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Rohtak News: पावर ग्रिड कंपनी व जिला प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों ने किया रोष प्रकट
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50-रोहतक के लघु सचिवालय में एसडीएम से मुलाकात करते ग्रामीण। संवाद
रोहतक। मदीना व आसपास के ग्रामीणों ने खेतों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन को लगाने वाली पावर ग्रिड कंपनी व जिला प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और डीसी व एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए 2 जून 2025 की मुआवजा पॉलिसी लागू करने की मांग की।
भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष संजीव आर्य ने कहा कि कई जिलों में पालिसी के अनुसार मार्केट रेट मुआवजा निर्धारित किया जा चुका है।
किसानों के खेतों से गुजरने वाली बिजली की हाईटेंशन लाइनों से किसानों के खेतों की कीमत में होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई हो रही थी लेकिन पावर ग्रिड मैनेजमेंट ने अपनी चतुराई से इसमें एक 29 अप्रैल 2026 को संशोधन कराया है। यह किसानों को मंजूर नहीं है। मुआवजा पालिसी के नए संशोधन से किसानों के वास्तविक मार्केट मूल्य तय होने में परेशानी होगी।
सरकार ने किसानों को 2024 और 2025 में ऐतिहासिक मुआवजा पॉलिसी बनाकर लागू की जिससे बहुत जिलों में किसानों को उनके वास्तविक मार्केट मूल्य से मुआवजा राशि का वितरण हो रहा है। देश से गुजर रही सभी हाइटेंशन लाइन का काम रोकने का काम किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि उनकी जमीन का वास्तविक मूल्य किसी लॉटरी सिस्टम के माध्यम से तय नहीं होना चाहिए। हरियाणा सरकार इस लॉटरी सिस्टम प्रणाली को वापस लें अन्यथा जल्द ही प्रदेशस्तरीय आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इस ग्रामीण सुरेश, बलजीत सिंह, संजय कुमार, रणबीर सिंह, जितेंद्र, जगदीश, राहुल, जयसिंह व अन्य मौजूद रहे।
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भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष संजीव आर्य ने कहा कि कई जिलों में पालिसी के अनुसार मार्केट रेट मुआवजा निर्धारित किया जा चुका है।
किसानों के खेतों से गुजरने वाली बिजली की हाईटेंशन लाइनों से किसानों के खेतों की कीमत में होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई हो रही थी लेकिन पावर ग्रिड मैनेजमेंट ने अपनी चतुराई से इसमें एक 29 अप्रैल 2026 को संशोधन कराया है। यह किसानों को मंजूर नहीं है। मुआवजा पालिसी के नए संशोधन से किसानों के वास्तविक मार्केट मूल्य तय होने में परेशानी होगी।
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सरकार ने किसानों को 2024 और 2025 में ऐतिहासिक मुआवजा पॉलिसी बनाकर लागू की जिससे बहुत जिलों में किसानों को उनके वास्तविक मार्केट मूल्य से मुआवजा राशि का वितरण हो रहा है। देश से गुजर रही सभी हाइटेंशन लाइन का काम रोकने का काम किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि उनकी जमीन का वास्तविक मूल्य किसी लॉटरी सिस्टम के माध्यम से तय नहीं होना चाहिए। हरियाणा सरकार इस लॉटरी सिस्टम प्रणाली को वापस लें अन्यथा जल्द ही प्रदेशस्तरीय आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इस ग्रामीण सुरेश, बलजीत सिंह, संजय कुमार, रणबीर सिंह, जितेंद्र, जगदीश, राहुल, जयसिंह व अन्य मौजूद रहे।