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Rohtak News: स्मार्ट मीटर योजना वापस लेने के लिए आवाज उठाई

Sat, 21 Dec 2024 02:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2024 02:03 AM IST
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Voice raised for withdrawal of Smart Meter Scheme
20सीटीके03- बिजली कानून रद्द करने व अन्य मांगों को लेकर एसई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते किसा
रोहतक। बिजली कानून रद्द कर स्मार्ट / रिचार्ज मीटर योजना वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा ने एसई कार्यालय पर धरना दिया।
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संगठन की ओर से सुबह 11 से 2:30 बजे तक नारेबाजी कर योजना का विरोध जताया गया, बाद में एसई को ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही आंदोलनकारी किसानों से बातचीत करने की मांग भी उठाई। किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह, सुरेंद्र मलिक, रामफल देशवाल, रमेश जाखड़ ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन की अध्यक्षता की।
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किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल ने कहा कि बिजली के मुद्दे को लेकर किसान सभा ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के कार्यालय पर चार जिलों का संयुक्त धरना दिया। किसान सभा पदाधिकारियों ने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने किसानों को लिखित आश्वासन दिया था। इसके बिंदु चार में केंद्र सरकार ने स्पष्ट लिखा है कि बिजली बिल में किसान पर असर डालने वाले प्रावधानों पर सबसे पहले स्टेकहोल्डर्स / संयुक्त किसान मोर्चा से चर्चा होगी। मोर्चा से चर्चा के बाद ही बिल को संसद में पेश किया जाएगा। केंद्र सरकार ने वादे से मुकरते हुए कानून के प्रावधानों को लागू करना शुरू कर दिया है। इसका उदाहरण स्मार्ट/प्रीपेड मीटर योजना है। इसे बिजली मंत्री प्रदेश में जल्द लागू करने की बात कह रहे हैं। इसकी शुरुआत सरकारी कर्मचारियों से होगी। सरकार की योजना आम जन के पक्ष की नहीं, बल्कि कॉरपोरेट घरानों के फायदे के लिए लागू की गई है।
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जिला सचिव बलवान सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार तमाम किसान विरोधी कदमों उठा रही है। स्मार्ट मीटर योजना हो या हाल में लाई गई कृषि व्यापार नीति। इनके माध्यम से सरकार मंडी व्यवस्था को चौपट कर प्राइवेट मंडी योजना और कॉरपोरेट खेती को लागू करना चाहती है।
किसान सभा के पूर्व राज्य प्रधान शेर सिंह, राजपाल पानीपत, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से रामनिवास सैनी, रणबीर मलिक, सर्व कर्मचारी संघ से सतबीर मुंढाल ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शंभू, नोएडा सीमा पर किसानों को रोकने, दमन करने और गिरफ्तारियां करना सरकार की तानाशाही को दर्शाता है। सरकार लोगो के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है। केंद्र सरकार आंदोलनकारी किसानों से बातचीत नहीं कर रही है। सीमा पर किसानों को कुछ हुआ तो केंद्र व भाजपा सरकार जिम्मेदार होगी।

इस मौके पर चांद रिठाल, जयप्रकाश हुडा, डॉ. राममेहर हुड्डा, राजेंद्र जून, राजबीर रहाड, विजय ग्रेवाल, राजकुमार, अशोक राठी, आनंद समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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