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Rohtak News: ईंधन-पिसाई का बढ़ा पैसा मिलने पर ही देंगे पका हुआ भोजन
Sun, 28 Apr 2024 01:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 28 Apr 2024 01:18 AM IST
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साल्हावास क्षेत्र में स्थित आगनबाड़ी केद्र में छोटे बच्चों को पढ़ाते हुए कार्यकर्ता।
झज्जर। दस माह से आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को सूखा राशन मिल रहा है जबकि विभाग के आदेश पकाकर राशन देने के हैं। एक बार फिर से महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी की तरफ से आदेश जारी कर एक मई से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पका हुआ भोजन वितरित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। आनंगबाड़ी वर्कर संगठन इसके विरोध में उतर गई हैं। उन्होंने साफ कह दिया कि जब तक 15 माह का ईंधन और पिसाई का बढ़ा हुआ पैसा नहीं मिलेगा, तब तक वह सूखा राशन ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित करेंगी।
जिले में 1129 आंगनबाड़ी केंद्र है। इनमें से 100 में प्ले स्कूल भी चल रहे हैं। इनमें सोमवार को दलिया, मंगलवार को सब्जी पूरी, बुधवार को मीठे चावल, वीरवार को मुरमुर्रे, शुक्रवार को परांठा और शनिवार को नमकीन चावल दिए जाते हैं। यदि किसी दिन कोई सामान नहीं होता है तो दूसरा सामान भी दे दिया जाता है। पिछले साल जून 2023 से अब तक अप्रैल 2024 तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर केवल सूखा राशन ही वितरित किया जा रहा है। अब एक मई से दोबारा से पका हुआ राशन वितरण के आदेश जारी किए गए हैं। सीटू की जिलाध्यक्ष बालेश जाखड़ का कहना है कि पिछले 15 माह की राशि अब तक बढ़ी हुई जारी नहीं हुई है। इसके चलते केवल सूखा राशन वितरित किया जा रहा है। जब तक बढ़ी हुई राशि जारी नहीं होगी, तब तक सूखा राशन दिया जाएगा।
15 माह का ईंधन-पिसाई का पैसा बकाया
आंगनबाड़ी वर्कर संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को 15 माह का ईंधन व पिसाई का पैसा नहीं मिला। यह पैसा जनवरी 2022 से मई 2023 तक का है। इस कारण जून 2023 से सभी केंद्रों पर पका हुआ भोजन बंद कर दिया गया और सूखा राशन वितरित किया गया। तब से सूखा राशन ही वितरित किया जा रहा है।
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विभाग ने मांगी जानकारी
जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से आंगनबाड़ी सेंटरों से उनकी बकाया राशि की जानकारी मांगी है। इसका प्रोफार्मा भी जारी कर दिया गया है, जिसे भरकर जिला मुख्यालय को भेजा जाना है ताकि राशि मंगवाई जा सके।
एक मई से आंगनबाड़ी सेंटरों पर पकाकर भोजन वितरण के आदेश दिए हैं। जहां तक बजट का सवाल है तो मुख्यालय की तरफ से कुछ बजट जारी हुआ है। वह मंगलवार तक सभी के खातों में डाल दिया जाएगा। अब पिछले बजट तिमाही के हिसाब से आता रहेगा।
उर्मिल सिवाच, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, झज्जर
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जिले में 1129 आंगनबाड़ी केंद्र है। इनमें से 100 में प्ले स्कूल भी चल रहे हैं। इनमें सोमवार को दलिया, मंगलवार को सब्जी पूरी, बुधवार को मीठे चावल, वीरवार को मुरमुर्रे, शुक्रवार को परांठा और शनिवार को नमकीन चावल दिए जाते हैं। यदि किसी दिन कोई सामान नहीं होता है तो दूसरा सामान भी दे दिया जाता है। पिछले साल जून 2023 से अब तक अप्रैल 2024 तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर केवल सूखा राशन ही वितरित किया जा रहा है। अब एक मई से दोबारा से पका हुआ राशन वितरण के आदेश जारी किए गए हैं। सीटू की जिलाध्यक्ष बालेश जाखड़ का कहना है कि पिछले 15 माह की राशि अब तक बढ़ी हुई जारी नहीं हुई है। इसके चलते केवल सूखा राशन वितरित किया जा रहा है। जब तक बढ़ी हुई राशि जारी नहीं होगी, तब तक सूखा राशन दिया जाएगा।
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15 माह का ईंधन-पिसाई का पैसा बकाया
आंगनबाड़ी वर्कर संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को 15 माह का ईंधन व पिसाई का पैसा नहीं मिला। यह पैसा जनवरी 2022 से मई 2023 तक का है। इस कारण जून 2023 से सभी केंद्रों पर पका हुआ भोजन बंद कर दिया गया और सूखा राशन वितरित किया गया। तब से सूखा राशन ही वितरित किया जा रहा है।
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विभाग ने मांगी जानकारी
जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से आंगनबाड़ी सेंटरों से उनकी बकाया राशि की जानकारी मांगी है। इसका प्रोफार्मा भी जारी कर दिया गया है, जिसे भरकर जिला मुख्यालय को भेजा जाना है ताकि राशि मंगवाई जा सके।
एक मई से आंगनबाड़ी सेंटरों पर पकाकर भोजन वितरण के आदेश दिए हैं। जहां तक बजट का सवाल है तो मुख्यालय की तरफ से कुछ बजट जारी हुआ है। वह मंगलवार तक सभी के खातों में डाल दिया जाएगा। अब पिछले बजट तिमाही के हिसाब से आता रहेगा।
उर्मिल सिवाच, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, झज्जर