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Rohtak News: वोट शिफ्ट करवाने पर मांगे जा रहे वाॅर्ड और मकान नंबर, दस्तावेजों में दर्ज नहीं
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29jjrp11- शहीद रमेश कुमार राजकीय माडल संस्कृति स्कूल में मतदाताओं की सुनवाई करते बीएलओ। संवाद
झज्जर। वोट दूसरी जगह शिफ्ट करवाने में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। वह वोट शिफ्टिंग को लेकर बीएलओ के पास फॉर्म भरकर जा रहे हैं लेकिन उनके वोट शिफ्ट नहीं किए जा रहे।
बीएलओ की तरफ से मतदाताओं को बताया जा रहा है कि वह अपने वार्ड व मकान के नंबर वाले दस्तावेज लेकर आए। जब मतदाता अपने दस्तावेज लेकर बीएलओ के पास जाता है तो किसी भी दस्तावेज में वार्ड और मकान के नंबर चढ़े ही नहीं मिलते। इस कारण उनकी वोट शिफ्टिंग की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। ऐसे मतदाताओं को बीएलओ चुनाव कार्यालय भेज रहे हैं। वह कभी बीएलओ के पास तो कभी चुनाव कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। बीएलओ के पास ऐसे कई केस आ चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।
नोशनल नंबर डालने का दिया गया ऑप्शन
बीएलओ से मोबाइल ऐप में वोट शिफ्ट करने के दौरान मतदाता का पुराना व नए वाला एड्रेस का मकान नंबर मांगा जाता है। यदि किसी मतदाता के पास मकान नंबर नहीं है तो बीएलओ नोशनल नंबर डालकर उसकी पहचान कर सकता है।
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अवैध कॉलोनियों के लिए जरूरी नोशनल नंबर डालना
शहरों में कई अवैध कॉलोनियां भी होती हैं, जहां काफी लोग रहते हैं। उनके वोटर कार्ड बनाने या शिफ्ट के लिए नोशनल नंबर डाला जाता है। यदि कोई अवैध कॉलोनी हैं और उसमें पहले कोई मकान नंबर नहीं डला है तो बीएलओ उसका प्रयोग मकान नंबर-एक की सीरीज से शुरू कर सकता है।
बीएलओ के पास नहीं मिला समाधान, अब चुनाव कार्यालय भेजा
शहर निवासी नंदकिशोर ने बताया कि वह शनिवार को शहीद रमेश कुमार राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में बने अपने बूथ के बीएलओ के पास वोट शिफ्टिंग को लेकर आए थे। उन्होंने फॉर्म भी भर रखा है। यहां आकर बताया गया कि दस्तावेज में वार्ड नंबर और मकान नंबर होना जरूरी है, क्योंकि सरकारी किसी दस्तावेज में वार्ड नंबर या मकान नंबर नहीं लिखा जाता। इस कारण मेरा काम नहीं हुआ और मुझे चुनाव कार्यालय में जाकर समाधान पूछने के लिए कहा गया है। अब वह कार्य दिवस पर चुनाव कार्यालय जाकर पता करेंगे।
वर्जन
नागरिक अपने दावे एवं आपत्तियां संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) अथवा सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) के कार्यालय में जमा करा सकते हैं। बिना किसी ठोस कारण के किसी का वोट नहीं कटेगा, अगर किसी वोटर को नोटिस प्राप्त होता है, तो निर्धारित समय अवधि में अपना जवाब दाखिल करें।
वर्षा खांगवाल, उपायुक्त, झज्जर
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बीएलओ की तरफ से मतदाताओं को बताया जा रहा है कि वह अपने वार्ड व मकान के नंबर वाले दस्तावेज लेकर आए। जब मतदाता अपने दस्तावेज लेकर बीएलओ के पास जाता है तो किसी भी दस्तावेज में वार्ड और मकान के नंबर चढ़े ही नहीं मिलते। इस कारण उनकी वोट शिफ्टिंग की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। ऐसे मतदाताओं को बीएलओ चुनाव कार्यालय भेज रहे हैं। वह कभी बीएलओ के पास तो कभी चुनाव कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। बीएलओ के पास ऐसे कई केस आ चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।
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नोशनल नंबर डालने का दिया गया ऑप्शन
बीएलओ से मोबाइल ऐप में वोट शिफ्ट करने के दौरान मतदाता का पुराना व नए वाला एड्रेस का मकान नंबर मांगा जाता है। यदि किसी मतदाता के पास मकान नंबर नहीं है तो बीएलओ नोशनल नंबर डालकर उसकी पहचान कर सकता है।
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अवैध कॉलोनियों के लिए जरूरी नोशनल नंबर डालना
शहरों में कई अवैध कॉलोनियां भी होती हैं, जहां काफी लोग रहते हैं। उनके वोटर कार्ड बनाने या शिफ्ट के लिए नोशनल नंबर डाला जाता है। यदि कोई अवैध कॉलोनी हैं और उसमें पहले कोई मकान नंबर नहीं डला है तो बीएलओ उसका प्रयोग मकान नंबर-एक की सीरीज से शुरू कर सकता है।
बीएलओ के पास नहीं मिला समाधान, अब चुनाव कार्यालय भेजा
शहर निवासी नंदकिशोर ने बताया कि वह शनिवार को शहीद रमेश कुमार राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में बने अपने बूथ के बीएलओ के पास वोट शिफ्टिंग को लेकर आए थे। उन्होंने फॉर्म भी भर रखा है। यहां आकर बताया गया कि दस्तावेज में वार्ड नंबर और मकान नंबर होना जरूरी है, क्योंकि सरकारी किसी दस्तावेज में वार्ड नंबर या मकान नंबर नहीं लिखा जाता। इस कारण मेरा काम नहीं हुआ और मुझे चुनाव कार्यालय में जाकर समाधान पूछने के लिए कहा गया है। अब वह कार्य दिवस पर चुनाव कार्यालय जाकर पता करेंगे।
वर्जन
नागरिक अपने दावे एवं आपत्तियां संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ईआरओ) अथवा सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) के कार्यालय में जमा करा सकते हैं। बिना किसी ठोस कारण के किसी का वोट नहीं कटेगा, अगर किसी वोटर को नोटिस प्राप्त होता है, तो निर्धारित समय अवधि में अपना जवाब दाखिल करें।
वर्षा खांगवाल, उपायुक्त, झज्जर

29jjrp11- शहीद रमेश कुमार राजकीय माडल संस्कृति स्कूल में मतदाताओं की सुनवाई करते बीएलओ। संवाद