{"_id":"610849358ebc3e83e705173f","slug":"viral-diarrhea-increased-opd-of-emergency-department-rohtak-news-rtk61979744","type":"story","status":"publish","title_hn":"वायरल, डायरिया ने बढ़ाई आपात विभाग की ओपीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वायरल, डायरिया ने बढ़ाई आपात विभाग की ओपीडी
विज्ञापन
पीजीआई की इमरजेंसी में डॉक्टरों के पास लगी मरीजों की भीड़। अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना संक्रमणकाल के साथ मानसून सीजन में वायरल, डायरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। इस समय वायरल, डायरिया के लक्षण व कोरोना के लक्षण एक समान होने से मरीजों की संख्या ओपीडी व आपातकालीन विभाग में बढ़ गई है। ओपीडी बंद होने पर पूरा लोड पीजीआईएमएस के आपातकालीन विभाग पर पड़ रहा है। बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ होना जैसे लक्षणों को लेकर मरीज-डॉक्टर दोनों परेशान हैं। सभी मरीजों की कोरोना जांच करवाई जा रही है।
बदलते मौसम ने इन दिनों वायरल इंफेक्शन व डायरिया के केस बढ़ा दिए हैं। अस्पतालों की ओपीडी फुल चल रही हैं। ओपीडी समय के बाद पीजीआईएमएस का आपातकालीन विभाग ओवरलोड है। बुखार, खांसी, जुकाम, सिर दर्द, बदन दर्द, पेट दर्द, के मरीजों की संख्या ज्यादा ज्यादा उपचार के लिए पहुंच रही है। मौसम में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव हो रहा है। बारिश के बाद कभी ठंडक तो कभी कड़ी धूप से गर्मी व उमस बन रही है। इससे लोग परेशान हैं। पीजीआई के आपातकालीन विभाग में इन दिनों रोजाना 750 से अधिक केस प्रतिदिन उपचार के लिए आ रहे हैं। ओपीडी में भी 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। यही हाल, सिविल अस्पताल की ओपीडी का है। यहां भी 300 से अधिक मरीज फिजिशियन के पास इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
ओपीडी के बाद आपातकालीन विभाग पर पड़ता है लोड
पीजीआई में अभी ओपीडी कार्ड सुबह 10 बजे तक ही बन रहे हैं। इस कारण 10 बजे के बाद ओपीडी काउंटर बंद हो जाते हैं। इसके बाद मरीज इलाज के लिए आपातकालीन विभाग पहुंच रहे हैं। मरीजों की भीड़ इस कदर रहती है कि ओवरलोड साफ नजर आता है।
विज्ञापन
कोरोना से मिलते हैं वायरल के लक्षण
मानसून सीजन में बढ़े वायरल इंफेक्शन ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। इसकी बड़ी वजह इंफेक्शन के कारण नजर आने वाले खांसी, जुकाम, बुखार के लक्षण हैं। यही लक्षण कोरोना में नजर आते हैं। इस कारण आम आदमी ज्यादा चिंतित है। कोरोना के खौफ की वजह से सामान्य खांसी, जुकाम या बुखार होने पर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि अस्पतालों में वायरल पीड़ितों की संख्या ज्यादा बनी हुई है।
साफ-सफाई पर दें ध्यान
यह मौसम वायरल इंफेक्शन के अनुकूल है। इस कारण वायरल के केस बढ़ जाते हैं। इसलिए इन दिनों साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। बरसाती मौसम में दूषित पानी भी बीमारी का कारण बनता है। इससे डायरिया का खतरा रहता है। इन दिनों डायरिया केस भी आ रहे हैं। इससे बचने के लिए साफ पानी पीएं। साफ-सफाई पर खास ध्यान दें। पानी उबाल कर पीना बेहतर है। इससे बैक्टीरिया की संभावना नहीं रहेगी। बैक्टीरिया इंफेक्शन की बड़ी वजह है।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, विभागाध्यक्ष पीसीसीएम, पीजीआईएमएस
मरीजों को दवा व इलाज कराई जा रही मुहैया
बरसाती मौसम में वायरल इंफेक्शन बढ़ जाता है। इस कारण बुखार, खांसी, जुकाम, सिर व बदन दर्द के केस ज्यादा आ रहे हैं। आपातकालीन विभाग में 750 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। दोपहर के समय ओपीडी के बाद मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। यहां आने वाले मरीजों को इलाज व दवा मुहैया कराई जा रही है।
- डॉ. संदीप कुमार, डीएमएस, आपातकालीन विभाग, पीजीआईएमएस
सावधानी जरूरी
बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। खांसने व छींकने वाले से उचित दूरी बनाएं। मौसमी बीमारियों व महामारी पर अंकुश के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। जिले में कोविड-19 संक्रमण के मामले लगातार घट रहे हैं। महामारी की गति धीमी पड़ गई है। इसके बावजूद हमें सतर्क रहने की जरूरत है। लापरवाही नुकसानदायक साबित हो सकती है। मास्क का प्रयोग करें। सामाजिक दूरी का पालन करें। हाथ बार-बार सैनिटाइजर या साबुन से धोएं। अनावश्यक रूप से भीड़ का हिस्सा न बनें। तंग बाजारों में जाने से बचें।
- कैप्टन मनोज कुमार, उपायुक्त
विज्ञापन
बदलते मौसम ने इन दिनों वायरल इंफेक्शन व डायरिया के केस बढ़ा दिए हैं। अस्पतालों की ओपीडी फुल चल रही हैं। ओपीडी समय के बाद पीजीआईएमएस का आपातकालीन विभाग ओवरलोड है। बुखार, खांसी, जुकाम, सिर दर्द, बदन दर्द, पेट दर्द, के मरीजों की संख्या ज्यादा ज्यादा उपचार के लिए पहुंच रही है। मौसम में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव हो रहा है। बारिश के बाद कभी ठंडक तो कभी कड़ी धूप से गर्मी व उमस बन रही है। इससे लोग परेशान हैं। पीजीआई के आपातकालीन विभाग में इन दिनों रोजाना 750 से अधिक केस प्रतिदिन उपचार के लिए आ रहे हैं। ओपीडी में भी 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। यही हाल, सिविल अस्पताल की ओपीडी का है। यहां भी 300 से अधिक मरीज फिजिशियन के पास इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
ओपीडी के बाद आपातकालीन विभाग पर पड़ता है लोड
पीजीआई में अभी ओपीडी कार्ड सुबह 10 बजे तक ही बन रहे हैं। इस कारण 10 बजे के बाद ओपीडी काउंटर बंद हो जाते हैं। इसके बाद मरीज इलाज के लिए आपातकालीन विभाग पहुंच रहे हैं। मरीजों की भीड़ इस कदर रहती है कि ओवरलोड साफ नजर आता है।
विज्ञापन
कोरोना से मिलते हैं वायरल के लक्षण
मानसून सीजन में बढ़े वायरल इंफेक्शन ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। इसकी बड़ी वजह इंफेक्शन के कारण नजर आने वाले खांसी, जुकाम, बुखार के लक्षण हैं। यही लक्षण कोरोना में नजर आते हैं। इस कारण आम आदमी ज्यादा चिंतित है। कोरोना के खौफ की वजह से सामान्य खांसी, जुकाम या बुखार होने पर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि अस्पतालों में वायरल पीड़ितों की संख्या ज्यादा बनी हुई है।
साफ-सफाई पर दें ध्यान
यह मौसम वायरल इंफेक्शन के अनुकूल है। इस कारण वायरल के केस बढ़ जाते हैं। इसलिए इन दिनों साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है। बरसाती मौसम में दूषित पानी भी बीमारी का कारण बनता है। इससे डायरिया का खतरा रहता है। इन दिनों डायरिया केस भी आ रहे हैं। इससे बचने के लिए साफ पानी पीएं। साफ-सफाई पर खास ध्यान दें। पानी उबाल कर पीना बेहतर है। इससे बैक्टीरिया की संभावना नहीं रहेगी। बैक्टीरिया इंफेक्शन की बड़ी वजह है।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, विभागाध्यक्ष पीसीसीएम, पीजीआईएमएस
मरीजों को दवा व इलाज कराई जा रही मुहैया
बरसाती मौसम में वायरल इंफेक्शन बढ़ जाता है। इस कारण बुखार, खांसी, जुकाम, सिर व बदन दर्द के केस ज्यादा आ रहे हैं। आपातकालीन विभाग में 750 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। दोपहर के समय ओपीडी के बाद मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। यहां आने वाले मरीजों को इलाज व दवा मुहैया कराई जा रही है।
- डॉ. संदीप कुमार, डीएमएस, आपातकालीन विभाग, पीजीआईएमएस
सावधानी जरूरी
बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। खांसने व छींकने वाले से उचित दूरी बनाएं। मौसमी बीमारियों व महामारी पर अंकुश के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। जिले में कोविड-19 संक्रमण के मामले लगातार घट रहे हैं। महामारी की गति धीमी पड़ गई है। इसके बावजूद हमें सतर्क रहने की जरूरत है। लापरवाही नुकसानदायक साबित हो सकती है। मास्क का प्रयोग करें। सामाजिक दूरी का पालन करें। हाथ बार-बार सैनिटाइजर या साबुन से धोएं। अनावश्यक रूप से भीड़ का हिस्सा न बनें। तंग बाजारों में जाने से बचें।
- कैप्टन मनोज कुमार, उपायुक्त