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गेहूं के गबन में फंसे बीडीपीओ को दो साल की जेल
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 27 Nov 2015 02:01 AM IST
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887 क्विंटल सरकारी गेहूं का गबन करने वाले को अब दो साल जेल में काटने पड़ेंगे।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आर्य शर्मा की अदालत ने गबन के दोषी विकास एवं पंचायत विभाग में कार्यरत जयवीर सिंह को दो साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
वह फिलहाल पानीपत के मतलौडा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार विजिलेंस की टीम ने 5 मई 2009 में कलानौर के तत्कालीन सहायक खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जयवीर सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा-409, 420 के तहत केस दर्ज किया था।
जयवीर पर आरोप था कि उसने अपने कार्यकाल में 887 क्विंटल गेहूं का चार्ज किसी को न देकर गबन कर दिया। इस पर विजिलेंस इंस्पेक्टर दौलतराम ने मामले की पड़ताल कर 7 मई 2010 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में चालान पेश किया था।
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अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद जयवीर सिंह को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आर्य शर्मा की अदालत ने गबन के दोषी विकास एवं पंचायत विभाग में कार्यरत जयवीर सिंह को दो साल की कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
वह फिलहाल पानीपत के मतलौडा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार विजिलेंस की टीम ने 5 मई 2009 में कलानौर के तत्कालीन सहायक खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जयवीर सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा-409, 420 के तहत केस दर्ज किया था।
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जयवीर पर आरोप था कि उसने अपने कार्यकाल में 887 क्विंटल गेहूं का चार्ज किसी को न देकर गबन कर दिया। इस पर विजिलेंस इंस्पेक्टर दौलतराम ने मामले की पड़ताल कर 7 मई 2010 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में चालान पेश किया था।
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अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद जयवीर सिंह को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।