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जब तक किसान संगठन एक नहीं, तब तक नहीं करेंगे समर्थन : रणधीर सिंह
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रोहतक। जब तक किसान संगठन एक नहीं हो जाते हैं, तब तक वह उनकी किसी भी कॉल या अन्य सूचना का समर्थन नहीं करेंगे। सभी किसान यूनियनों को एक होने के लिए टिटौली में बैठक तक की जा चुकी है, जिसमें पहुंची किसान यूनियनों ने एक होने का मुद्दा उठाया था।
अभी यूनियनों के पास 16 मार्च तक का समय है, अगर यूनियन एक नहीं होती हैं तो उस पर पंचायत अपना फैसला लेगी। बास टोल पर हुई खाप की बैठक में भाग लेकर टिटौली धरनास्थल पर पहुंचे किसान यूनियन के प्रधान रणधीर सिंह ने यह जानकारी दी। रणधीर सिंह ने बताया कि 9 मार्च को किसान यूनियनों को एक करने के लिए बैठक भी आयोजित की थी, लेकिन उसका अभी तक कोई हल सामने नहीं आया है।
प्रदेश में बढ़ाए जाएंगे धरने-प्रदर्शन
प्रधान ने कहा कि किसान चुपचाप बैठने वाले नहीं है, वह जल्द ही प्रदेश में धरनों की संख्या को बढ़ाने के लिए किसानों को जागरूक भी करेंगे। फिलहाल 15 मार्च तक कमेटी किसान संगठनों का इंतजार करेंगी। अगर एकता को लेकर कोई फैसला आता है तो ठीक, वरना पंचायत उनके खिलाफ अपना फैसला सुनाएगी। वहीं किसानों को जागरूक के साथ साथ आगामी भविष्य के बारे में भी बताया जा रहा है।
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अभी यूनियनों के पास 16 मार्च तक का समय है, अगर यूनियन एक नहीं होती हैं तो उस पर पंचायत अपना फैसला लेगी। बास टोल पर हुई खाप की बैठक में भाग लेकर टिटौली धरनास्थल पर पहुंचे किसान यूनियन के प्रधान रणधीर सिंह ने यह जानकारी दी। रणधीर सिंह ने बताया कि 9 मार्च को किसान यूनियनों को एक करने के लिए बैठक भी आयोजित की थी, लेकिन उसका अभी तक कोई हल सामने नहीं आया है।
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प्रदेश में बढ़ाए जाएंगे धरने-प्रदर्शन
प्रधान ने कहा कि किसान चुपचाप बैठने वाले नहीं है, वह जल्द ही प्रदेश में धरनों की संख्या को बढ़ाने के लिए किसानों को जागरूक भी करेंगे। फिलहाल 15 मार्च तक कमेटी किसान संगठनों का इंतजार करेंगी। अगर एकता को लेकर कोई फैसला आता है तो ठीक, वरना पंचायत उनके खिलाफ अपना फैसला सुनाएगी। वहीं किसानों को जागरूक के साथ साथ आगामी भविष्य के बारे में भी बताया जा रहा है।
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