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वर्कशाप के अंतिम दिन रंगारंग कार्यक्रम में झूमे पीजीआईएमएस व सीडीसी यूएसए के डॉक्टर
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रोहतक। पीजीआईएमएस और सीडीसी यूएसए की संयुक्त वर्कशॉप के समापन पर आयोजित रंगारंग कार्यक्रम में डॉक्टरों ने हरियाणवी, पंजाबी व अन्य गीतों पर समां बांध दिया। मंच पर डॉ. वरुण अरोड़ा के साथ यूएस से आई डॉ. सुखशांत अती सुखी ने दिल लेना दिल देना सौदा खरा-खरा पर जहां धमाल मचाया। इसके अलावा स्थानीय महिला डॉक्टरों के साथ यूएस से आई महिला डॉक्टरों ने भी हरियाणवी व पंजाबी गीतों पर अपने साथ सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। मंच पर डॉक्टरों के जोश को देखकर संस्थान निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने भी भांगड़ा पर डॉ. वरुण के साथ नृत्य किया।
शनिवार को संस्थान में 22 अगस्त से 24 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय वर्कशॉप का धूमधाम से समापन किया गया। इसमें कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कुलपति ने खुशी जताते हुए कहा कि वर्कशॉप में प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों व तकनीकी स्टाफ ने प्रशिक्षण लेकर स्वयं को केमिकल एमरजेंसी से निपटने में सक्षम बनाया। इसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें हिस्सा लेने आए सभी प्रतिभागियों से फीडबैक फॉर्म भी भरवाए गए हैं। यहां सिखाया गया कि इस प्रकार की यदि कोई एमरजेंसी आती है तो कैसे एक टीम बनाकर सभी के सहयोग से कार्य करना होता है। डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि अकसर किसान खेतों में कीटनाशक का स्प्रे करता है तो वह उसकी वजह से बेहोशी की हालत में अस्पताल में पहुंचता है तो ऐसे में मरीज के कपड़े तुरंत बदलने चाहिए और उसको नहलाना चाहिए ताकि उसकी चमड़ी के माध्यम से और अधिक जहर शरीर में न पहुंचे। मरीज के बेड की चद्दर को बदलना चाहिए, जिससे किसी अन्य मरीज पर उसका दुष्प्रभाव ना पड़े। इस अवसर पर कुल सचिव डॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव, पीजीआईडीएस प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, डीन छात्र कल्याण डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. हरनीत सिंह सहित कई डॉक्टर उपस्थित रहे। इसके अलावा यूएस से आए डॉ. बलांका मतिजेविक, डॉ. सामांथ बोल्ट, डॉ. जियाद काजी, डॉ. पाल मैथ्यू वेक्स, डॉ. चार्ल्स एलेन मैके, डॉ. वेड माइलस, डॉ. आशीष भल्ला, डॉ. प्रवीन अग्रवाल, डॉॅ. विकास, डॉ. कपिल, डॉ. निशा कपिल ने कार्यक्रम में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।
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शनिवार को संस्थान में 22 अगस्त से 24 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय वर्कशॉप का धूमधाम से समापन किया गया। इसमें कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कुलपति ने खुशी जताते हुए कहा कि वर्कशॉप में प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों व तकनीकी स्टाफ ने प्रशिक्षण लेकर स्वयं को केमिकल एमरजेंसी से निपटने में सक्षम बनाया। इसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें हिस्सा लेने आए सभी प्रतिभागियों से फीडबैक फॉर्म भी भरवाए गए हैं। यहां सिखाया गया कि इस प्रकार की यदि कोई एमरजेंसी आती है तो कैसे एक टीम बनाकर सभी के सहयोग से कार्य करना होता है। डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि अकसर किसान खेतों में कीटनाशक का स्प्रे करता है तो वह उसकी वजह से बेहोशी की हालत में अस्पताल में पहुंचता है तो ऐसे में मरीज के कपड़े तुरंत बदलने चाहिए और उसको नहलाना चाहिए ताकि उसकी चमड़ी के माध्यम से और अधिक जहर शरीर में न पहुंचे। मरीज के बेड की चद्दर को बदलना चाहिए, जिससे किसी अन्य मरीज पर उसका दुष्प्रभाव ना पड़े। इस अवसर पर कुल सचिव डॉ. एचके अग्रवाल, निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव, पीजीआईडीएस प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, डीन छात्र कल्याण डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. हरनीत सिंह सहित कई डॉक्टर उपस्थित रहे। इसके अलावा यूएस से आए डॉ. बलांका मतिजेविक, डॉ. सामांथ बोल्ट, डॉ. जियाद काजी, डॉ. पाल मैथ्यू वेक्स, डॉ. चार्ल्स एलेन मैके, डॉ. वेड माइलस, डॉ. आशीष भल्ला, डॉ. प्रवीन अग्रवाल, डॉॅ. विकास, डॉ. कपिल, डॉ. निशा कपिल ने कार्यक्रम में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।
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