्शक, थर्मामीटर आदि यंत्र घर पर ही लगा रखे हैं। वह मौसम का अध्यन करके यू ट्यूब चैनल, फेसबुक, एक्स आदि प्लेटफॉर्म पर आसान भाषा में डालते हैं ताकि किसानों व अन्य को आसानी से समझ में आ सके।

पड़ोस की आंटी भी मम्मी से पूछकर धोती हैं कपड़े

नवदीप दहिया ने बताया कि जब उन्होंने मौसम का पूर्वानुमान लगाना शुरू किया और आस पड़ोस में मम्मी संतोष देवी की दोस्तों को पता चला तो वो भी मम्मी से पूछती रहती हैं कि बारिश न आती हो तो कपड़े धो लें।

नवदीप दहिया फिलहार जौमेटो में एसोसिएट प्रोग्राम मैनेजर मौसम विज्ञान के पद पर हैं और मौसम के अनुसार राइडर व कंपनी को आगे की रणनीति बताते हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देशय है कि हर किसान को मौसम की सटीक जानकारी मिले ताकी फसलों में नुकसान के जोखिम को कम किया जा सके। साथ ही कंपिनयों के पास भी मौसम की सही जानकारी होगी तो वह भी उसके अनुसार आगे की योजना बना सकती हैं।

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