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Rohtak News: ठंड के चलते वर्क सस्पेंड, नहीं हो सकी मानहानि केस की सुनवाई
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रोहतक। कड़ाके की ठंड के चलते शुक्रवार वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा। ऐसे में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के बीच चल रहे मानहानि के केस की सुनवाई नहीं हो सकी। अब 22 जनवरी को अदालत ने सुनवाई के लिए तिथि तय की है।
वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सपड़ा ने बताया था कि महम के विधायक बलराज कुंडू ने भ्रष्टाचार व जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जोड़कर जनवरी 2019 में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर पर आरोप लगाए थे। साथ ही प्रदेश सरकार से मांग की थी कि मामलों की गहराई से जांच कर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ट्रायल कोर्ट ने विधायक को मामले में पक्ष रखने के लिए ऑर्डर जारी किए थे। निचली अदालत के फैसले को विधायक ने एडीजे कोर्ट में चुनौती दी। एडीजे कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।
पूर्व मंत्री ने एडीजे कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद केस वापस स्थानीय कोर्ट के पास भेज दिया। हाईकोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट दोबारा सुनवाई करके फैसला ले। अब स्थानीय कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। दोनों पक्षों की बहस हो चुकी है। शुक्रवार को अदालत का फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन वर्क सस्पेंड के चलते अब 22 जनवरी की तिथि तय की गई है।
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कड़ाके की ठंड के कारण बार की ओर से वकीलों काे वर्क सस्पेंड करना पड़ा। साथ ही कहा गया था कि जरूरी होने पर वकील पेश हो सकता है। किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। शनिवार और रविवार को छुट्टी के चलते अब सोमवार को ही अदालत में कामकाज होगा।
अरविंद श्योराण, प्रधान जिला बार एसोसिएशन
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वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सपड़ा ने बताया था कि महम के विधायक बलराज कुंडू ने भ्रष्टाचार व जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जोड़कर जनवरी 2019 में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर पर आरोप लगाए थे। साथ ही प्रदेश सरकार से मांग की थी कि मामलों की गहराई से जांच कर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ट्रायल कोर्ट ने विधायक को मामले में पक्ष रखने के लिए ऑर्डर जारी किए थे। निचली अदालत के फैसले को विधायक ने एडीजे कोर्ट में चुनौती दी। एडीजे कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।
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पूर्व मंत्री ने एडीजे कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद केस वापस स्थानीय कोर्ट के पास भेज दिया। हाईकोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट दोबारा सुनवाई करके फैसला ले। अब स्थानीय कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। दोनों पक्षों की बहस हो चुकी है। शुक्रवार को अदालत का फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन वर्क सस्पेंड के चलते अब 22 जनवरी की तिथि तय की गई है।
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कड़ाके की ठंड के कारण बार की ओर से वकीलों काे वर्क सस्पेंड करना पड़ा। साथ ही कहा गया था कि जरूरी होने पर वकील पेश हो सकता है। किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। शनिवार और रविवार को छुट्टी के चलते अब सोमवार को ही अदालत में कामकाज होगा।
अरविंद श्योराण, प्रधान जिला बार एसोसिएशन