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किचन गार्डेनिंग पर बर्बाद कर रहे 55 लाख लीटर पेयजल
रोहतक
Updated Wed, 13 Aug 2014 02:53 AM IST
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हेल्थ यूनिवर्सिटी कैंपस में हो रही खेती को अधिकारी किचन गार्डनिंग का भले ही नाम दे रहे हों, लेकिन वे यह भूल गए हैं कि किचन गार्डनिंग में लाखों लीटर पानी की खप्त नहीं होती। संस्थान में प्रतिदिन 55 लाख लीटर पेयजल की खप्त है, जबकि डिमांड एक करोड़ लीटर पेयजल की है।
संस्थान खप्त कम करने की बजाए मांग को ही बढ़ाने के लगातार प्रयास कर रहा है। हेल्थ विवि के अधिकांश कर्मचारियों व अधिकारियों के घर के बाहर तथा कोठियों के अंदर खेती का कार्य जारी है। यहां मौसमी सब्जियां, फूल आदि की कृषि की जाती है। कुछ कर्मचारी तो बाकायदा सीजन पर आधारित खेती करते हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन है कि सब कुछ जानते हुए अंजान बना हुआ है। परिसर में पेयजल की इस बर्बादी को रोकने की बजाए उल्टा मांग बढ़ा दी गई है। पेयजल सप्लाई से जुडे़ कर्मचारियों की मानें तो 55 हजार लीटर पानी की टंकी महज एक घंटे में ही खाली हो जाती है। अधिकांश पानी रिहायसी इलाकों में ही खप्त होता है।
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हेल्थ विवि की कुलसचिव डॉ. सरला हुड्डा ने कहा कि हेल्थ विवि परिसर में खेती किए जाने की कोई जानकारी नहीं है। हां, कुछ लोगों ने फूलों की क्यारियां या पार्क बना रखा हो तो कहा नहीं जा सकता। यदि कोई गार्डेनिंग कर रहा है तो कोई समस्या नहीं है, इसके चलते आसपास सफाई तो रहती है। लेकिन इसमें पेयजल को बहाना गलत है। इसके लिए संबंधित अधिकारी से बात करेंगे।
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संस्थान खप्त कम करने की बजाए मांग को ही बढ़ाने के लगातार प्रयास कर रहा है। हेल्थ विवि के अधिकांश कर्मचारियों व अधिकारियों के घर के बाहर तथा कोठियों के अंदर खेती का कार्य जारी है। यहां मौसमी सब्जियां, फूल आदि की कृषि की जाती है। कुछ कर्मचारी तो बाकायदा सीजन पर आधारित खेती करते हैं।
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यूनिवर्सिटी प्रशासन है कि सब कुछ जानते हुए अंजान बना हुआ है। परिसर में पेयजल की इस बर्बादी को रोकने की बजाए उल्टा मांग बढ़ा दी गई है। पेयजल सप्लाई से जुडे़ कर्मचारियों की मानें तो 55 हजार लीटर पानी की टंकी महज एक घंटे में ही खाली हो जाती है। अधिकांश पानी रिहायसी इलाकों में ही खप्त होता है।
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हेल्थ विवि की कुलसचिव डॉ. सरला हुड्डा ने कहा कि हेल्थ विवि परिसर में खेती किए जाने की कोई जानकारी नहीं है। हां, कुछ लोगों ने फूलों की क्यारियां या पार्क बना रखा हो तो कहा नहीं जा सकता। यदि कोई गार्डेनिंग कर रहा है तो कोई समस्या नहीं है, इसके चलते आसपास सफाई तो रहती है। लेकिन इसमें पेयजल को बहाना गलत है। इसके लिए संबंधित अधिकारी से बात करेंगे।