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जो भी टूर्नामेंट खेला, उसमें विजय हासिल की, अब देश के लिए जीतना है स्वर्ण पदक

Tue, 15 Jun 2021 02:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jun 2021 02:00 AM IST
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Won whatever tournament I played, now the country has to win a gold medal
टोक्यो ओलंपिक के 38 दिन शेष रह गए हैं। इसमें प्रतिनिधित्व करने जा रहा हर खिलाड़ी जीत हासिल करने के लिए कड़े अभ्यास के दौर से गुजर रहा है। भिवानी के गांव देवसर निवासी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मनीष कौशिक (25) भी सुबह-शाम 7 घंटे से ज्यादा अभ्यास कर रहे हैं। मनीष कहते हैं कि ओलंपिक में गोल्ड हासिल करना मेरे और मेरे परिवार के लिए गौरव का पल होगा। मुझसे सबकी बड़ी उम्मीद जुड़ी है। मैंने जिंदगी में जो भी टूर्नामेंट खेला है, उसमें विजय हासिल की है। ओलंपिक मेरी जिंदगी का बहुत लक्ष्य है, इसमें भी स्वर्ण पदक जीतूंगा। इसी विश्वास के साथ रिंग में उतरूंगा।
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प्रतिद्वंद्वियों की कमियों को यू-ट्यूब पर देखकर बना रहे अपनी मजबूती
मनीष के भाई विपिन कौशिक ने बताया कि मनीष इन दिनों पटियाला कैंप में ट्रेनिंग कर रहे हैं। अभ्यास के साथ ही वे प्रतिद्वंद्वियों की कमियों को यू ट्यूब पर देख रहे हैं। साथ ही उन पर अपनी मजबूती बना रहे हैं। वे यू ट्यूब के माध्यम से हर रोज दिग्गज बॉक्सरों की खेली गई प्रतियोगिता का वीडियो देखकर नए टिप्स ले रहे हैं। उन टिप्स को अभ्यास के दौरान प्रयोग कर रहे हैं।
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तीन भाई बहनों में सबसे छोटे हैं मनीष
मनीष के पिता सोमदत्त कौशिक किसान हैं। वहीं, मां देवकी देवी गृहिणी हैं। बड़ा भाई विपिन भिवानी के वेल फेयर डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। बड़ी बहन पूजा विवाहित हैं। मनीष तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। संयुक्त परिवार में चाचा पवन, चाची मनीषा व ताऊ घनश्याम हैं। ताऊ नेशनल स्तर के एथलीट रह चुके हैं। चचेरा भाई साहिल राज्यस्तर का जूनियर बॉक्सिंग खिलाड़ी हैं।
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मनीष को मां के हाथ का चूरमा बेहद पसंद
मनीष घर आने के बाद अक्सर चूरमा बनवा कर खाते हैं। उन्हें मां के बनाए चूरमा बेहद पसंद हैं। इसके अलावा वे घर पर चटनी भी बड़े शौक से खाते हैं। शादी के प्रस्ताव पर परिवार वालों की भी पांच साल तक शादी न करवाने की रजामंदी है।
उपलब्धियां
- 2008 में मनीष ने मुक्केबाजी का सफर शुरू किया।
- 2009 में केओ नेशनल कप ठाणे में 32 किलोग्राम में पहला गोल्ड जीता।
- 2015 में पहली बार सीनियर नेशनल बॉक्सिंग में रजत पदक जीता।
- 2016 में सेना में नायब सूबेदार के पद पर भर्ती हुए।
- 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रजत जीता
- 2019 में नेपाल में हुए साउथ एशियन गेम्स में रजत और इसी साल विश्व मुक्केबाजी में कांस्य पदक जीता।
- 2020 में शानदार खेल उपलब्धियों के लिए अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया।
- 2020 में ओलंपिक क्वालिफाई मुकाबलों में टोक्यो ओलंपिक के लिए कोटा हासिल किया।
- 2021 में स्पेन में हुए बॉक्सर इंटरनेशनल में गोल्ड जीता।
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