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Rohtak News: भैणी सुरजन के ग्रामीणों ने की आपातकालीन बैठक
Sat, 30 Aug 2025 03:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 30 Aug 2025 03:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
महम। जलभराव से जूझ रहे भैणी सुरजन गांव स्थिति रोज चिंताजनक होती जा रही है। सैमाण की ओर से आने वाले पानी को रोकने के लिए लगाया गया बंधा टूट जाने से ग्रामीणों को घरों में पानी घुसने का डर सता रहा है।
ग्रामीणों ने शुक्रवार को गांव की चौपाल में आपातकालीन बैठक का आयोजन किया। ग्रामीण धर्मबीर बड़ाली, संजीत, दीपक, कृष्ण आदि का कहना है कि गांव के चारों ओर बंधा बनाने के लिए मशीन मंगाई गई थी लेकिन खराबी आने के कारण कार्य शुरू नहीं किया जा सका।
ग्रामीण अफसरों से बार-बार बड़ी मोटर लगाने की मांग कर रहे हैं। अभी तक बड़ी मोटर उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। उधर, प्रशासन पानी निकालने का रास्ता तलाश रहा है।
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जेई जयदीप राठी का कहना है कि फिलहाल जिस माइनर से वापस नहर में पानी डाला जा रहा है उसकी क्षमता सीधा पानी चलने के लिए 15 क्यूसेक की है लेकिन उल्टा नहर की तरफ पानी ले जाया जा रहा है इसलिए 13 क्यूसेक पानी चल रहा है। अगर इसमें बड़ी मोटर लगा दी तो माइनर टूटने का खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि पानी निकालने के लिए ड्रेन खोदे जाने की योजना बनाई जा रही है।
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महम। जलभराव से जूझ रहे भैणी सुरजन गांव स्थिति रोज चिंताजनक होती जा रही है। सैमाण की ओर से आने वाले पानी को रोकने के लिए लगाया गया बंधा टूट जाने से ग्रामीणों को घरों में पानी घुसने का डर सता रहा है।
ग्रामीणों ने शुक्रवार को गांव की चौपाल में आपातकालीन बैठक का आयोजन किया। ग्रामीण धर्मबीर बड़ाली, संजीत, दीपक, कृष्ण आदि का कहना है कि गांव के चारों ओर बंधा बनाने के लिए मशीन मंगाई गई थी लेकिन खराबी आने के कारण कार्य शुरू नहीं किया जा सका।
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ग्रामीण अफसरों से बार-बार बड़ी मोटर लगाने की मांग कर रहे हैं। अभी तक बड़ी मोटर उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। उधर, प्रशासन पानी निकालने का रास्ता तलाश रहा है।
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जेई जयदीप राठी का कहना है कि फिलहाल जिस माइनर से वापस नहर में पानी डाला जा रहा है उसकी क्षमता सीधा पानी चलने के लिए 15 क्यूसेक की है लेकिन उल्टा नहर की तरफ पानी ले जाया जा रहा है इसलिए 13 क्यूसेक पानी चल रहा है। अगर इसमें बड़ी मोटर लगा दी तो माइनर टूटने का खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि पानी निकालने के लिए ड्रेन खोदे जाने की योजना बनाई जा रही है।