फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   work will continue under the Constitution , the government, Supreme Court

जंग बाेले ः संविधान के तहत करता रहूंगा काम, सरकार भले जाए सुप्रीम कोर्ट

Sat, 06 Aug 2016 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 06 Aug 2016 02:18 AM IST
विज्ञापन
 work will continue under the Constitution , the government, Supreme Court
एलजी नजीब जंग - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में प्रशासनिक पावर उपराज्यपाल के पास होने का हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद भले ही दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है, लेकिन उपराज्यपाल नजीब जंग का कहा है कि वह पहले भी संविधान के तहत काम करते थे और आगे भी करते रहेंगे। चाहे सरकार सुप्रीम कोर्ट जाए, लेकिन वह सरकार का कोई गलत काम नहीं करेंगे। सरकार और उपराज्यपाल के बीच पावर को लेकर चल रहे विवाद के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार का केस काफी कमजोर है, क्योंकि संविधान के अधिनियम 239, 239ए के तहत साल 1991 से प्रशासनिक पावर उपराज्यपाल के पास ही है। 
विज्ञापन


दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग शुक्रवार को रोहतक के राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांपलेक्स में चल रहे अखिल भारतीय बास्केटबाल टूर्नामेंट में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि वह जब चुनाव लड़े थे तभी उन्हें संविधान देख लेना चाहिए था कि दिल्ली में सरकार किस तरह से काम करती है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के संविधान के तहत 25 काम किए तो उस पर कुछ नहीं कहा। लेकिन 10 गलत कामों को करने से मना कर दिया तो हंगामा कर दिया। वह खुद हाईकोर्ट गए और अपनी ही याचिका पर हार गए। वे हारे हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। अगर हम हारते तो हम भी सुप्रीम कोर्ट जाते। उनके गलत काम नहीं होते हैं, इसलिए उनको अखरता है। हम भी चाहते हैं कि मामले को आराम से सुलझाया जाए और गलत काम की जगह केवल कानून के तहत काम कराएं, जिससे दिल्ली में और बेहतर तरीके से काम हो सकें। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सात एमपी और तीन एमसी हैं, उनको नहीं कोई परेशानी 
दिल्ली में सरकार के साथ चल रहे विवाद पर उपराज्यपाल ने कहा कि उनसे केवल सरकार को ही क्यों परेशानी है? जबकि दिल्ली में सात एमपी और तीन एमसी हैं। वह दूसरी पार्टियों से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनको किसी भी काम के संबंध में कोई परेशानी नहीं है। उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि मैं राष्ट्रपति का प्रतिनिधि हूं इसलिए संविधान मानने के लिए बाध्य हूं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed